बिजनेस स्टैंडर्ड - कोरोना से एच-1बी वीजा पर असमंजस
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 08, 2021 12:30 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम क्षेत्रीय खबर

कोरोना से एच-1बी वीजा पर असमंजस

देवाशिष महापात्र /  May 06, 2020

पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-मार्च अवधि में एच-1बी वीजा आवेदनों की संख्या ने तीन साल का उच्चतम स्तर छू लिया था लेकिन इस बार कोरोना संकट के कारण इनकी संख्या को लेकर बहुत अधिक अनिश्चितता पैदा हो गई है। हालांकि आईटी सेवा प्रदाता तथा वैश्विक कारोबार वाली कंपनियों ने कोविड-19 से पहले इसके लिए पंजीकरण में काफी रुचि दिखाई थी लेकिन विशेषज्ञों को इस बात पर संदेह है कि हालिया स्थिति में आखिर कितनी कंपनियां इसके लिए आवेदन करेंगी।

आव्रजन कानून से जुड़ी कंपनी लॉक्वेस्ट में मैनेजिंग पार्टनर पूर्वी चौटानी ने कहा, 'हमने एच1बी वीजा के लिए पंजीकरण के समय देखा कि कंपनियां काफी अधिक रुचि ले रही हैं। अब वीजा संबंधी अनुमोदन के लिए 30 जून तक आवेदन जमा करना है। यह कहना काफी मुश्किल होगा कि किस तरह की मांग देखने को मिलेगी। एक मुद्दा यह भी है कि कोविड-19 के बीच कई भारतीय कंपनियां अमेरिका में रद्द हो चुके सेवा अनुबंधों के साथ काम कर रही हैं।'

पिछले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर 2019-मार्च 2020) की अवधि के दौरान नई एच1बी वीजा आवेदनों की संख्या बढ़कर 1,58,300 हो गई थी। इस अवधि के दौरान कुल 2,16,783 आवेदनों पर गौर किया गया था। यह आंकड़ा तीन साल के उच्चतम स्तर पर था क्योंकि अधिक मांग के चलते कंपनियां ज्यादा से ज्यादा कर्मी अमेरिका भेजना चाहती थीं। भारतीय आईटी कंपनियों के मामलों में अस्वीकृति की अधिक दर की वजह से उन्होंने अधिक संख्या में वीजा आवेदन किए।

एच1बी वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां तकनीकी विशेषज्ञता वाले विदेशी कर्मचारियों को अपने कारोबार के सिलसिले में अमेरिका लाती हैं। भारतीय कंपनियां इसकी प्रमुख लाभार्थी हैं और भारतीय आईटी कंपनियों के साथ ही गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ऐपल जैसी तकनीकी क्षेत्र की वैश्विक कंपनियां बहुत से संसाधन अमेरिका भेजते हैं

कोविड संकट के बाद अधिकांश भारतीय आईटी कंपनियों के लिए आने वाली तिमाहियों में मांग में गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। अमेरिका के कई उद्योग बंद हैं जो उनके राजस्व का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। इसके अलावा, वैश्विक महामारी के बीच कर्मी अमेरिका की यात्रा करने से परहेज कर सकते हैं।

नैसकॉम में उपाध्यक्ष तथा आव्रजन प्रमुख शिवेंद्र सिंह ने कहा, 'कोविड-19 महामारी के कई अज्ञात कारण हैं। हालांकि अभी भी अमेरिका में बेहतर कौशल की मांग तेज बनी हुई है जबकि आपूर्ति घट गई है। वास्तव में लोग अक्टूबर 2020 के बाद से अमेरिका जाना शुरू कर सकते हैं। अगर स्थिति सुधरती है तो कंपनियों को परियोजनाएं लागू करने के लिए संसाधनों की आवश्यकता होगी।'

अधिकांश कंपनियां इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में रिकवरी की उम्मीद कर रही हैं और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियां वीजा अनुमोदन तैयार रखेंगी। पारिख कंसल्टिंग के संस्थापक पारिख जैन कहते हैं, 'पिछले वित्त वर्ष में अस्वीकृति की उच्च दर को देखते हुए इस बार कई आईटी कंपनियां पहले से वीजा स्वीकृति ले सकती हैं। अगर उन्हें इसकी जरूरत नहीं पड़ी, तो भी बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा लेकिन अगर कोरोना की स्थिति में सुधार होता है तो मांग में तेजी आएगी। ऐसे में आईटी कंपनियों को परियोजनाएं निष्पादन के लिए संसाधनों की आवश्यकता होगी।'

Keyword: USA, H1B Visa, Immigration, Information Technology, एच-1बी वीजा, आवेदन, आईटी सेवा, अमेरिका,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकार अमीर-गरीब के बीच खाई कम करने के लिए उठाए कदम?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.