बिजनेस स्टैंडर्ड - एयर इंडिया की बिक्री में होगी देरी
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एयर इंडिया की बिक्री में होगी देरी

देव चटर्जी / मुंबई 04 21, 2020

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया की बिक्री में और देरी होने के आसार हैं क्योंकि सरकार इसके लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) जमा करने के लिए समय-सीमा में दूसरी बार विस्तार देने पर विचार कर रही है। फिलहाल ईओआई जमा कराने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है लेकिन आर्थिक परिदृश्य में बदलाव के मद्देनजर सरकार संभावित बोलीदाताओं के लिए एक नई तिथि की घोषणा करने की तैयारी कर रही है।

एयर इंडिया के लिए भारत सरकार से बातचीत कर रहे बोलीदाताओं का कहना है कि कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के प्रकोप के कारण विभिन्न देशों की सरकारों ने फिलहाल यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इससे वैश्विक स्तर पर कई विमानन कंपनियां दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई हैं। ऐसे में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

एक संभावित बोलीदाता ने कहा, 'विमानन कंपनियां अब रोजाना दिवालिया याचिका दायर कर रही हैं और नया कॉरपोरेट मंत्र है नकदी को बचाकर रखना। इस पृष्ठïभूमि में एयर इंडिया की बिक्री काफी कठिन दिख रही है।'

विमानन उद्योग के संगठन इंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) द्वारा 24 मार्च को जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में वैश्विक स्तर पर विमानन उद्योग के राजस्व को 252 अरब डॉलर का झटका लगेगा। मार्च के आरंभ में आईएटीए द्वारा जारी किए गए अनुमान के मुकाबले राजस्व नुकसान का यह अनुमान लगभग दोगुना है। भारत में भी विमानन कंपनियों की यात्रियों में वृद्धि के लिहाज से वित्त वर्ष 2021 के दौरान 20 से 25 फीसदी नकारात्मक वृद्धि दर्ज होने की आशंका है। लेकिन कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए इस वैश्विक महामारी का अंत फिलहाल अनिश्चित दिख रहा है। रेटिंग फर्म केयर के अनुसार, इस महामारी के रुकने का फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहा है।

हालांकि एयर इंडिया के लिए अभिरुचि पत्र जमा करने की योजना बना रहे भारतीय कारोबारी समूह भी फिलहाल नकदी बचाने पर जोर दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, टाटा समूह पहले ही घोषणा कर चुका है कि कोविड के बाद के लि उसका मंत्र नकदी संरक्षण होगा। इस मामले से अवगत एक सूत्र ने बताया कि हिंदुजा सहित अन्य समूह भी फिलहाल अपनी योजना को टालने पर विचार कर रहे हैं।

दुनिया भर में सूचीबद्ध विमानन कंपनियों के शेयर मूल्य में इस साल 1 जनवरी के बाद अब तक औसतन गिरावट दर्ज की गई है जबकि नॉर्वेजियन में 85 फीसदी की गिरावट आई है। इससे भारतीय सूचीबद्ध विमानन कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं। इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर में 24.2 फीसदी की गिरावट आई है जबकि स्पाइसजेट के शेयर में इस साल अब तक 60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

एक प्रमुख ऑडिट फर्म के वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि उन्हें लगता है कि भारत सरकार इस संबंध में शुक्रवार अथवा सोमवार तक घोषणा कर देगी। उन्होंने कहा, 'लेकिन कोई भी अनुमान लगा सकता है कि एयर इंडिया की बिक्री का भविष्य क्या होगा। सरकार इसे भारी छूट के साथ नहीं बेच सकती है और वह मूल्यांकन में सुधार के लिए इंतजार करेगी।'

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