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रिलायंस का फिसला मुनाफा

अमृता पिल्लै / मुंबई 04 30, 2020

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का कर पूर्व मुनाफा (पीबीटी) मार्च 2020 तिमाही में 33 फीसदी कम रहा है। व्यय के रूप में अधिक रकम जाने से वित्त वर्ष 2019-20 की अंतिम तिमाही में 9,223 करोड़ रुपये रहा। गुरुवार को कंपनी के निदेशक मंडल ने राइट इश्यू के जरिये रकम जुटाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी।

इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का कर पूर्व मुनाफा 13,858 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी 37 प्रतिशत फिसल कर 6,546 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 10,427 करोड़ रुपये से कम रहा। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का राजस्व 2.5 प्रतिशत की कमी के साथ 1.51 लाख करोड़ रुपये रहा। एक पूर्व पहले की तिमाही में कंपनी का यह आंकड़ा 1.55 लाख करोड़ रुपये रहा था।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को भेजे बयान में आरआईएल ने कहा कि उसके निदेशक मंडल ने 1,257 रुपये पर प्रति पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर के हिसाब से राइट इश्यू को भी मंजूरी दे दी। कंपनी ने कहा कि राइट इश्यू के तहत सभी पात्र शेयरधारकों को प्रति 15 शेयरों के लिए 1 शेयर का आवंटन किया जाएगा। कंपनी राइट इश्यू के जरिये 53,125 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। पिछले तीन दशकों में कंपनी का यह पहला राइट इश्यू होगा।

आरअईएल ने नतीजों की घोषणा के बाद अपने बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन के बावजूद आरआईएल में सऊदी आरामको द्वारा तेल एवं पेट्रो-रसायन कारोबार (ऑयल-टू -केमिकल्स) निवेश के प्रस्ताव से जुड़ी आश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। कंपनी ने कहा कि दोनों पक्ष इस निवेश सौदे को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। कंपनी ओ2सी कारोबार अलग करने के लिए राष्टï्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष जाएगी।

आरआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुके श अंबानी ने कहा, 'कोविड-19 महामारी से पैदा कठिन हालात के बावजूद उनकी कंपनी ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया है।' अंबानी ने कहा कि एकीकृत कारोबार, लागत कम रखने की क्षमता एवं अन्य मजबूती के दम पर तेल एवं पेट्रो-रसायन खंड से सतत आय बनी रही।

कंपनी को उम्मीद है कि वह कुल 1.04 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना जून 2020 तक पूरा कर लेगी। इनमें जियो प्लेटफॉम्र्स में फेसबुक का निवेश, प्रस्तावित राइट इश्यू और 2019-20 में ब्रिटिश पेट्रोलियम द्वारा किया गया निवेश भी शामिल है।

बीते वित्त वर्ष में कंपनी की संचयी आय 5.4 फीसदी बढ़कर 6,59,205 करोड़ रुपये रही। 2018-19 में कंपनी की कुल आय 6,25,212 करोड़ रुपये रही थी। उपभोक्ता खंड की आय बढऩे से कंपनी के राजस्व में इजाफा हुआ है। पिछले साल डिजिटल सेवा कारोबार में 40.7 फीसदी और रिटेल कारोबार में 24.8 फीसदी का इजाफा हुआ था। 

आरआईएल का सकल रिफाइनिंग मार्जिन मार्च 2020 तिमाही में 8.9 डॉलर प्रति बैरील रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान से अधिक है।


53,125 करोड़ रुपये का आएगा राइट इश्यू

आरआईएल ने गुरुवार को कहा कि वह राइट इश्यू के जरिये 53,125 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी ने कहा कि  उसके निदेशक मंडल ने राइट इश्यू लाने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। पिछले तीन दशक में कंपनी का यह पहला राइट इश्यू होगा। इस निर्गम के जरिये आरआईएल पात्र शेयरधारकों को 1,257 रुपये कीमत पर प्रत्येक 15 शेयरों के बदले एक शेयर आवंटित करेगी। यह कीमत 30 अप्रैल को कंपनी के शेयर मूल्य के मुकाबले 14 प्रतिशत कम होगी। कंपनी इस निर्गम से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज बोझ कम करने में करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह भारत में किसी कंपनी द्वारा लाए जाने वाला सबसे बड़ा राइट इश्यू होगा।

आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में कर्ज कम करने की योजना का खुलासा किया है। उस समय उन्होंने कहा था कि 2021 तक कंपनी पर कर्ज बोझ कम होकर शून्य रह जाएगा। इस योजना के तहत कंपनी कर्ज कम करने के उपायों के साथ अपने सभी कारोबारों में अच्छी साझेदार तलाश रही है। वित्त वर्ष 2019-20 की मार्च तिमाही के अंत तक आरआईएल पर कुल 3,36,294 करोड़ रुपये कर्ज था और इसके पास करीब 1,75,259 करोड़ रुपये नकदी थी।  एजेेंसी

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