बिजनेस स्टैंडर्ड - उत्पादन शुरू करने पर असमंजस में उद्योग
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, December 04, 2020 05:26 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

उत्पादन शुरू करने पर असमंजस में उद्योग

सुरजीत दास गुप्ता, शैली सेठ मोहिले और ईशिता आयान दत्त / नई दिल्ली/मुंबई/ कोलकाता May 03, 2020

लॉकडाउन से जुड़े दिशानिर्देशों में ढील देने की सरकार की घोषणा से कंपनियां बहुत प्रभावित नहीं हुई हैं। वे मौजूदा कठिन हालात में फिलहाल किसी तरह की हड़बड़ी दिखाने से परहेज कर रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां पूरी तरह सोच-विचार करने के बाद ही विनिर्माण एवं सेवा परिचालन या उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करना चाहती हैं। शुक्रवार को सरकार ने लॉकडाउन से जुड़े दिशानिर्देशों में कुछ देने की घोषणा की थी। ज्यादातर वाहन कंपनियां पहले ही 3 मई से अपने संयंत्र नहीं खोलने का निर्णय ले चुकी थीं, यह अलग बात थी कि उन्हें सीमित क्षमता के साथ उत्पादन शुरू करने की अनुमति सरकार से मिल गई थी। इन कंपनियों का नजरिया अब भी नहीं बदला है और उनमें भविष्य को लेकर अनिश्चितता का भाव है। टोयोटा किर्लोसकर मोटर्स में वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन कहते हैं,'हम मई के तीसरे या चौथे सप्ताह से उत्पादन शुरू कर सकते हैं, लेकिन इस बारे में पुख्ता तौर पर हम कुछ नहीं कह सकते। इससे पहले हमें इस इस सवाल से गुजरना है कि क्या वाकई वाहनों की मांग है। जिन ग्राहकों ने बुकिंग कर ली थी, वे खरीदारी के लिए आएंगे या नहीं इसका हमें इल्म नहीं है।'

देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी आगे की रणनीति पर कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। कंपनी को पहले मानेसर संयंत्र शुरू करने की अनुमति मिली थी, लेकिन उसने फिलहाल इंतजार करने का निर्णय लिया है। वैसे सरकार ने अब कंपनी को गुडग़ांव संयंत्र भी खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव कहते हैं,'दोनों संयंत्र खोलने की अनुमति मिलने से केवल एक मसला हल हुआ है। अब हम इसका आकलन कर रहे हैं कि हमारे कितने वेंडर कोविड-19 नियंत्रण क्षेत्र से बाहर है ताकि वे भी उत्पादन शुरू कर सकें। तीसरी अहम बात यह है कि हमारे पास एक महीने के लिए उत्पाद हैं, इसलिए केवल डीलरों के शोरूम खोलने से ही बात बनने वाली नहीं है। वाहन खरीदने के लिए खरीदार भी होने चाहिए। बात यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि कारों का परिवहन भी एक समस्या है। हमारी टीम इन सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है और इसके बार ही कोई निर्णय लिया जाएगा।'

कई दूसरी कंपनियों को कड़े दिशानिर्देशों की वजह से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मिसाल के तौर बजाज ऑटो ने महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसमें पुणे के चाकण में विनिर्माण केवल जरूरी उत्पादों तक ही सीमित कर दिया गया है। दूसरी तरफ गृह मंत्रालय ने अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में भी विनिर्माण शुरू करने की इजाजत दी है। इस तरह, राज्य एवं केंद्र के निर्देशों में विरोधाभास साफ झलक रहा है। बजाज ऑटो के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा,'ऐसे में उत्पादन शुरू असंभव सा हो गया है।'

