बिजनेस स्टैंडर्ड - ग्रामीण भारत पर टिकी मांग में सुधार की आस
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ग्रामीण भारत पर टिकी मांग में सुधार की आस

शैली सेठ मोहिले और विवेट सुजन पिंटो / मुंबई 05 07, 2020

कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए शहरी भारत का एक बड़ा हिस्सा लॉकडाउन में है जबकि ग्रामीण भारत में कोरोनावायरस का असर अपेक्षाकृत कम हुआ है। इसके साथ ही रिकॉर्ड रबी की पैदावार हुई है। इससे सुधार का दारोमदार ग्रामीण भारत के कंधों पर टिका है। विश्लेषकों का कहना है कि ग्रामीण बाजारों से अपनी आय का बड़ा हिस्सा हासिल करने वाली कंपनियों को विशेष तौर पर इसका लाभ मिलेगा।

गैर-लाभकारी ग्राहक शोध फर्म पीपल रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकनॉमी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी राजेश शुक्ला ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि बीते समय की तुलना में ग्रामीण भारत में 1 से 2 फीसदी ज्यादा की वृद्घि हो सकती है।' उनका मानना है कि अच्छी फसल और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के सरकारी उपायों से वृद्घि को बढ़ावा मिलेगा।

हालांकि केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है, 'ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास करने की प्रवृत्ति नहीं रही है और यह काफी कुछ इस पर निर्भर करेगा कि सरकार द्वारा उनकी किस फसल को किस दाम पर खरीदा जाएगा, साथ ही किसानों की आय और इलाके में विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र का भी अहम योगदान होगा।'

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है, शेष 50 फीसदी में छोटे एवं मझोले उपक्रमों के विनिर्माण और सेवाओं का योगदान होता है। इन फर्मों की किस्मत शहरी इलाकों में स्थित बड़ी कंपनियों से जुड़ी होती है। ऐसे में अगर शहरी अर्थव्यवस्था ठप रहती है तो ग्रामीण एसएमई भी प्रभावित होगी।

हालांकि वाहन, ट्रैक्टर और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी फर्मों का रुख आशावादी है। मजदूरों के वापस अपने गांव लौटने और अनुकूल मॉनसून के अनुमान से उन्हें खपत मांग बढऩे की उम्मीद है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा में कार्यकारी निदेशक (कृषि एवं ऑटोमोटिव क्षेत्र) राजेश जेजुरिकर ने कहा, 'रबी की अच्छी पैदावार, क्रय केंद्रों के खुलने और फसल की अच्छी कीमत के संकेत, जलाशयों का स्तर आदि कई सकारात्मक कारक दिख रहे हैं, जो ग्रामीण भारत में वाहन एवं ट्रैक्टरों की मांग में सुधार का संकेत देते हैं।'

उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों के खुलने से ट्रैक्टरों की मांग बबढ़ेगी, वहीं अच्छी फसल से किसानों की आय बढऩे से महिंद्रा बोलेरो और स्कॉर्पियो और महिंद्रा पिकअप की भी मांग बढ़ेगी। मौजूदा हालात में देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र ही थोड़ी आस बांधती नजर आता है। केंद्र सरकार ने पिछले महीने कहा था कि कृषि क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद को 0.5 से 1 फीसदी तक बढ़ा सकता है। नीति आयोग के सदस्य और कृषि अर्थशास्त्री रमेश चंद ने कहा कि कृषि क्षेत्र 3 फीसदी की वृद्घि दर्ज कर सकता है।

डाबर इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी मोहित मल्होत्रा ने कहा, 'जो लोग वापस अपने गांव आए हैं, वे जल्दी जाने वाले नहीं हैं। वे कम से कम मॉनसून सीजन तक गांव में ही रहेंगे और कृषि कार्य करेंगे। इससे खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की मांग बढ़ेगी।'

डाबर इंडिया की करीब 40 फीसदी बिक्री ग्रामीण इलाकों में होती है। कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण इलाकों में टूथपेस्ट और च्यवनप्राश की बिक्री में सुधार देखा गया है। अन्य को भी उम्मीद है कि शहरी भारत के लॉकडाउन रहने से ग्रामीण भारत अर्थव्यवस्था की गाड़ी को खींचेगा।

पारले प्रोडक्ट्स में वरिष्ठï कैटेगरी प्रमुख मयंक शाह ने कहा, 'लॉकडाउन में रियायत मिलने से उत्पादन और अंतिम छोर तक वितरण में सुधार हो रहा हैै। प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने की रफ्तार भी मई-जून तक थम जाएगी। जुलाई-सितंबर में ग्रामीण क्षेत्रों से मांग में सुधार होगा।'

शाह ने कहा, 'सरकार लोगों के जनधन खाते में नकद पैसा डाल रही है, जिससे उनकी अतिरिक्त आय होगी।' पारले की बिक्री में 35 फीसदी योगदान ग्रामीण इलाकों का है।

एस्कॉट्र्स में सेल्स, मार्केटिंग और उभारते कारोबार के मुख्य कार्याधिकारी शेनू अग्रवाल का मानना है कि ग्रामीण-केंद्रित कंपनियों के लिए यह अच्छा मौका है। उन्होंंने कहा, 'ग्रामीण मांग पूरी तरह से जरूरत आधारित होती है।' अग्रवाल ने कहा कि 20 से 30 अप्रैल के दौरान एस्कॉट्र्स ने 1,000 ट्रैक्टरों की बिक्री की। और अब कंपनी की 70 फीसदी डीलरशिप पूरी तरह से खुल गए हैं।

दोपहिया कंपनी हीरो मोटोकॉर्प को भी ग्रामीण इलाकों में मांग सुधरने की उम्मीद है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'हम अपने कार्यक्रम हर गांव, हर आंगन के जरिये ग्रामीण इलाकों में पहुंच रहे हैं और मांग का अनुमान लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही सर्विस हर जगह कार्यक्रम तथा आसान ऋण एवं लॉयल्टी लाभ के जरिये भी खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।'

Keyword: Demand, Rural India, Covid-19, Urban India, Lockdown, ग्रामीण भारत, मांग, कोविड-19, महामारी, शहरी भारत,
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