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गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, कुछ मंडियों से शिकायतें

संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली April 28, 2020

शुरुआती बदइंतजामियों के बाद रबी की ससबे बड़ी फसल गेहूं की खरीदारी बड़े उत्पादक राज्यों में रफ्तार पकड़ चुकी है। इस बीच कोविड-19 के दिशानिर्देशों को लागू करने के मद्देनजर कुछ मंडियों से कुप्रबंधन की भी शिकायतें मिल रही हैं जहां किसानों का बिक्री के लिए अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लंबी कतार में खड़े होने को मजबूर किया जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत में मौसम में आए अचानक बदलाव और बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और अधिक बढ़ा दी है। रबी सीजन में भारतीय खाद्य निगम और उसकी ओर से राज्य की एजेंसियां बड़े पैमाने पर पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गेहूं की खरीद करती हैं।

केंद्र सरकार ने इस साल कुल मिलाकर किसानों से करीब 4.07 करोड़ टन गेहूं की खरीद की योजना बनाई है जो कि पिछले वर्ष की गई गेहूं की खरीद से लगभग 19 फीसदी अधिक है। सरकार के मुताबिक रबी फसलों, जिसमें गेहूं प्रमुख है, की 80 फीसदी की कटाई हो चुकी है।  

पंजाब में गेहूं की खरीद 15 अप्रैल को शुरू हुई थी। यह राज्य केंद्रीय पूल में योगदान करने वाला सबसे बड़ा राज्य है और यहां 15 अप्रैल से आज तक करीब 48.2 लाख टन गेहूं की खरीद राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 15 फीसदी अधिक है।

भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल गुट) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, 'भले ही राज्य सरकार दावा करती है कि खरीदारी बहुत ही सुगम तरीके से हो रही है लेकिन बहुत सी जगहों पर किसान गेहूं को भरने और ढोने के लिए जूट की बोरियों की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं।'   हरियाणा में रविवार तक 22.4 लाख टन गेहूं की खरीद की गई थी। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के लगभग समान ही है।

राज्य में खरीद की शुरुआत 10 दिनों की देरी से 20 अप्रैल से हुई थी। इसकी वजह थी कि लॉकडाउन के कारण मंडी बंद थी। गेहूं के अलावा, राज्य सरकार ने पिछले कुछ दिनों में किसानों से 2,40,000 टन से अधिक सरसों की खरीद की है। 

मध्य प्रदेश में भले ही सरकार ने दावा किया है कि इस साल खरीद के पहले 11 दिनों में उसने इतने गेहूं की खरीद की है जितने की वह पिछले वर्ष खरीद के पहले 21 दिनों में भी नहीं कर पाई थी लेकिन किसानों ने शिकायत की है कि बहुत सी मंडियों में मोबाइल की एसएमएस सेवा ठीक से काम नहीं करने से उन्हें गेहूं बेचने के लिए घंटों कतार में खड़ रहना पड़ा है। सरकार ने खरीद के पहले 11 दिनों में 16.8 लाख टन गेहूं की खरीद की है।  उत्तर प्रदेश में सरकार ने अभी खरीद शुरू ही की है और 3,60,000 टन गेहूं की खरीद कर ली है।

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