बिजनेस स्टैंडर्ड - उद्योगों में कामकाज शुरू करने की बन रही रणनीति
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उद्योगों में कामकाज शुरू करने की बन रही रणनीति

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली 04 16, 2020

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों में फिर से काम शुरू किए जाने संबंधी दिशानिर्देश जारी करने के बाद राज्यों ने इसे लागू करने का विस्तृत खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।

केंद्र के दिशानिर्देश 20 अप्रैल से प्रभावी होंगे, ऐसे में राज्य जमीनी स्थिति को देखते हुए इस योजना को लागू करने पर मंथन कर रहे हैं। गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इस प्रोटोकॉल को नरम नहीं कर सकते हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय क्षेत्रों की जरूरत के मुताबिक कड़े मानक लागू करने की छूट है। कुछ राज्यों ने पहले ही गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक विशेष दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जबकि कुछ अभी ढील दिए जाने के मसले पर चर्चा कर रहे हैं।


महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के नगर निगम क्षेत्र और पुणे में आने वाले इलाके पिंपरी चिंचवाड़ और नागपुर नगर निगम क्षेत्र के उद्योगों को शुरू न करने का फैसला किया है। उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि सरकार ग्रामीण इलाकों के कृषि प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता देगी।

मुंबई, पुणे महानगर क्षेत्र और नागपुर में कोविड-19 के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए इन इलाकों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। देसाई ने राज्य में उद्योगों में कामकाज बहाल करने की नीति बनाने के लिए उद्योगों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

ग्रामीण इलाकों में उद्योग खोलने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन मालिकों को फैक्टरी परिसर में कामगारों के रहने की व्यवस्था करनी होगी और उन्हें शारीरिक दूरी बनाए रखने के कदम उठाने होंगे। मास्क और हैंड सैनिटाइजर भी उन्हें मुहैया कराना होगा। बहरहाल राज्य का उद्योग विभाग औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को सामान्य आवास सुविधा बनाने में मदद करेगा।


उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में स्टील, सीमेंट, केमिकल, टैक्सटाइल व फाउंड्री सहित 9 उद्योगों को चालू करने की अनुमति दे दी गई है। इन उद्योगों को कुछ शर्तों के साथ उत्पादन की अनुमति दी गई है। इससे पहले प्रदेश में केवल चीनी मिलें, आटा, दाल व तेल मिलों के साथ ब्रेड व पशु चारे की उत्पादन इकाइयों को चलने की इजाजत मिली थी।

गुरुवार को एक आदेश जारी कर मुख्य सचिव आरके तिवारी ने  आवश्यक सेवाओं के साथ 9 प्रकार के उद्योगों को चलाने की अनुमति दी है। आदेश में सतत प्रक्रिया उद्योगों के संचालन को सरकार की अनुमति देने की बात कही गई है।

आदेश के मुताबिक अभी पहले चरण में स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, उर्वरक उद्योगों को चलाने की अनुमति के साथ ही वस्त्र उद्योग, फाउंड्रीज, पेपर, टायर, चीनी मिलें को चलाने की इजाजत दी गई है। हालांकि वस्त्र उद्योगों में रेडीमेड कपड़े शामिल नही होंगे। इसी के साथ ही कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को भी चलाने की अनुमति भी दी गई है। आदेश में साफ कहा गया है कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में इकाइयां चलाने की अनुमति लागू नहीं होगी।

तिवारी के मुताबिक पहले चरण में अधिकतम 50 फीसदी  श्रमिकों की संख्या के साथ यह नौ उद्योग उत्पादन का काम शुरु करेंगे। जिन उद्योगों के पास श्रमिकों को परिसर में ही ठहराने की व्यवस्था व उनके खाने रहने की पूरी व्यवस्था करेंगे। बाहर से श्रमिकों के आने की दशा में उद्योगों के मालिक शारीरिक दूरी बरकरार रखते हुए लाने व ले जाने की व्यवस्था करेंगे। उद्योगों को अपने प्रधान, प्रशासनिक कार्यालयों को खोलने की अनुमति नहीं है।

सरकार औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को शुरू करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करेगी।  सरकार ने इस बीच रबी की फसल खासकर गेहूं की खरीद प्रक्रिया के दौरान पहले ही कृषि मंडियों को शारीरिक दूरियां बनाए रखने के मानकों के पालन के आदेश दे दिए हैं। उत्तर प्रदेश में 250 अधिसूचित मंडियां हैं।


गुजरात

गुजरात सरकार ने 20 अप्रैल से औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियां शुरू करने के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा मानक और शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियम शामिल हैं। बहरहाल उन इलाकों में छूट नहीं दी जाएगी, जिन्हें गुजरात के विभिन्न शहरों में हॉटस्पॉट या ज्यादा संक्रमण वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है।

राज्य सरकार अब 7 सदस्यों वाली जिला स्तर की समिति बनाएगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के जिलाधिकारी करेंगे और दिशानिर्देशों को लागू करने की निगरानी करेंगे।

