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कृषि, वाहन और एफएमसीजी कंपनियों के लिए बढ़ेगी मांग

राम प्रसाद साहू, उज्ज्वल जौहरी और श्रीपाद ऑटे / मुंबई 05 18, 2020

वित्त मंत्री द्वारा घोषित कई उपायों के साथ साथ शानदार रबी पैदावार और ग्रामीण भारत में कोविड-19 महामारी के कम प्रभाव की वजह से ग्रामीण आय में सुधार आने की संभावना है। कृषि पर ध्यान जरूरी है क्योंकि राहत पैकेज की दूसरी और तीसरी किस्त में 65-70 फीसदी आवंटन कृषि क्षेत्र से संबंधित है। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान सरकार द्वारा 74,300 करोड़ रुपये की उपज खरीद जैसे उपायों के साथ साथ मौजूदा खरीद से कृषि को मदद मिलनी चाहिए।

फसल पैदवार ग्रामीण भारत के लिए विकास का मुख्य वाहक है, जिसे देखते हुए फसल वर्ष 2019-2020 में अनाज उत्पादन 29.567 करोड़ टन के सर्वाधिक ऊंचे स्तर पर रहना सकारात्मक रुझान है।

16 मई तक 16,394 करोड़ रुपये के वितरण के साथ पीएम किसान कार्यक्रम के आवंटन के अलावा ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के लिए 40,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन के साथ कुल एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन अन्य सकारात्मक बदलाव हैं।

इक्रा के वरिष्ठ समूह उपाध्यक्ष सुब्रत राय कहते हैं, 'कुल मिलाकर, कृषि गतिविधियों और रबी फसल की सुरक्षित पैदावार में सक्षम बनाने के लिए सरकार द्वारा घोषित कदमों से कृषि समुदाय पर लॉकडाउन का प्रभाव सीमित होगा। घोषित ढांचागत सुधारों से मध्यावधि से दीर्घावधि के दौरान इस क्षेत्र को मदद मिलेगी।' हमारा विश्वास है कि ये कदम दोपहिया और ट्रैक्टर सेगमेंट के लिए सकारात्मक हैं।

क्रिसिल रिसर्च की निदेशक हेतल गांधी का कहना है कि कृषि उपज के अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी सुधार देखा जा सकता है, क्योंकि इस सेगमेंट की अभी भी ग्रामीण भारत में कम पैठ है। वाहन क्षेत्र के बारे में उनका मानना है कि दोपहिया को फायदा होगा, लेकिन कारों के लिए उन्हें ज्यादा सुधार के आसार नहीं हैं क्योंकि ये महंगे उत्पाद हैं।

ग्रामीण आय की अच्छी भागीदारी वाली एफएमसीजी कंपनियां अन्य थीम हैं, जिन पर ज्यादातर ब्रोकर दांव लगा रहे हैं। जहां कोविड-19 महामारी का अब तक भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था पर कम प्रभाव दिखा है, वहीं ऐक्सिस सिक्योरिटीज में मुख्य निवेश अधिकारी नवीन कुलकर्णी का कहना है कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा सामान्य मॉनसून की ताजा भविष्यवाणी का मतलब है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन शहरी अर्थव्यवस्था की तुलना में ज्यादा बेहतर रहने की संभावना है।

उनका कहना है कि कृषि क्षेत्र से संबंधित ताजा प्रस्तावों के बाद यह थीम मजबूत हो गया है। हालांकि ये सकारात्मक रुझान हैं, लेकिन शहरी बाजारों में कमजोरी, मजदूरों के पलायन और कम गैर-कृषि ग्रामीण आय से ग्रामीण खपत का गणित बिगड़ सकता है।

वाहन एवं कृषि उपकरण वाहन क्षेत्र में, सबसे बड़ा लाभार्थी ट्रैक्टर सेगमेंट होगा। जहां बाजार दिग्गज एमऐंडएम के साथ साथ ऐस्कॉट्र्स प्रमुख लाभार्थी होंगी, वहीं वीएसटी टिलर्स टैक्टर्स को भी बड़ी मदद मिलने की संभावना है। एस्कॉट्र्स के समूह सीएफहो भरत मदान का कहना है, 'मंडियों के खुलने, सरकार द्वारा अनाज की आक्रामक खरीदारी, और बैंकों तथा एनबीएफसी में भी काम शुरू होने से मांग में अल्पावधि सुधार का संकेत मिलता है। भविष्य में, हमें अन्य क्षेत्रों के मुकाबले ट्रैक्टर उद्योग में ज्यादा तेजी से सुधार के आसार दिख रहे हैं।' अन्य सेगमेंट में एंट्री-लेवल दोपहिया शामिल है जिसमें हीरो मोटोकॉर्प को लाभ मिलने की संभावना है।

