बिजनेस स्टैंडर्ड - बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बढ़ेगा खर्च
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बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बढ़ेगा खर्च

ज्योति मुकुल / नई दिल्ली April 29, 2020

कोरोना महामारी की वजह से देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर दो फीसदी से नीचे आने की आशंका है मगर केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च का आंकड़ा बढ़ाकर 111 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। यह आंकड़ा दिसंबर में 102 लाख करोड़ रुपये था। यह अनुमान 2025 तक की पांच साल की अवधि के लिए है।

हालांकि इस खर्च में निजी क्षेत्र का हिस्सा घटकर 21 फीसदी रहेगा जबकि राज्य सरकारों का हिस्सा एक फीसदी बढ़कर 40 फीसदी होगा। शेष 39 फीसदी खर्च केंद्र करेगा। दिसंबर के अंतरिम बयान में केंद्र एïवं राज्यों का हिस्सा 39-39 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था।

कार्यबल ने राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। ऐसे में सरकार ने परियोजनाओं का ब्योरा इंडिया इन्वेस्टमेंट ग्रिड पर रखने का फैसला किया है ताकि परियोजनाओं के बारे में पूरी जानकारी मुहैया कराई जा सके और परियोजनाओं से संभावित निवेशकों को जोड़ा जा सके। इसका मतलब है कि परियोजनाओं के आकर्षक होने के आधार पर निजी क्षेत्र के व्यय का हिस्सा बढ़ भी सकता है। 2020-25 तक बुनियादी ढांचे पर खर्च के आंकड़े को इसलिए संशोधित किया गया है क्योंकि केंद्रीय मंत्रालयोंं और राज्य सरकारों ने अतिरिक्त और संशोधित आंकड़े मुहैया कराए हैं। दिसंबर 2019 में जब राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा रिपोर्ट जारी की गई थी, तब खर्च 100 लाख करोड़ रुपये अनुमानित था। कार्यबल ने सिफारिश की है कि राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना की प्रगति की निगरानी और देरी से बचने के लिए एक समिति गठित की जाए। इसके अलावा क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए बुनियादी ढांचा मंत्रालय के स्तर पर संचालन समिति गठित की जाए। इसके अलावा राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना की खातिर वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए आर्थिक मामलों के विभाग में एक संचालन समिति बनाई जाएगी।

प्रत्येक मंत्रालय और संबंधित राज्य आगे नई परियोजनाएं शामिल करेंगे और पहले से निर्धारित समय अंतराल के बाद अपनी-अपनी परियोजनाओं का ब्योरा अद्यतन करेंगे ताकि संभावित निवेशकों को अद्यतन आंकड़े उपलब्ध हो सकें। इस कार्यबल ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय वित्त एवं कंपनी मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण को आज नई दिल्ली में सौंपी। वित्त मंत्री ने अपने 2019-20 के बजट भाषण में घोषणा की थी कि अगले पांच वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे पर 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।

सरकारी बयान के मुताबिक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना इस तरह की पहली योजना होगी, जिसे सरकार अंजाम देगी ताकि पूरे देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा मुहैया कराया जा सके और सभी नागरिकों के जीवन स्तर को सुधार जा सके। सरकार ने कहा, 'वह परियोजनाओं की तैयारी सुधारना चाहती है और बुनियादी ढांचे में घरेलू एवं विदेशी निवेश लाना चाहती है। यह कदम वित्त वर्ष 2025 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने में अहम होगा।' राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना सभी भागीदारों के सुझावों को मद्देनजर रखते हुए तैयार की गई है। इन भागीदारों में संबंधित मंत्रालय, विभाग, राज्य सरकार और निजी क्षेत्र शामिल हैं।

राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना का खाका तैयार करने के लिए कम से अधिक की अवधारणा अपनाई गई है। इसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

कुल अनुमानित पूंजीगत व्यय 111 लाख करोड़ रुपये में 44 लाख करोड़ रुपये यानी 40 फीसदी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं 33 लाख करोड़ रुपये (30 फीसदी) की परियोजनाएं अवधारणा के चरण में हैं। इसके अलावा 22 लाख करोड़ रुपये (20 फीसदी) परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

करीब 11 लाख करोड़ रुपये (10 फीसदी) की परियोजनाओं के चरण से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध नहीं हैं। भारत में अनुमानित बुनियादी ढांचा निवेश में ऊर्जा (24 फीसदी), सड़क (18 फीसदी), शहरी (17 फीसदी), रेलवे (12 फीसदी) का करीब 71 फीसदी हिस्सा है।

अंतिम रिपोर्ट में भारत और विश्व में सभी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के हाल के रुझानों को उजागर किया गया है। इसमें क्षेत्रों की प्रगति, कमियों और चुनौतियों का जिक्र किया गया है। इसमें क्षेत्रों की मौजूदा नीतियों को अद्यतन बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा देश में विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बहुत से सुधारों की जरूरत बताई गई है।

इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा योजना के लिए धन जुटाने के तरीके सुझाव गए हैं। इसमें कहा गया है कि म्यूनिसिपल बॉन्ड सहित कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत बनाया जाए। बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए विकास वित्त संस्थान स्थापित किए जाएं और बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों और जमीन को नकदी में बदलने में बदलने पर जोर दिया जाए।

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