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जोमैटो ने बंद की मर्चेंट डिस्काउंट की भरपाई

शैली सेठ मोहिले और नेहा अलावधी / मुंबई/नई दिल्ली April 27, 2020

ऑनलाइन ऑर्डर लेकर खाने की डिलिवरी करने वाली कंपनी जौमैटो ने रेस्टोरेंटों को होने वाले नुकसान की भरपाई (मर्चेंट फंडिंग) करने से पीछे हट गई है। इस कारोबारी खंड में प्रतिस्पद्र्घा बढऩे से अपना वजूद बनाए रखने के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी के इस कदम से दो स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। पहली बात तो यह कि अब ग्राहकों को बेहद सस्ती दरों पर खान-पान सेवा उपलब्ध नहीं होगी और दूसरी बात यह कि रेस्टोरेंट कारोबार इस समय नाजुक दौर से गुजर रहा है।

अब तक ग्राहकों को दी जाने वाली भारी छूट जोमैटो और इसके साथ मिलकर कारोबार करने वाले रेस्टोरेंट आपस में बांट लिया करते थे। जोमैटो के प्रवक्ता ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण फैलने के बीच ग्राहकों और रेस्टोरेंट साझेदारों की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, 'भारी छूट देखकर ग्राहक खरीदारी करने से रोक नहीं पाते हैं। लेकिन इस वक्त हमारा ध्यान अपने आपूर्ति साझेदार और ग्राहकों की सुरक्षा पर है, इसलिए हमने यह कदम उठाया है।'

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कंपनी अपनी लागत कम करने के लिए भी भारी छूट देने से बचने का निर्णय लिया है। प्रवक्ता ने कहा, 'रेेस्टोरेंट जोमैटो पर छूट के साथ खाने-पीने की चीजें बेचने की पेशकश करते हैं या नहीं यह उन पर निर्भर करेगी। हम केवल ऑर्डर की पूर्ति करने के मंच के तौर पर निर्णय ले सकते हैं।' मुंबई के एक रेस्टोरेंट कारोबारी ने कहा, 'जोमैटो भली-भांति समझ रही है कि रेस्टोरेंट कारोबार संकट से गुजर रहा है और जब वे खुलेंगे तो कारोबार दोबारा शुरू करने के लिए अपनी जेब से भी खर्च करने के लिए तैयार रहेंगे।'

नैशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रवीण रूंगटा ने कहा कि जोमैटो के लिए यह कमाई से जुड़ा निर्णय है जबकि हमारे लिए यह कारोबार से जुड़ा है। जब छूट देने की शुरुआत हुई थी तो उस समय खान-पान का ऑनलाइन ऑर्डर लेने वाली कंपनियों और रेस्टोरेेंटों के बीच अनुपात 90:10 था। दूसरे शब्दों में कहें तो एग्रीगेटर छूट के 90 प्रतिशत और रेस्टोरेंट 10 प्रतिशत हिस्से का वहन करते थे। रूंगटा ने कहा, 'देश में रेस्टोरेंट पिछले 45 दिन से बंद हैं और वे कारोबार करने के लिए व्याकुल हैं। कारोबार दोबारा पटरी पर लाने के लिए रेस्टोरेंट किसी भी सीमा तक ग्राहकों को छूट दे सकते हैं, लेकिन सवाल है कि आखिर ऐसा कब तक होगा।'

स्विगी जैसी ऑनलाइन एग्रीगेटर ने जून, 2019 के शुरू में ही रेस्टोरेंटों के साथ छूट वहन करने की व्यवस्था समाप्त कर दी थी, लेकिन वह दूसरे तरीके से रेस्टोरेंटों के नुकसान की क्षति-पूर्ति करती आ रही है।

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