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आरआईएल का प्रीमियम मूल्यांकन अब तक के सर्वोच्च स्तर पर

कृष्ण कांत / मुंबई 05 09, 2020

लार्जकैप में पीई गुणक के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा महंगे शेयरों में से एक बन गई है, लेकिन उच्च मूल्यांकन वाली एफएमसीजी कंपनियां मसलन हिंदुस्तान यूनिलीवर, ब्रिटानिया, नेस्ले और एशियन पेंट्स इसकी अपवाद है।

मौजूदा शेयर भाव पर आरआईएल अपनी पिछली आय के करीब 28 गुने पर कारोबार कर रही है जबकि बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 19.4 गुने पर। इसके परिणामस्वरूप व्यापक बाजार के मुकाबले आरआईएल का प्रीमियम मूल्यांकन 830 आधार अंकों की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया और इस तरह से इसने दिसंबर 2007 के 300 आधार अंकों की ऊंचाई को पीछे छोड़ दिया जब लीमन संकट के दौरान उसने सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की थी। एक फीसदी में 100 आधार अंक होते हैं।

गुरुवार को यह शेयर 3.1 फीसदी चढ़ा जबकि बेंचमार्क इंडेक्स 0.76 फीसदी टूट गया। प्रीमियम मूल्यांकन हालिया प्रगति है और उसकी ट्रेडिंग मोटे तौर पर व्यापक बाजार के मुकाबले छूट पर होती रही है। उदाहरण के लिए आरआईएल का 10 साल का औसत पीई गुणक 14.7 गुना है जबकि बीएसई सेंसेक्स का 20 गुना। इसमें बदलाव की शुरुआत दिसंबर 2019 में हुई और अप्रैल 2020 के दौरान इसका अंतर बढ़ा जब आरआईएल सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वालोंं में से एक थी।

23 मार्च को 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंची आरआईएल का शेयर उस स्तर से 72 फीसदी चढ़ चुका है और उस समय गिरावट दलाल पथ में कोविड-19 की पृष्ठभूमि में हुई बिकवाली के कारण दर्ज हुई थी।

ऐतिहासिक स्तर पर रिलायंस की ट्रेडिंग छूट पर हुई है क्योंकि उसका रिटर्न ऑन इक्विटी अपेक्षाकृत कम है। इसके जरिए कॉरपोरेट लाभ की माप होती है। उदाहरण के लिए आरआईएल का 15 साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 13.8 फीसदी था जबकि इंडेक्स कंपनियों का औसतन 17.5 फीसदी।

मूल्यांकन में हुई हालिया बढ़ोतरी की वजह हालांकि उसके आरओई में हुई बढ़त नहीं है। कंपनी ने मार्च 2020 में समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 39 फीसदी की गिरावट दर्ज की, जिससे वित्त वर्ष 2020 के लिए सालाना आधार पर आरओई में करीब 220 आधार अंकों की गिरावट आई। वित्त वर्ष 20 में यह अनुपात एक साल पहले के 11.6 फीसदी के मुकाबले घटकर 9.4 फीसदी रह गया। करीब दो दशक की यह कंपनी का सबसे कमजोर आरओई है।

उसकी तुलना में इंडेक्स कंपनियों का आरआईओ 12 फीसदी था, जो एक साल पहले के मुकाबले 50 आधार अंक कम है। विश्लेषकों को आशंका है कि इंडेक्स औसत रिटर्न अनुपात में और गिरावट आएगी क्योंकि कई लार्जकैप कंपनियां चौथी तिमाही के नतीजे घोषित करेगी।

विश्लेषक आरआईएल के प्रीमियम मूल्यांकन की वजह कंपनी के एकीकृत राजस्व व लाभ में उच्च मार्जिन और गैर-साइक्लिकल उपभोक्ता कारोबारों की बढ़ती हिस्सेदारी को बता रहे हैं जिसमें खुदरा व दूरसंचार शामिल है। कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिए रकम जुटाकर और रणनीतिक निवेशकों मसलन फेसबुक, बीपी और सऊदी अरामको को विभिन्न कारोबारों की हिस्सेदारी बेचकर कर्ज मुक्त होने की योजना का ऐलान किया है। नई इक्विटी से हालांकि आरओई में गिरावट का दबाव पड़ सकता है।


सेंसेक्स 199 अंक मजबूत, रिलायंस का शेयर उछला
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में बढ़त तथा सकारात्मक वैश्विक रुख से शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 199 अंक चढ़ गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 645.13 अंक तक चढ़ गया था। हालांकि, बाद में इसने अपना अधिकांश लाभ गंवा दिया। अंत में यह 199.32 अंक या 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 31,642.70 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 52.45 अंक या 0.57 फीसदी की बढ़त के साथ 9,251.50 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में सबसे अधिक चार फीसदी से अधिक का लाभ रहा। नेस्ले इंडिया, टेक महिंद्रा और सनफार्मा के शेयरों में भी बढ़त रही। सेंसेक्स की बढ़त में सबसे अधिक योगदान आरआईएल का रहा। भाषा

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