एक दूसरी वाहन कंपनी फोक्सवैगन ने अगले दो से तीन सप्ताहों तक उत्पादन शुरू नहीं करने का निर्णय लिया है। समूह के एक प्रवक्ता ने कहा, 'सबसे पहले तो हम कुछ निर्माण कार्य आरंभ करने होंगे, जिनके बाद ही संयंत्र दोबारा शुरू हो पाएगा। इसके बाद हम आवश्यक कर्मचारियों को वहां भेजेंगे। ये सब करने के बाद आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क साधेंगे और उसके बाद ही उत्पादन शुरू करेंगे।' कड़े दिशानिर्देशों के कारण नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में भी उत्पादन कार्यों पर असर हुआ है। इस क्षेत्र में 12,000 से अधिक विनिर्माण इकाइयां हैं। इनमें सैमसंग, एलजी, वीवो और ओप्पो जैसी दिग्गज कंपनियों के संयंत्र भी हैं। इन कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि रविवार तक जिला प्रशासन ने उन्हें उत्पादन शुरू करने की इजाजत नहीं दी थी। एलजी ने कहा किअनुमति मिलने पर अगले कुछ दिनों में वह परिचालन शुरू कर सकती है। मांग में कमी भी कंपनियों को आगे बढऩे से रोक रही है। शीतल पेय बनाने वाली कोक और पेप्सिको जैसी कंपनियां मांग कम होने से अपनी फैक्टरियां नहीं खोल पाई हैं। अमूमन गर्मी में शीतल पेय की सबसे अधिक मांग होती है। शीतल पेय बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अप्रैल-जून में करीब हम 40 प्रतिशत बिक्री करते हैं और इसके लिए मार्च में ही उत्पाद तैयार कर लेते हैं। इस बार अप्रैल ऐसे ही गुजर चुका है, इसलिए संयंत्र खोलने का कोई वाजिब कारण नजर नहीं आ रहा है।'

आवश्यक सेवाओं में होने के कारण इस्पात उत्पादन नहीं रोका गया था, लेकिन कमजोर मांग उनके लिए भी समस्या है। टाटा स्टील के टी नरेंद्रन ने कहा कि उनकी कंपनी इस समय 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही है और इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक कर सकती है। उन्होंने कहा,'उत्पाद की बिक्री समस्या रही है। हमें ग्राहकों का इंतजार है, क्योंकि परिचालन हमारे लिए अहम मुद्दा नहीं है।'

हालांकि कुछ अच्छी खबरें भी हैं। इंटरनेट आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनियां और ऑरेंज और रेड जोन में परिचालन कर सकती हैं। उबर इंडिया इन दोनों जोन में सोमवार से परिचालन शुरू करने वाली है। देश के करीब 50 से अधिक शहरों में परिचालन करने वाली उबर अब करीब 30 शहरों में वह परिचालन कर पाएगी।

तमिलनाडु के तिरुपुर के कपड़ा निर्यातक अधिक संक्रमण वाले क्षेत्र में आते हैं, लेकिन अब वे उत्पादन शुरू करते हैं। तिरुपुर निर्यातक संघ के अध्यक्ष राजा एम षनमुगम ने कहा कि अनुमति मिलने पर वे तत्काल उत्पादन शुरू कर सकते हैं। षनमुगम ने कहा कि सौदा हासिल करने के लिए विदेश में अपने ग्राहकों को नमूने दिखाने होंगे। उन्होंने कहा कि नमूने तैयार करने के लिए उन्हें केवल 40 प्रतिशत कर्मचारियों की जरूरत है।

इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली में स्वरोजगार करने वालों को काम करने की अनुमति होगी। उन्होंंने कहा कि टेक्रीशियन, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, सफाई कर्मी, डामेस्टिक हेल्प सहित कुछ इसी तरह की अन्य सेवाओं में जुड़ लोगों को काम करने की अनुमति होगी।

(साथ में टी ई नरसिम्हन और अर्णव दत्ता)

Keyword: Economic, Guidelines, Coronavirus, Lockdown, Covid-19, Pandemic, लॉकडाउन, कोरोनावायरस, महामारी, उत्पादन, दिशानिर्देश, टोयोटा,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या केंद्र को कृषि कानूनों पर करना चाहिए पुनर्विचार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.