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आगे की रणनीति बताएं प्रधानमंत्री : राहुल गांधी

अर्चिस मोहन / नई दिल्ली May 26, 2020

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि दो महीने से अधिक समय तक लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का मकसद विफल रहा है और यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सार्वजनिक स्तर पर नजर नहीं आ रहे हैं।

राहुल ने यह मांग की कि सरकार आने वाले हफ्तों में कोरोनावायरस फैलने से रोकने की रणनीति के बारे में भी बताए, लॉकडाउन का मौजूदा चरण 31 मई को खत्म हो रहा है, ऐसे में सरकार की क्या योजना है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल के लॉकडाउन असफल रहने के बयान को खारिज करते हुए कहा कि लॉकडाउन लगाए जाने से पहले कोरोनावायरस संक्रमण की दर तीन दिन में दोगुनी हो रही थी जबकि अब इसमें 13 दिन का समय लग रहा है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि मोदी सरकार ने लॉकडाउन लगाने का जो फैसला लिया उसकी वजह से भारत, अमेरिका, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों के मुकाबले संक्रमण के कम भुक्तभोगी है। उन्होंने कहा कि जब देश कोविड-19 की महामारी से जूझ रहा है तब कांग्रेस राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस को नियंत्रित करने की भारत की कोशिशों की तारीफ दुनिया भर में हो रही है। वहीं राहुल ने कहा, 'प्रधानमंत्री स्वीकार करेंगे कि उनकी पहली योजना विफल रही। प्रधानमंत्री बैक फुट पर चले गए हैं और मैं उनसे फ्रंट फुट पर खेलने का अनुरोध करता हूं।' राहुल ने कहा कि पहले जो कुछ हुआ उसकी वह आलोचना नहीं करने जा रहे हैं क्योंकि उनकी दिलचस्पी आज में और कल क्या होगा उसमें है।

कांग्रेस नेता ने कहा, 'दो महीने पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम कोविड-19 के खिलाफ 21 दिन की लड़ाई लडऩे जा रहे हैं। यह उनकी उम्मीद थी कि हम 21 दिन में वायरस को हराएंगे।'

राहुल ने संवाददाता सम्मेलन में यह सवाल पूछा, 'देश में लॉकडाउन को खोलने के बारे में क्या रणनीति है? अब बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए वे क्या सावधानियां बरतेंगे? वे प्रवासी मजदूरों की कैसे मदद करेंगे? राज्य सरकारों और छोटे एवं मझोले उद्योगों का समर्थन कैसे करेंगे?'

उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि लॉकडाउन खत्म होने वाली स्थिति में महामारी कई गुना फैल जाएगी। कांग्रेस नेता ने गरीबों को 7,500 रुपये नकद देने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 'पूंजी' के जरिये मदद नहीं करती है तो हजारों लघु और मझोले स्तर के कारोबार करने वाले लोग दिवालिया हो जाएंगे।

जावडेकर ने कहा कि 3,000 ट्रेनों में 45 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा गया है। मजदूरों को नकदी देने की राहुल की मांग पर उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों मसलन उत्तर प्रदेश और कर्नाटक ने प्रवासी मजदूरों को नकदी दी है और पूछा कि कांग्रेस शासित किस राज्य ने ऐसा किया है।

राहुल ने कहा कि राज्य सरकारें इस बीमारी के खिलाफ बहादुरी से डटी थीं लेकिन उनके प्रयास में केंद्र से कोई मदद नहीं मिल रही थी। राहुल ने कहा कि न केवल लॉकडाउन अपने मकसद को हासिल करने में विफल रहा है और इस तथ्य को प्रधानमंत्री भी स्वीकार करेंगे लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब संक्रमण फैल रहा है तब इसे हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फ्रांस जैसे अन्य देशों ने संक्रमण का स्तर एकदम सपाट होने पर अपना लॉकडाउन हटाया लेकिन भारत में जब संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उस वक्त लॉकडाउन हटाया जा रहा है।

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