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कोरोनावायरस : आयुर्वेदिक दवा होगी कारगर?

सोहिनी दास और विनय उमरजी /  05 13, 2020

दुनिया में (एचसीक्यू) का सबसे बड़ा निर्माता भारत अब अपने स्वास्थ्यकर्मियों पर अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के प्रभाव का परीक्षण कर रहा है ताकि यह देखा जा सके कि क्या यह कोरोनावायरस के खिलाफ निवारक दवा के रूप में असरदार हो सकता है या नहीं। 

मुख्य रूप से रोग निरोधक दवा के तौर पर उन डॉक्टरों, नर्सों, वार्ड बॉय आदि पर संक्रमण से बचने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है जो सीधे तौर पर संक्रमितों के संपर्क में हैं। अब देश भर के करीब 10 अस्पतालों (पुणे, मुंबई, लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली) में अश्वगंधा टैबलेट की जांच के लिए दो तरह के परीक्षण शुरू किए गए हैं जिसके तहत अब हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के बजाय रोग निवारक दवा के रूप में इस टैबलेट का इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीजों को भी आयुर्वेदिक दवाओं का मिश्रण देकर परीक्षण किया जा रहा है।

आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी) मंत्रालय का कार्यबल कोरोनावायरस के मरीजों के लिए आयुर्वेदिक दवाओं के इस्तेमाल के लिए बहुविषयक रणनीति पर काम कर रही है। इस तरह के परीक्षणों के जरिये हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का एक विकल्प ढूंढा जा रहा है क्योंकि सरकार को आशंका है कि एक बार जब लॉकडाउन हटाया जाता है तब रोग निवारक दवा के रूप में इसकी मांग काफी बढ़ सकती है।

नाम न बताने की शर्त पर एक सरकारी अधिकारी ने बताया, 'हम भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के साथ-साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और अन्य के साथ चर्चा कर रहे हैं ताकि इलाज के संभावित विकल्पों की पहचान की जा सके जो वायरस के खिलाफ लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ज्यादा असरदार हो सकते हैं और वे रोग निवारक दवा के रूप में काम कर सकेंगे। लॉकडाउन में ढील दी जाएगी तब न केवल स्वास्थ्यकर्मियों बल्कि एक बड़ी आबादी की ओर से भी इस तरह के इलाज की मांग बढ़ेगी। हालांकि इस वक्त घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि फिलहाल देश में एचसीक्यू का पर्याप्त स्टॉक है।' फिलहाल भारत मोटे तौर पर हर महीने एचसीक्यू की लगभग 30 करोड़ टैबलेट बना रहा है। देश में इस दवा के दो सबसे बड़े निर्माताओं में से एक ने बताया, 'फिलहाल देश की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इसका पर्याप्त स्टॉक है। इसका निर्यात भी हो रहा है लेकिन उस पर सरकार का नियंत्रण है। एचसीक्यू के लिए दुनिया भर से मांग की जा रही है। इसके अलावा इस दवा के प्रभाव को लेकर भी शोध चल रहा है अगर इसका  परिणाम सकारात्मक रहा तो हम आगे और ज्यादा मांग की उम्मीद करते हैं।' उन्होंने कहा कि हालांकि एचसीक्यू के कई (100 से अधिक) लाइसेंस प्राप्त निर्माता हैं लेकिन इनमें से कोई भी छोटी इकाइयां अब बड़ी मात्रा में दवा नहीं बना पा रही हैं क्योंकि उनके पास दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाली दवा सामग्री (एपीआई) नहीं है।

आईपीसीए और कैडिला हेल्थकेयर दो सबसे बड़े खिलाड़ी हैं और वे एचसीक्यू के लिए अपना एपीआई बनाते हैं।

