बिजनेस स्टैंडर्ड - फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी
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फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी

अरिंदम मजूदमदार और अनीश फडणीस / नई दिल्ली/मुंबई May 05, 2020

भारत आधुनिक इतिहास में विदेश से अपने लोगों को निकालने की सबसे बड़ी योजना को अमलीजामा पहनाने जा रहा है। भारत दुनिया भर से करीब 2.5 लाख भारतीयों को वापस लेकर आएगाा। भारत ने 1990 के खाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत से 1,70,000 नागरिकों को निकाला था, जो हवाई रास्ते से नागरिकों को निकालने की सबसे बड़ी मुहिम थी। उस समय एयर इंडिया ने दो महीनों से अधिक समय तक करीब 500 उडाऩों का परिचालन किया था।

विदेश मामलों के मंत्रालय द्वारा तैयार योजना के मुताबिक इस योजना में प्रमुखता खाड़ी क्षेत्र को दी जाएगी। मगर सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया लंदन, सिंगापुर, सैन फ्रैंसिसको, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, कुआलालंपुर, शिकागो के लिए भी 64 उड़ान भरेगी। ये उड़ान 7 मई से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में शुरू हो जाएंगी। इस योजना की बिज़नेस स्टैंडर्ड ने भी समीक्षा की है। करीब 70 फीसदी गैर-निवासी भारतीय खाड़ी में रहते हैं।

हालांकि निजी विमानन कंपनियों के अधिकारियों ने इस मुहिम में सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को शामिल करने और उन्हें बाहर रखने के सरकार के फैसले पर निराशा जताई है। मौजूदा हालात में इन उड़ानों से प्राप्त होने वाले राजस्व से इन निजी कंपनियों को सहारा मिलता, जो सरकार से वित्तीय प्रोत्साहन की मांग कर रही हैं। यह मुहिम कई सप्ताह चलेगी, जिसमें भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना मिलकर नागरिकों को वापस लाएंगी। तीन समुद्री जहाजों- आईएनएस जलाश्व, आईएनएस मगर और आईएनएस शार्दुल को मालदीव और संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीयों को वापस लाने भेजा गया है। ये जहाज लौटकर कोच्चि आएंगे।

इन देशों में भारतीय दूतावासों ने पहले ही उन लोगों का ब्योरा तैयार कर लिया है, जो वापस लौटना चाहते हैं। गृह मंत्रालय ने कहा, 'विदेश में रह रहे उन प्रवासी कामगारों को वरीयता दी जाएगी, जिनकी आजीविका छिन गई है या जिनका कम अवधि का वीजा है। इसके अलावा गर्भवती महिला या बीमारी से जूझ से बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।'

योजना के अनुसार खाड़ी देशों से आ रहे यात्री कोच्चि और कोझिकोडे में उतरेंगे जबकि ब्रिटेन और अमेरिका से आने वाले मुंबई, बेंगलूरु, हैदराबाद और दिल्ली हवाईअड्डïों पर उतरेंगे। विमान में सवार होने से पहले और भारत में उतरने के बाद उनके शरीर के तापमान की जांच की जाएंगी और 14 दिनों तक उन्हें पृथकवास में रखा जाएगा। स्पाइसजेट के प्रवर्तक अजय सिंह ने कहा कि कंपनी विदेश से लोगों को लाने के लिए तैयार है लेकिन सरकार ने उसे अब तक ऐसा करने का निर्देश नहीं दिया है।  इंडिगो के मुख्य व्यावसायिक अधिकारी विलियम बॉल्टर ने कहा, 'हम अपने विमानों, चालक दल एवं पूरे तंत्र के साथ खाड़ी देशों से लोगों को लाने के लिए तैयार हैं। हम सरकार से इस बारे में निर्देश आने का इंतजार कर रहे हैं।'

नागरिक उड्डïयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एयर इंडिया यात्रियों से 12,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक किराये के रूप में लेगी और यात्रियों को इसका वहन करना होगा।

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