बिजनेस स्टैंडर्ड - रिफाइनर भर रहे तेल के रणनीतिक भंडार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, March 02, 2021 04:56 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

रिफाइनर भर रहे तेल के रणनीतिक भंडार

शाइन जैकब / नई दिल्ली May 01, 2020

सरकारी तेल शोधकों के अतिरिक्त कच्चे तेल से भारत को 5.33 मिलियन टन (एमटी) की रणनीतिक भंडारण क्षमता को भरने में मदद मिल रही है। कर्नाटक के मंगलूर और पडुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित भंडारण केंद्र मई के अंत तक पूरी तरह से भर सकते हैं।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसीएल) और मंगलूर रिफाइनरी (एमआरपीएल) इस मकसद के लिए करीब 2.1 एमटी या 15 मिलियन बैरल से ज्यादा अतिरिक्त कच्चे तेल का इस्तेमाल इस मकसद के लिए कर रहे हैं। भंडारण क्षमता का संचालन तेल उद्योग विकास बोर्ड (ओआईडीबी) की पूर्ण मालिकाना वाली सहायक कंपनी इंडियन स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व (आईएसपीआरएल) करती है, जो विदेश उद्देश्य कंपनी है। सरकारी रिफाइनर इस समय 50 प्रतिशत से कम क्षमता पर संयंत्र चला रहे हैं।

इस समय कच्चा तेल खरीदकर रणनीतिक भंडार में भरना भारत के लिए बहुत लाभदायक होगा क्योंकि अब अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बहुत नीचे हैं। गुरुवार को 5 बडे ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 25 डॉलर प्रति बैरल पर रही।

तीन रणनीतिक भंडारण सुविधाएं भूमिगत रॉक कैवर्न, जिनका संचालन आईएपीआरएल करता है, की कुल 5.33 एमटी कच्चे तेल के भंडारण की क्षमता है।  विशाखापत्तनम केंद्र की क्षमता 1.33 एमटी, मंगलूरु की 1.5 एमटी और पडुर की 2.5 एमटी है। अबूधाबी नैशनल ऑयल कंपनी (एडनॉक) ने पहले ही मंगलूर केंद्र पर 0.82 एमटी के करीब भंडारण किया है। आईएसपीआरएल के एक अधिकारी ने कहा, 'मई के अंत तक पूरी 5.33 एमटी क्षमता भर जाएगी। इसमें 2.1 एमटी 4 सरकारी कंपनियों से आ रहा है।' 

सरकार के खपत के आंकड़ों के मुताबिक 5.33 एमटी क्षमता से देश की 9.5 दिन की कच्चे तेल की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं। ओडिशा के चांदीखोल में दो और भंडार केंदर की योजना बनाई गई है, जिनकी क्षमता 4 एमटी होगी। साथ ही पडुर में 2.5 एमडी की अतिरिक्त भंडारण क्षमता बनेगी। इससे भंडारण क्षमता बढ़कर 21 दिन के लिए हो जाएगी।

अप्रैल में रिफाइनरों ने सऊदी अरब, यूएई, ईराक और कुवैत जैसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं से कच्चे तेल की खरीद के मामले में फोर्स मेजर लागू कर दिया था और कहा था कि उनसे जितनी मात्रा में डिलिवरी की उम्मीद की गई थी, उससे कम मात्रा में डिलिवरी ली जाएगी। बीपीसीएल में रिफाइनरीज के निदेशक आर रामचंद्रन ने कहा, 'हमारे पास ज्यादा कच्चा तेल है, क्योंकि मांग में अचानक कमी आ गई है। सभी रिफाइनरों के पास टैंकों से कुछ अतिरिक्त कच्चा तेल है। हमने सोचा कि सऊदी, एडनॉक या ईरान में भंडारण पाने की कवायद के बजाय क्यों न हम अतिरिक्त कच्चे तेल से कैवर्न भर दें। इसलिए हम इस क्षमता को भर रहे हैं।'

सूत्रों का कहना है कि मंगलूरु और पडुर में स्थित 6 कैवर्न की भंडारण क्षमता 20 मई तक पूरी हो जाएगी। उनके पास आईओसी, बीपीसीएल और एमआरपीएल रिफाइनरीज का कच्चा तेल होगा। आईएसपीआरएल के अधिकारी ने कहा, 'इस कच्चे तेल का ज्यादा हिस्सा सऊदी अरब जैसे पश्चिम एशिया के देशों से आ रहा है। हमारे कार्गो इसे भर रहे हैं। विजग में शेष भंडारण क्षमता भी इस महीने पूरी हो जाएगी।'  भारत कच्चे तेल की अपनी जरूरतों का 85 प्रतिशत आयात करता है. वितत्त वर्ष 2019-20 के दौरान भारत ने करीब 227 एमटी कच्चे तेल का आयात 102 अरब डॉलर में किया। कच्चे तेल के दाम कम होने से पिछले वित्त वर्ष में तेल पर हुए खर्च की तुलना में देश का करीब 10 अरब डॉलर बचा था। 2018-19 में 112 अरब डॉलर के कच्चे तेल की खरीद हुई थी।

Keyword: IOC, BPCL, Refinery, Crude Oil, Petroleum, OMC, कच्‍चा तेल, पेट्रोलियम, उत्पादन, ओएमसी, रिफाइनर, रणनीतिक भंडार,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या जीएसटी संग्रह के आंकड़े आर्थिक सुधार में तेजी के संकेत हैं?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.