वैकल्पिक परीक्षण पर जोर रोग निवारक दवा के तौर पर आयुर्वेदिक दवाओं के विकल्प पर शोध करने के अलावा, एक और परीक्षण भी शुरू होना है जो कोविड-19 मरीजों पर आयुर्वेदिक दवाओं (पिपली, गुडूची, यष्टिïमधु और कुछ अन्य जड़ी बूटियों) के मिश्रण का परीक्षण है। देश भर में (ज्यादातर निजी अस्पतालों में) इससे जुड़ा तीन महीने का अध्ययन होगा और परीक्षण के लिए एक प्रोटोकॉल का मसौदा पहले ही तैयार किया जा चुका है।

इस बीच, गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 के मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी के परीक्षण के उत्साहजनक नतीजे देखने को मिले हैं। आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त एनएचएल मेडिकल कॉलेज केंद्र में कोविड-19 के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण चल रहा है।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन वाले तीन मरीजों में से दो मरीजों ने कोविड-19 से बेहतर रिकवरी में सफलता पाई है जिससे शुरुआती स्तर पर कामयाबी का संकेत मिलता है। प्लाज्मा थेरेपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें संक्रमित व्यक्तियों में कोविड-19 के ठीक हो चुके मरीजों के ऐंटीबॉडी युक्त रक्त से निकाले गए रक्त प्लाज्मा को ट्रांसफ्यूज किया जाता है। सूत्रों ने कहा, 'मोटे तौर पर 3-4 रोगियों में प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन किया गया जिनमें से दो मरीजों में सुधार दिखा। अब तक, छह मरीज जो कोविड-19  से ठीक हो चुके हैं उन्होंने क्लीनिकल परीक्षण के लिए अपना प्लाज्मा दिया है जबकि प्लाज्मा देने वाले अधिक लोगों की नामांकन की प्रक्रिया जारी है।'

क्लीनिकल ट्रायल शुरू

कोविड-19 के मरीजों पर ऐंटी वायरल दवा फैविपियरवीर पर तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने वाली भारत की पहली कंपनी ग्लेनमार्क फार्मा ने मंगलवार को कहा कि इस साल जुलाई या अगस्त तक यह शोध पूरा होने का अनुमान है। जापान की फूजीफिल्म तोयामा केमिकल कंपनी लिमिटेड के जेनेरिक संस्करण एविगन के फैविपियरवीर पर परीक्षण शुरू करने के लिए हाल ही में इसे देश के दवा नियामक से मंजूरी मिली थी  इसके क्लीनिकल परीक्षण शुरू हो गए हैं और अध्ययन के लिए भारत के 10 से अधिक अग्रणी सरकारी और निजी अस्पतालों को नामांकित किया जा रहा है ।


कोरोना : घटनाक्रम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबकि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोनावायरस संक्रमण के कारण 122 लोगों की मौत हो जाने के बाद इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,415 हो गई है और संक्रमण के 3,525 नए मामले सामने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 74,281 हो गई है

ब्रिक्स देशों के न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) ने कोरोनावायरस महामारी से लडऩे के लिए भारत को एक अरब डॉलर की आपातकालीन सहायता ऋण राशि दी है

देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को लाने के लिए रेल सेवा शुरू होने के बाद बुधवार को नई दिल्ली पहुंची पहली ट्रेन से गुजरात और राजस्थान से सैकड़ों यात्री यहां पहुंचे और आगे की यात्रा के लिए स्टेशन के बाहर परिवहन के साधन तलाशते नजर आए

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में बुधवार को कोरोनावायरस के संक्रमण के 41 नए मामले सामने आए जिनमें से ज्यादातर मामले कोलकाता स्थित जीआरएसईएल इकाई से हैं

कोरोनावायरस महामारी के बाद आए अतिरिक्त वित्तीय बोझ की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्ते समाप्त करने का फैसला किया है

देश में कोरोनावायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी से तीन और मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है। इसके साथ ही, जिले में इस महामारी की चपेट में आकर दम तोडऩे वाले लोगों की संख्या बढ़कर 95 पर पहुंच गई है

ओडिशा में बुधवार को 101 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए

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