कृषि उत्पाद

रबी फसल की खरीद के लिए सरकार के कदम, किसानों को नकदी स्थानांतरण, और किसान क्रेडिट कार्ड अन्य ऐसे बदलाव हैं जिनसे कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सामान्य मॉनसून की भविष्यवाणी, बीज, कृषि रसायन, उर्वरक कंपनियों के लिए आगामी खरीफ सीजन के परिदृश्य में बड़ा सुधार आया है। आईआईएफएल के आंकड़े के अनुसार उर्वरक की अप्रैल बिक्री सकारात्मक रुझान है। प्रमुख बिक्री अप्रैल 2020 में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत तक बढ़ी, जबकि अन्य संबंधित बिक्री में 45 फीसदी की तेजी आई। कोरोमंडल की स्वयं निर्मित एनपीके और डीएपी उर्वरकों की बिक्री अप्रैल 2020 में 350 फीसदी बढ़ी जिससे कंपनी को पूरे भारतीय बाजार में अपनी भागीदारी एक साल पहले के 3.7 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी पर पहुंचाने में मदद मिली है। सिर्फ उर्वरक बिक्री ही नहीं बल्कि फसल सुरक्षा रसायनों के इस्तेमाल में भी सुधार दिख रहा है जिससे रैलिस इंडिया, यूपीएल, धानुका एग्रीटेक, और पीआई इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां लाभान्वित हो रही हैं।

एफएमसीजी

एफएमसीजी क्षेत्र में ग्रामीण राजस्व की बड़ी भागीदारी वाली कंपनियां शहरी-केंद्रित कंपनियों के मुकाबले बेहतर वृद्घि दर्ज कर सकती हैं। मजबूत ग्रामीण वितरण वाली डाबर और एशियन पेंट्स जैसी कंपनियां अपने संबद्घ सेगमेंट में दूसरों से अलग बनी रह सकती हैं। डाबर ने पिछली कुछ तिमाहियों से अपनी ग्रामीण पहुंच में शानदार इजाफा किया है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के अनुसार, अन्य कंपनियों की बात की जाए तो मैरिको को अच्छा फायदा मिलने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज का कहना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मदद मुहैया कराने के लिए सरकार के राहत पैकेज से उपभोक्ताओं के हाथ में खर्च करने योग्य ज्यादा आय आएगी, जिससे मैरिको के उत्पादों के लिए मांग बढ़ेगी।


बाजार हलचल

आरआईएल बनी सर्वाधिक भारांक वाली कंपनी

अपने शेयर कीमत में ताजा तेजी के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) निफ्टी और सेंसेक्स सूचकांकों में सबसे ज्यादा भारांक वाली कंपनी बन गई है। एक ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषकों के अनुसार, आरआईएल लगभग एक दशक के बाद अब ब्लू-चिप सूचकांकों में सबसे मूल्यवान शेयर बन गया है। वर्ष के शुरू के दौरान इस संदर्भ में शीर्ष पर रहा एचडीएफसी बैंक अपने लोकप्रिय निर्गम के बावजूद फिसलकर दूसरे पायदान पर आ गया है। दिलचस्प बात यह है कि 2015 में आरआईएल इस संदर्भ में शीर्ष-5 में भी शामिल नहीं थी। विश्लेषकों का कहना है कि जब राइट्स इश्यू पूरा हो जाएगा, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली इस कंपनी का भारांक और ज्यादा बढ़ जाएगा। समी मोडक

मिड और स्मॉलकैप का प्रदर्शन हुआ बेहतर

प्रमुख सूचकांकों मिडकैप और स्मॉलकैप ने इस महीने अब तक निफ्टी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले सप्ताह निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों ने अच्छी तेजी दर्ज की जबकि निफ्टी में 1 फीसदी की कमजोरी आई। इस महीने अब तक इन सूचकांकों में 3.5 फीसदी की कमी आई है जबकि निफ्टी में यह गिरावट 7.3 फीसदी है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कारोबारी अपना ध्यान प्रमुख सूचकांक के शेयरों पर केंद्रित कर रहे हैं। एक डेरिवेटिव विश्लेषक ने कहा, 'निफ्टी में नरमी दिखने से अब कारोबारियों का ध्यान मिडकैप की ओर केंद्रित हो गया है। यह रुझान बरकरार रह सकता है क्योंकि आगामी सप्ताह में निफ्टी में समेकन बढऩे की संभावना है।' सुंदर सेतुरामन

Keyword: Agriculture, Automobile, FMCG, Investment, कृषि, वाहन, एफएमसीजी, पीएम किसान कार्यक्रम, ग्रामीण रोजगार, मनरेगा,
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