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बदलेगा धन जुटाने का तरीका!

मेघा मनचंदा / नई दिल्ली June 09, 2020

कोरोनावायरस के हमले को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के लिए धन जुटाने के तरीके पर नए सिरे से रणनीति तैयार की जा सकती है। एनएचएआई के वित्तपोषण में बदलाव के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही एक समिति का गठन कर दिया है और भविष्य में निवेश बढ़ाने के लिए प्राधिकरण द्वारा गैर परंपरागत विचार मांगे जा सकते हैं।

एक अधिकारी ने कहा, 'हमारी भविष्य की कवायदों के लिए हमने विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञ लिए हैं, जो सलाहकार के रूप में काम करेंगे। हमें यह भी उम्मीद है कि एनआईआईएफ (नैशनल इन्वेस्टमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड) से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए 50,000 करोड़ रुपये मिल जाएंगे।'

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के पूर्व सदस्य नीलेश साठे की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति एनएचएआई के लिए धन जुटाने के तरीकों पर विचार करेगी।

केंद्र को लगता है कि इस समय निवेशक सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं और वे उद्योग एवं व्यापार में निवेश करने में जोखिम देख रहे हैं। निवेशकों का भरोसा डगमगाया हुआ है, ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि वह इस क्षेत्र में कम लागत पर पूंजी ला सकती है। इसके लिए वित्त मंत्रालय व भारतीय रिजर्व बैंक से आवश्यक मंजूरियों की जरूरत होगी। निवेशक भी चाहते हैं कि वे रियल एस्टेट से अपना निवेश हटाएं, जो इसस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

केंद्र सरकार ने पहले ही निजी फर्मों को अपना बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) बनाने को मंजूरी दे दी है। ऐसी 3-4 कंपनियां हैं, जिन्होंने पहले ही इसके स्रोत तलाशना शुरू कर दिया है।

इनविट की तरह तमाम और मॉडल से इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावना है। इनमें टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी), बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी), इंजीनियरिंग-खरीद-निर्माण (ईपीसी) और हाइब्रिड एन्युटी (एचएएम) शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, 'इन मार्गों से हमारी कवायद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लाने की भी है। हम इम मॉडलों का इस्तेमाल समय समय पर करेंगे, जो आर्थिक व्यवहार्यता पर निर्भर होगा।'

इनविट म्युचुअल फंड की तरह हैं, जिनके माध्यम से व्यक्ति या किसी संस्थागत निवेशक की ओर से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश लाया जा सकता है, जिससे उन्हें मुनाफे के रूप में लाभ का एक हिस्सा मिलता है।

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