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जेट एयरवेज को नई बोली में मिले चार और अभिरुचि पत्र

अनीश फडणीस और सुब्रत पांडा / मुंबई May 29, 2020

जेट एयरवेज को खुद को उबारने के लिए खरीदार ढूंढने के चौथे प्रयास में चार कंपनियों से नए अभिरुचि पत्र (ईओआई) मिले हैं। इसके अलावा सिनर्जी ग्रुप से निरंतरता पत्र मिला है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। मुश्किल दौर से गुजर रही इस विमानन कंपनी के लिए अभिरुचि पत्र सौंपने की अंतिम तिथि आज खत्म हो जाएगी। सूत्रों ने कहा कि कंपनी को कुल 6 से 7 अभिरुचि पत्र मिल सकते हैं। कंपनी पिछले एक साल से अपना खरीदार ढूंढने की कोशिश कर रही है।

ब्रिटेन की कालरॉक कैपिटल, हैदराबाद की टर्बो एविएशन, अल्फा एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड और कनाडाई नागरिक सिवा रासिह ने जेट में रुचि दिखाई है और अपने अभिरुचि पत्र सौंपे हैं। समाधान पेशेवर (आरपी) की तरफ से कंपनी को उबारने के लिए कोई खरीदार ढूंढने की यह अंतिम कोशिश हो सकती है। जेट ने पिछले साल अप्रैल में परिचालन बंद किया था। कंपनी की दिवालिया प्रक्र्रिया जून 2019 में शुरू हुई थी।

दक्षिण अमेरिका के सिनर्जी ग्रुप ने फिर से इस विमानन कंपनी को उबारने में रुचि दिखाई है। सिनर्जी ग्रुप ने बोली के सभी चरणों में हिस्सा लिया है मगर यह अब तक विमानन कंपनी को उबारने के लिए कोई ठोस योजना पेश नहीं कर सका। इसे घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर स्लॉट के मुद्दे पर कुछ आपत्तियां हैं।

जेट के ऋणदाताओं ने अपनी पिछली ऋणदाताओं की समिति की बैठक में ताजा अभिरुचि पत्र मंगाने का फैसला लिया था और बोली के मापदंडों में संशोधन किया था। इस बार 500 करोड़ रुपये के नेटवर्थ वाले इच्छुक पक्षों को अभिरुचि पत्र सौंपने की मंजूरी दी गई थी। 

ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि ऋणदाताओं ने महसूस किया कि लिक्विडेशन से उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। इससे पहले दिवालिया न्यायाधीकरण ने जेट की कंपनी दिवालिया समाधान प्रक्र्रिया की अवधि 90 दिन बढ़ाई थी। जेट की 270 दिन की कंपनी दिवालिया समाधान प्रक्रिया मार्च के मध्य में खत्म हो गई। एनसीएलटी पहले ही कह चुका है कि कंपनी दिवालिया समाधान प्रक्रिया में लॉकडाउन की अवधि को शामिल नहीं किया जाएगा।

समाधान पेशेवर ने इस महीने की शुरुआत में एक्सचेंजों को सूचित किया था कि जेट की कंपनी दिवालिया समाधान प्रक्रिया पूरी करने की संशोधित समयसीमा अब 21 अगस्त 2020 है, बशर्ते कि महाराष्ट्र राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन की अवधि न बढ़ाई जाए क्योंकि ऐसा हो सकता है।

जेट एयरवेज के मुख्य रणनीतिक अधिकारी राजेश प्रसाद ने कहा, 'वैश्विक विमानन उद्योग दिवाला होने के कगार पर है। यह अनुमान है कि कम से कम 14,000 विमानों का परिचालन बंद हो जाएगा। इसलिए ओईएम, लीजिंग कंपनियों, मरम्मत सुविधा प्रदाताओं आदि से बेहतर नियम एवं शर्र्तों पर सौदेबाजी करने का उचित समय है। विमानन ईंधन के दाम भी आकर्षक हैं। परिचालन लागत इतनी अनुकूल है, जितनी पहले कभी नहीं रही। अगर यात्री भार में कमी भी आती है तो मुनाफे की संभावनाएं अच्छी बनी हुई हैं।' उन्होंने कहा कि इसके अलावा एनसीएलटी के तहत जेट के संभावित समाधान आवेदक को न पुरानी लागत और न ही पुरानी देनदारी चुकानी होगी। यह ब्रांड अब भी लोगों के जेहन में है, इसलिए जेट आकर्षक नजर आ रही है।

इस बंद विमानन कंपनी पर मार्च तक 20,000 दावों के तहत कुल 37,000 करोड़ रुपये के दावे किए जा चुके हैं। कामगारों एवं कर्मचारियों ने 1,400 करोड़ रुपये से अधिक का दावा किया है। वहीं वित्तीय ऋणदाताओं ने 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का दावा किया है।

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