बिजनेस स्टैंडर्ड - आईपीओ बाजार में कमजोरी रहेगी बरकरार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, July 05, 2020 12:18 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

आईपीओ बाजार में कमजोरी रहेगी बरकरार

सुंदर सेतुरामन / मुंबई May 27, 2020

आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) बाजार में सुस्ती बरकरार रहने की आशंका है। निवेश बैंकों का कहना है कि भले ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कई तरह की रियायतें दी हैं, लेकिन आईपीओ बाजार में छाई उदासी इस साल के अंत तक बरकरार रह सकती है। बैंकों का कहना है कि दूसरी तरफ, मजबूत सूचीबद्घ कंपनियों के शेयरों के लिए दिलचस्पी बनी हुई है।

पिछले महीने सेबी ने उन आईपीओ के संदर्भ में वैधता 6 महीने तक बढ़ाने का निर्णय लिया था, जो 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच समाप्त हो रही थी। बाजार नियामक के इस कदम से उन लगभग एक दर्जन कंपनियों को फायदा होने की संभावना है, जो कुल मिलाकर लगभग 15,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना तलाश रही थीं। इनमें श्रीराम प्रॉपर्टीज, बजाज एनर्जी, ऐंजल ब्रोकिंग, और इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी जैसी कंपनियां मुख्य रूप से शामिल हैं।

निवेश बैंकरों का कहना है कि हालांकि इस अवधि को बढ़ाया जाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन कई कंपनियां बाजार में विपरीत हालात की वजह से अपनी आईपीओ योजनाओं को टालने का निर्णय ले चुकी हैं।

एडलवाइस फाइनैंशियल सर्विसेज में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख जिबी जैकब ने कहा, 'आईपीओ बाजार सामान्य तौर पर द्वितीयक बाजारों पर ध्यान केंद्रित करता है। जब तक द्वितीयक बाजार फिर से मजबूत नहीं होंगे, आईपीओ कोष उगाही में सुस्ती बनी रहेगी। लेकिन यदि द्वितीयक बाजार अगले कुछ महीनों में सकारात्मक होंगे, कुछ कंपनियों को आईपीओ वैधता के संदर्भ में सेबी की नरमी का लाभ मिल सकेगा।'

प्रमुख सूचकांक जनवरी की अपनी ऊंचाई से 48 फीसदी टूट चुके हैं। मौजूदा समय में सेंसेक्स साल में अब तक के आधार पर 26 फीसदी नीचे है।

प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा, 'सब कुछ इस पर निर्भर है कि मौजूदा लॉकडाउन कब तक चलेगा। भले ही व्यवसाय मई के अंत तक पुन: शुरू हो जाएं, लेकिन फिर भी कंपनियों को आईपीओ के लिए तैयार होने में कई महीने लग जाएंगे।'

बाजार कारोबारियों का कहना है कि सेबी द्वारा आईपीओ के संदर्भ में समय-सीमा बढ़ाना महज एक पहलू है, क्योंकि आईपीओ लाने वाली कंपनियों के सामने अब अन्य चुनौतियां भी हैं।

एक निवेश बैंकर ने कहा, 'पूरे बाजार का मूल्यांकन नीचे आया है। इसलिए, पिछले साल आईपीओ के लिए अपने आवेदन कर चुकीं कंपनियों और प्रवर्तकों को अपनी उम्मीदें घटानी होंगी। इस वजह से कई कंपनियां कमजोर मूल्यांकन पर शेयर बिक्री करने के बजाय इंतजार करना चाहेंगी।'

निवेश बैंकों का कहना है कि यह वर्ष आईपीओ बाजार के लिए खराब वर्ष साबित हो सकता है। 2020 में अब तक सिर्फ एक कंपनी एसबीआई काड्र्स ऐंड पेमेंट सर्विसेज अपना आईपीओ लाने में सफल रही है। कंपनी का शेयर भाव मौजूदा समय में निर्गम कीमत के 30 फीसदी नीचे है, जिससे आईपीओ निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

बैंकों का कहना है कि हालांकि अच्छे रिकॉर्ड वाली सूचीबद्घ कंपनियां सही, पात्र संस्थागत नियोजनों और अन्य कोष उगाही विकल्पों के जरिये बाजार का लाभ उठाने में सक्षम होंगी।

स्वतंत्र पूंजी बाजार पेशेवर प्रांजल श्रीवास्तव का कहना है, 'निवेशक ऐसी कंपनी में निवेश को लेकर आशंकित बने रहेंगे जिसमें सार्वजनिक जानकारी सीमित हो। निवेशक दिलचस्पी का आकलन करने के लिए कंपनियों को सेकंडरी बाजार में कोष उगाही पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। यदि सेकंडरी बाजार में निर्गम को अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो इसकी ज्यादा संभावना होगी कि आईपीओ बाजार में तेजी आ सकती है।'

एक अन्य बैंकर ने कहा, 'लॉकडाउन की वजह से कई कंपनियों की व्यावसायिक और वित्तीय स्थिति में बदलाव आया है। कुछ कंपनियों के संदर्भ में इसे लेकर संदेह बना हुआ है कि क्या वे अपने कोविड-पूर्व स्तरों पर पुन: पहुंचने में सफल रहेंगी या नहीं।'

Keyword: Sebi, IPO, Stock Exchange, Equity, स्टॉक एक्सचेंज, आरंभिक सार्वजनिक पेशकश, निवेश बैंक, आईपीओ बाजार,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

निजी बैंकों से दूरी बना रहे फंड प्रबंधक

Investmentsनिजी क्षेत्र के बैंकों को लेकर घरेलू म्युचुअल फंड (एमएफ) प्रबंधकों का लगाव

अस्पताल कंपनियों की सेहत पर रहेगा दबाव

एफपीआई ने जून में किया 17,985 करोड़ रुपये निवेश

बाजार में सुधार से भी पीएसयू शेयरों में नहीं उत्साह

क्या तीसरी बार भी भाग्यशाली होगा निफ्टी-50 इंडेक्स?

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.