बिजनेस स?टैंडर?ड - आर्थिक गतिविधियों पर देना होगा जोर
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आर्थिक गतिविधियों पर देना होगा जोर

ईशिता आयान दत्त /  May 02, 2020

बीएस बातचीत

कोविड-19 की वजह से 40 दिन के लॉकडाउन ने देश में औद्योगिक गतिविधियों पर विराम लगा दिया है। जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने ईशिता आयान दत्त के साथ साक्षात्कार में लॉकडाउन के आर्थिक प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर सरकार सक्रिय कदम नहीं उठाती है तो मांग सुधरने में चार-पांच महीने लग सकते हैं। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

लॉकडाउन में किस तरह से नरमी लाई जानी चाहिए?

सरकार कोविड-19 के बारे में लोगों को जागरूक करने और इस महामारी को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल रही है। लेकिन अब लॉकडाउन को बढ़ाने से कोई मकसद पूरा होता नहीं दिख रहा है और इसके बजाय अर्थव्यवस्था पर मंदी गहरा रही है। पिछले डेढ़ महीने का समय मॉनसून से पहले की चरम व्यस्तता वाला होता है, लेकिन इस अवधि में कारोबार थम गया है। अब मुख्य जोर आर्थिक गतिविधि पर रहना चाहिए। कोरोना का ज्यादा मामले वाले इलाकों में लॉकडाउन बना रह सकता है या वहां ज्यादा सख्ती रह सकती है। शेष क्षेत्रों में कामकाज सामान्य बनाए जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। लोग अब अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने पर जोर देंगे।


क्या रेड जोन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में सामान्य गतिविधि पुन: शुरू की जानी चाहिए?

मेरा मानना है कि हमें वही करना चाहिए जो जर्मनी, स्वीडन, पश्चिम एशिया समेत दुनिया के अन्य देशों में किया जा रहा है। ये सभी क्षेत्र स्थिति सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहां कम कर्मचारियों के साथ कार्यालयों में काम चल रहा है, और कम लोगों के साथ कारखानों में भी परिचालन हो रहा है। हम भी यही मॉडल अपना सकते हैं। अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाना जरूरी है, अन्यथा कोविड-19 की तुलना में नुकसान ज्यादा होगा।

क्या आप गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद क्षमता सुधारने में सक्षम हुए हैं?

20 अप्रैल से पहले, जेएसडब्ल्यू स्टील के संयंत्र लगभग 10 फीसदी क्षमता पर परिचालन कर रहे थे। अब यह बढ़कर 70 फीसदी तक हो गई है और 4 मई तक (जब सब कुछ सामान्य हो जाने की उम्मीद है) हम 90-95 फीसदी क्षमता के साथ काम करने लगेंगे।


उपयोगकर्ता उद्योगों में परिचालन अभी नहीं हो रहा है। ऐसे में क्या आपके पास ज्यादा उत्पादन को देखते हुए पर्याप्त ग्राहक मौजूद होंगे?

उपयोगकर्ता उद्योग अब परिचालन पुन: शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। तब तक, हम निर्यात पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। मई के लिए, हमारे उत्पादन का 60-70 फीसदी हिस्सा निर्यात किया जाएगा और 30-35 फीसदी घरेलू बाजार के लिए होगा। लेकिन अप्रैल का महीना काफी खराब रहा, क्योंकि 20 तारीख तक हमने सिर्फ 10 फीसदी क्षमता पर काम किया था। 20 और 30 अप्रैल के बीच हमारी उत्पादन क्षमता सुधरकर 40-50 फीसदी के बीच रही।


जेएसडब्ल्यू स्टील पर लॉकडाउन का प्रभाव पड़ा है?

इस तिमाही में, हम क्षमता में बड़ी कटौती दर्ज कर रहे है, क्योंकि अप्रैल हमारे लिए एक बड़ा झटका था। इससे मुनाफा भी निश्चित तौर पर प्रभावित होगा। निर्यात कीमतें भी नीचे आई हैं, इसलिए मौजूदा तिमाही आकर्षक नहीं रहेगी।


कई कंपनियों ने वेतन कटौती की है, क्या जेएसडब्ल्यू भी इस पर विचार कर रही है?

जेएसडब्ल्यू स्टील में, हम फिलहाल वेतन कटौती पर विचार नहीं कर रहे हैं। एक महीने तक इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।


क्या राज्यों के साथ दिशा-निर्देशों और समन्वयन के संदर्भ में और ज्यादा स्पष्टïता लाए जाने की जरूरत है?

केंद्र का काम लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना था, जिसमें वह सफल रहा है। अब ग्रीन और ऑरेंज जोन को सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य शर्तों के साथ खोला जा सकता है। अन्य को राज्यों द्वारा निगरानी की स्थिति में खोला जाना चाहिए और राज्यों को इसका निर्णय लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस सबके बाद भी उन्हें राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी बेहद जरूरी है।


आपको मांग में सुधार कब तक दिखने की संभावना है?

जब तक सरकार वाकई सक्रिय कदम नहीं उठाती, मांग सुधरने में 4-5 महीने लग सकते हैं। मेरी राय में, हम जीडीपी वृद्घि में बड़ी कमजोरी देख सकते हैं।


क्या भूषण पावर ऐंड स्टील की बोली कीमत में किसी तरह का बदलाव होगा?

नहीं, हम इसे लेकर प्रतिबद्घ हैं।

 
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