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एमएसएमई ने सतर्कता के साथ किया आरबीआई के कदमों का स्वागत

शुभायन चक्रवर्ती और अभिजित लेले / नई दिल्ली 04 17, 2020

लघु उद्योग भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों की नकदी की किल्लत दूर करने के लिए उठाए गए कदम का सतर्कतापूर्वक स्वागत कर रहे हैं। मगर वे आपूर्ति शृंखला में बड़ी समस्याओं और कारोबार एवं श्रम उपलब्धता के अभाव का हवाला देते हुए लगातार और आर्थिक प्रोत्साहनों की भी मांग कर रहे हैं।

आरबीआई पर एमएसएमई के लिए नकदी उपलब्धता बढ़ाने का दबाव था, इसलिए नियामक ने शुक्रवार को एक लक्षित दीर्घकालिक रीपो ऑपरेशन (टीएलटीआरओ) की घोषणा की। इसके तहत कुल 50,000 करोड़ रुपये मुहैया कराए जाएंगे, जिसका मकसद मझोली और लघु गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) को नकदी की उपलब्धता बढ़ाना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया कि मौजूदा लॉकडाउन के दुुष्प्रभाव आगे और विकराल हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरत पडऩे पर इस राशि को बढ़ाया भी जा सकता है।

फेडरेशन ऑफ माइक्रो ऐंड स्मॉल ऐंड मीडियम एंटरप्राइजेज के महासचिव अनिल भारद्वाज ने कहा, 'हम थोड़े निराश हैं। हमने आरबीआई से इस चीज का समाधान निकालने की उ?मीद की थी, जिसमें बैंक ऋण नियमों में हाल के बदलावों को लागू नहीं कर रहे हैं। वे फंसे ऋणों के नियमों को लागू करने में भी बहुत लचीला रुख अपना रहे हैं।' उन्होंने कहा कि बैंकों को यह स?ती से कहा जाना चाहिए कि उन्हें जो लाभ दिए जा रहे हैं, उन्हें उद्यमों तक पहुंचाया जाए।

सिडबी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मोह?मद मुस्तफा ने कहा कि आरबीआई की पुनर्वित्त सुविधा के लिए जो नियम एवं शर्तें तय की जाएंगी, उनके आधार पर सिडबी वित्तीय सहायता योजना बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस पुनर्वित्त से सिडबी की फंड लागत घटेगी क्योंंकि यह पैसा नीतिगत रीपो दर पर मिलेगा। इस समय रीपो दर 4.4 फीसदी है। संस्थान इस लाभ को कर्ज की कम दरों के रूप में आगे पहुंचाएगा।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डी के अग्रवाल ने कहा, 'रिवर्स रीपो रेट को 25 आधार अंक घटाकर 4 फीसदी से 3.75 फीसदी करना स्वागत योग्य कदम है क्योंकि इससे बैंकों के लिए आरबीआई के पास पैसा रखना आकर्षक नहीं रहेगा। इसके बजाय वे इसे उत्पादक क्षेत्रों को कर्ज देंगे। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह जल्द 16 लाख करोड़ रुपये यानी जीडीपी के करीब सात फीसदी का प्रोत्साहन राहत पैकेज मुहैया कराए ताकि कोविड-19 के अर्थव्यवस्था, कारोबार और उद्योग पर असर कम किया जा सके।'

ताजा उपायों से निर्यातक खुश नहीं हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा, 'मोहलत या स्थगन अवधि को बाहर रखने के लिए 90 दिन के एनपीए नियमों से एमएसएमई इकाइयों को राहत मिलेगी।

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