बिजनेस स्टैंडर्ड - लॉकडाउन: कोई चाहें ढील, कोई मांगे सख्ती
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, September 21, 2021 04:53 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

लॉकडाउन: कोई चाहें ढील, कोई मांगे सख्ती

अर्चिस मोहन / नई दिल्ली May 15, 2020

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन वाले राज्यों समेत देश की ज्यादातर राज्य सरकारों ने केंद्र से सिफारिश की है कि वे देशव्यापी लॉकडाउन को कम से कम दो सप्ताह तक और बढ़ाएं क्योंकि संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। हालांकि राज्यों ने कुछ क्षेत्रों में नरमी बरतने का भी सुझाव दिया, जिससे अर्थव्यवस्था को उबारा जा सके।

आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की मजबूरियों को देखते हुए आने वाला 'लॉकडाउन 4.0' 'जमीनी स्तर पर सामान्य स्थिति' को दर्शाने की कोशिश करेगा। आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, गुजरात, पंजाब और दिल्ली सभी तीनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के अधिकांश हिस्सों को फिर से शुरू करना चाहते हैं, हालांकि इसमें प्रतिबंधित जोन का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि प्रवासियों के वापस लौटने और कोविड-19 के बढ़ते प्रसार के कारण बिहार, झारखंड और ओडिशा सख्त लॉकडाउन को जारी रखने की मांग कर रहे हैं। 

भाजपा शासित असम ने केंद्र से सिफारिश की है कि वह 18 मई से कम से कम एक पखवाड़े तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का विस्तार करे, जबकि भाजपा शासित गोवा ने राज्य के लिए विशेष ट्रेन सेवाओं का विरोध किया है।

कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ ने भी श्रमिक विशेष ट्रेन के अलावा बाकी किसी भी रेल सेवा को शुरू करने का विरोध किया है। महाराष्ट्र सरकार चाहती है कि लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया जाए, लेकिन ग्रीन तथा ऑरेंज जोन में अधिक आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जाए।

कांग्रेस शासित राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब ने रेड जोन समेत सभी क्षेत्रों में आवश्यक तथा गैर-आवश्यक, सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि केवल 'प्रतिबंधित क्षेत्रों' में रोक होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्यों से कहा था कि वे सोमवार से लागू होने वाले लॉकडाउन 4.0 के लिए अपनी रणनीतियों पर केंद्र को अपने सुझाव भेजें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि नए दिशानिर्देश पहले से ही साझा किए जाएंगे, और नवीनतम लॉकडाउन की रूपरेखा पिछले तीन संस्करणों से अलग होगी।

पहली बार 25 मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया था और लॉकडाउन का वर्तमान चरण 17 मई को समाप्त हो रहा है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने केंद्र से 18 मई के बाद दो सप्ताह तक लॉकडाउन का विस्तार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में महामारी से उत्पन्न चुनौतियां बढ़ेंगी। सोनोवाल ने लोगों से न घबराने, धैर्य दिखाने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील करते हुए कहा, 'यह हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी।'

केंद्र को भेजे अपने सुझावों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को हर जगह शुरू किया जाना चाहिए, हालांकि प्रतिबंधित जोन का ध्यान रखा जाए। उन्होंने शोरूम और वर्कशॉप खोलने के साथ ही गैर-आवश्यक वस्तुओं की ई-कॉमर्स डिलिवरी का भी सुझाव दिया।

बघेल ने कहा कि होटलों में मेहमानों को आने दिया जाए। हालांकि शादियों, स्पा आदि को बंद रखा जाए। दूसरे राज्यों की तरह ही छत्तीसगढ़ ने कहा कि जोन को वर्गीकृत करने की शक्ति उनके पास होनी चाहिए तथा केंद्र को दिशानिर्देश देने चाहिए। राज्य ने सार्वजिनक परिवहन पर प्रतिबंध जारी रखने की सिफारिश के साथ फंसे हुए प्रवासियों के लिए अंतर-राज्य परिवहन की सिफारिश की।

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि राज्य मेट्रो सेवा फिर से शुरू करने का पक्ष में है, लेकिन फैसला केंद्र को करना होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ाने तथा राज्य के ऑरेंज और ग्रीन जोन में अधिक ढील संबंधी सुझाव देने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ बैठक की। 11 मई को राजस्थान ने बिना पास वाले लोगों को जिलों में आने-जाने की अनुमति दी थी।

केरल मेट्रो सेवा, स्थानीय ट्रेन, घरेलू उड़ान, रेस्तरां और होटलों को फिर से खोलना चाहता है। कर्नाटक रेस्तरां, होटल और जिमों को दोबारा खोलना चाहता है। गुजरात भी अपने शहरी केंद्रों में सभी आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करना चाह रहा है। बिहार, झारखंड और ओडिशा लॉकडाउन कड़ाई से जारी रखना चाहते हैं क्योंकि प्रवासियों के लौटने से मामलों की संख्या बढऩे लगी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाया जाएगा। तमिलनाडु में सरकार ने 18 मई से छह दिन काम वाले सप्ताह की घोषणा की है और अपने सभी कार्यालयों में कर्मचारियों की मौजूदा 33 प्रतिशत संख्या को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। हरियाणा में शुक्रवार से बहाल हुई बस सेवा के कारण कुछ यात्री हरियाणा रोडवेज बस स्टैंड पर आए। राज्य सरकार ने चुनिंदा मार्गों पर विशेष बस सेवा शुरू करने का फैसला किया था। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रेलवे से कहा है कि विशेष ट्रेनों का मडगांव स्टेशन पर रुकना बंद कर दिया जाए क्योंकि राज्य में एक महीने से भी अधिक समय के अंतराल पर कोरोनावायरस के नए मामले दर्ज हुए हैं। उन्होंने कहा कि मडगांव में उतरने के लिए 720 लोगों ने ट्रेन में टिकट बुक किया है। हमें पता चला है कि इनमें से शायद ही कोई गोवा वासी हो।

Keyword: Lockdown, Relief, States, Production, Labour, Workers, लॉकडाउन, ढील, भाजपा, संक्रमण, कोविड-19,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या धातुओं की मांग घटने से कंपनियों के लाभ पर पड़ेगा असर?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.