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तेजी से बढ़ रहा नकदी का प्रसार

अनूप राय / मुंबई May 07, 2020

कोविड-19 के बीच देश में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के बीच चालू कैलेंडर वर्ष के पहले चार महीनों में लोगों ने बड़े पैमाने पर अपने पास नकदी संभाल कर रखी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019 में लोगों ने जितनी नकदी जमा की थी, उतनी ही रकम का अंबार 2020 के पहले चार महीनों में लगा लिया है। इस वर्ष जनवरी से 1 मई के बीच देश में 2.66 लाख करोड़ रुपये मूल्य की नकदी प्रसार में थीं। वर्ष 2019 में जनवरी से दिसंबर के बीच नकदी प्रसार 2.40 लाख करोड़ रुपये बढ़ा था। वित्तीय तंत्र में अधिक नकदी ऐसे समय में आई है जब देश में आर्थिक गतिविधियां धड़ाम से गिरी हैं। आम तौर पर आर्थिक गतिविधियां बढऩे के साथ ही वित्तीय प्रणाली में नकदी का प्रसार बढ़ता है, क्योंकि लोगों को लेनदेन के लिए अधिक नकदी की जरूरत होती है। त्योहारों और चुनावों के दौरान भी नकदी की मांग बढ़ जाती है।

फिलहाल न तो आर्थिक गतिविधियां तेज हैं और न चुनाव या त्योहारों का मौसम है। ऐसे में नकदी की मात्रा बढऩे का सीधा मतलब निकलता है कि लोग बैंकों में रकम जमा करने के बजाय बड़े पैमाने पर नकदी निकाल रहे हैं और उन्हें अपने पास रख रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति मोटे तौर पर आर्थिक अनिश्चितताओं की ओर इशारा करती है। हालांकि नकदी का प्रसार बढऩा बैंकिंग नियामक आरबीआई के लिए एक कठिन चुनौती है।

बैंकों ने मंगलवार को आरबीआई के पास 8.53 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी जमा की थी। इसकी वजह यह है कि बैंक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं, इसलिए ऋण आवंटित करने के बजाय मात्र 3.75 प्रतिशत ब्याज हासिल करने के लिए आरबीआई के नकदी रख रहे हैं। हालांकि अगर लॉकडाउन खत्म होता है और आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं तो लोग नकदी का इस्तेमाल बढ़ाएंगे और दोबारा बैंकों में इसे जमा करेंगे। इससे बैंकिंग प्रणाली में नकदी बढ़ जाएगी। बैंक आने वाले समय मेंं उधारी देने में दरियादिली नहीं दिखाएंगे और न ही कंपनियां मौजूदा परिस्थितियों में अपने ऊपर कर्ज बोझ बढ़ाना चाहेंगी। बैंकों के पास लॉन्ग टर्म रीपो ऑपरेशंस (एलटीआरओ) के जरिये भी बड़ी मात्रा में रकम आई थ्थी। आरबीआई ने फरवरी और मार्च के बीच एलटीआरओ नीलामी के जरिये यह नकदी मुहैया कराई थी।

इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च में सौम्यजित नियोगी कहते हैं, 'असामान्य परिस्थितियों के बीच आरबीआई बैंकों को नियमित फरवरी और 15 मार्च के बीच हुई एलटीआरओ नीलामी के लिए कॉल ऑपशन देकर रकम लौटाने की अनुमति दे सकता है। इससे आरबीआई को भी राहत मिलेगी। बाद में नकदी की मांग बढऩे की स्थिति में फिर बैंक एलटीआरओ के माध्यम से उधार ले सकेंगे।' इससे कुछ हद तक चिंता जरूर कम होंगी, लेकिन बैंकों के पास फिर भी बड़ी मात्रा में नकदी शेष रह जाएगी।

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