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अभी घर से ही होगा काम

शुभायन चक्रवर्ती, पीरजादा अबरार, समरीन अहमद, अभिषेक रक्षित और अमृता पिल्लई / नई दिल्ली/बेंगलूरु/कोलकाता/मुंबई May 04, 2020

ऑफिस के कर्मचारियों के लिए अभी शायद ही बहुत बदलाव होगा, जो पिछले कुछ हफ्ते से अपने-अपने घरों में लैपटॉप पर जमे हुए हैं क्योंंकि अधिकतर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से अगले दो हफ्ते तक घर से ही काम जारी रखने को कहा है।

सरकार ने निजी कार्यालयों को रेड जोन में भी 33 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाजत दी है और इनमें से ज्यादातर बड़े शहरों में हैं। चूंकि सार्वजनिक परिवहन बंद है और स्थायीय अधिकारी लोगों को जरूरी न होने पर घर से बाहर नहीं निकलने की सख्त हिदायत दे रहे हैं लिहाजा कार्यालय खोलने की कई संगठनों की योजना भ्रम के घेरे में आ गई है। उद्योग संगठन सीआईआई ने सरकार से इसे स्पष्ट करने को कहा है, लेकिन उनका कार्यालय अभी कर्मचारियों के लिए बंद है। एफआईआई के साथ भी ऐसा ही है।

एमटीआर फूड्स ने भी ऐसी ही बात रही, जिसके तैयार खाद्य उत्पादों की मांग लॉकडाउन के दौरान बढ़ी। एमटीआर फूड्स के चीफ पीपल अफसर मिलन चटर्जी ने कहा, सभी कॉरपोरेट व ब्रांच ऑफिस बंद हैं और कर्मचारी अगले दो हफ्ते घर से काम करेंगे। समझा जाता है कि एफएमसीजी दिगग्गज आईटीसी ने अपने कर्मचारियोंं को घर से काम करने को कहा है जब तक कि परिचालन की  वजह से उन्हें ऑफिस आना जरूरी न हो। आईटीसी के प्रवक्ता ने कहा, कंपनी अलग-अलग परिदृश्य के लिए तैयार है। चुनिंदा इलाकों में खुले बाजारों में सेवा देने के लिए हम स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखेंगे ताकि जहां मुमकिन हो वहां एहतियाती उपाय के साथ परिचालन बहाल हो।

केईसी इंटरनैशनल के प्रबंध निदेशक व सीईओ विमल केजरीवाल ने कहा, महानगरों के कार्यालय वर्क फ्रॉम होम के आधार पर परिचालन में बने रहेंगे। उत्पादकता में सुधार को लेकर अवरोध है ताकि आप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए और कम लोगों की मौजूदगी में उतना ही काम कर सकें। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि घर से काम बिना किसी अवरोध के हो जब गतिविधियों की भरमार हो।


ई-कॉमर्स फर्में है तैयार

ई-कॉमर्स कंपनियों ने कहा कि शुक्रवार को गृह मंत्रालय की तरफ से लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा के बाद भी ट्रैफिक में बढ़ोतरी देखने को मिली। मंत्रालय ने हालांकि आवश्यक व गैर-जरूरी सामान की ऑनलाइन बिक्री की इजाजत वैसे जोन में दी है जो कोरोनावायरस महामारी से करीब-करीब नियंत्रित हैं। वे अगले दो हफ्ते में जरूरी व गैर-जरूरी सामान की आपूर्ति वैसे इलाकों में करने के लिए तैयार हो रहे हैं जो ऑरेंज व ग्रीन जोन में हैं। इनमें फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े, उपकररण आदि शामिल हैं, जिनकी हिस्सेदारी उनकी बिक्री में सबसे ज्यादा होती है।

वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट कई विक्रेताओं व एमएसएमई के साथ काम कर रही है। उसकी सेलर सपोर्ट टीम लगातार ऑनलाइन काउंसिलिंग कर रही है और विक्रेताओं को अपना पचिालन अगले कुछ दिनों में बहाल करने में मदद कर रही है और यह सरकारी निर्देशों के अनुपालन के साथ हो रहा है। उधर स्नैपडील ने कहा कि  कंपनी ने 18 मई के बाद अपने कार्यालय दोबारा खोलने का फैसला लिया है। स्नैपडील के प्रवक्ता ने कहा, जब खुलेगा तो यह चरणबद्ध होगा और किसी समय में 40 फीसदी से कम कर्मी मौजूद रहेंगे जबकि बाकी बाहर से काम करेंगे। कौन ऑफिस आएगा यह उनकी यात्रा की दूरी और परिवहन पर निर्भर करेगा। चूंकि ज्यादातर ऑर्डर गैर-मेट्रो, छोटे व मझोले शहरोंं से मिलते हैं, लिहाजा फर्म को उम्मीद है कि देश के ज्यादातर इलाकों में डिलिवरी की सुविधा होगी। उसे आगामी हफ्तों में 80-90 फीसदी सेलर गैर-प्रतिबंधित जोन में काम पर रहने की उम्मीद है।

ऐसे में सहायकों, साझेदारों और सपोर्ट स्टाफ के तापमान की जांच जारी रहेगी। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि फर्म श्रम शक्ति के अभाव का सामना कर रही है क्योंकि आपूर्ति शृंखला में काम करने वाले अपने घर लौट गए हैं क्योंकि उनमें से ज्यादातर की बचत शायद खत्म हो गई।

पारंपरिक रिटेल के शटर अभी बंद रह सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि रिटेलर एसोसिएशन ने सरकार से आवाजाही पर पाबंदी पर स्पष्टीकरण मांगा है। गृह मंत्रालय ने शाम सात बजे से लेकर सुबह सात बजे तक आम लोगों के लिए कफ्र्यू का ऐलान किया है।

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