इन दिशानिर्देशों में प्रतिष्ठान में घुसने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग यानी तापमान की जांच, मास्क पहनना, सैनिटाइजेशन और शारीरिक दूरी बनाए रखने की सुविधा देना, लंच के समय में धीरे धीरे प्रवेश व निकाला जाना अनिवार्य होगा। ठहरने और खाने की व्यवस्था व उन्हें फैक्टरी तक लाने व ले जाने की व्यवस्था करनी होगी। राज्य सरकार ने आज कहा है कि मानक परिचालन प्रक्रिया का उल्लंघन करने वालों को कामकाज बंद करने के आदेश दिए जाएंगे।


तमिलनाडु

राज्य के मुख्यमंत्री इडाप्पडी के पनानिस्वामी ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार उद्योगों के परिचालन को अनुमति दिए जाने के सिलसिले में केंद्र से और विस्तृत ब्योरे का इंतजार कर रही है। वित्तसचिव एस कृष्णन की अध्यक्षता में राज्य सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जो 20 अप्रैल व उसके बाद लॉकडाउन के दौरान फैक्टरियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिबंध हटाने का अध्ययन कर रही है। समिति केंद्र सरकार के संपर्क में है और सिफारिशों पर उसकी अनुमति देली कि किस तरह के प्रतिबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में नरम किए जाएं।

इसमें यह भी सिफारिश की जाएगी कि किस तरह से प्रतिबंध 3 मई के बाद चरणबद्ध तरीके से खत्म किए जाएं। राज्य सरकार ने केंद्र के आदेश के बाद बुधवार को लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बढ़ाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

नई अधिसूचना में कृषि से संबंधित बिजनेस यूनिट में परिचालन की अनुमति है। साथ ही किसानों को कामकाज शुरू करने की अनुमति दे दी गई है।


ओडिशा

ओडिशा सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए  17 अप्रैल को अधिसूचना जारी करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'राज्य में 20 अप्रैल से औद्योगिक इलाकों और एमएसएमई के परिचालन को अनुमति दी जाएगी। कामगारों को औद्योगिक परिसर में ही ठहरने को कहा जाएगा, जिससे न्यूनतम यात्रा करनी पड़े। उत्पादन को लंबे समय तक नहींं रोका जा सकता है क्योंकि आर्थिक गतिविधिया बहाल करना राज्य की जरूरत है।

दूर के जिलों के बारे में सरकार कामगारों की उपस्थिति को लेकर उदार रुख अपनाएगी। अधिकारी ने कहा कि लेकिन भुवनेश्वर और इसके आसपास को कोविड-19 के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, ऐसे में इन इलाकों में हम सावधानी बरतेंगे औरर कम मजदूरों को अनुमति देंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के पहले ही ओडिशा ने कृषि, बागवानी, फूलों की खेती और मत्स्य पालन, पशुपालन क्षेत्र में छूट दे दी थी। अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक 20 अप्रैल से छूट दी जाएगी।


केरल

केरल सरकार को अभी दिशानिर्देश तैयार करना है, जिसके लिए आज मंत्रियों की बैठक हुई है। राज्य सरकार केंद्र से राज्य को 4 क्षेत्र में विभाजित करने की अनुमति मांगेगी, जो कोविड-19 के मामलों के मुताबिक तय होंगे। कासरगोड, कन्नूर, कोझीकोड और मलाप्पुरम जैसे जिलों में जहां कोविड के मामले ज्यादा पाए गए हैं, उन्हें 3 मई तक पूर्ण बंदी में रखा जाएगा।

कृषि, मत्स्य पालन, और निर्माण क्षेत्र में कुछ छूट 20 अप्रैल से दी जा सकती है।

राज्य सरकार ने उद्योग संगठनों से भी राय मांगी है कि वे परिचालन शुरू करने के लिए किस तरह के छूट की मांग कर रहे हैं।


तेलंगाना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 19 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक करेंगे। राज्य मंत्रिमंडल छूट के ब्योरे पर चर्चा करेगा, जो राज्य में लॉकडाउन के परिणाम को देखते हुए होगा। मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा करते हुए गुरुवा को कहा कि सरकार गैर खतरे वाले क्षेत्रों में छूट देने पर अंतिम फैसला करने के लिए 19 अप्रैल को स्थिति की समीक्षा करेगी।

राज्यों ने 259 इलाके चिह्नित किए हैं, जहां कड़े मानक लागू हैं। सरकार ने मामले 1,00,000 तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए इलाज के लिए 20,000 बेड तैयार किए हैं।


आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अन्य राज्यों को मत्स्य क्षेत्र के निर्यात के लिए तत्काल कदम उठाएं।

बहरहाल राज्य कम खतरा वाले क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था का कामकाज बहाल करने के कदम उठा रही है, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप होंगे।

(अनीश फडणीस, सिद्धार्थ कलहंस, वीरेंद्र सिंह रावत, विनय उमरजी, जयजित दास, दशरथ रेड्डी और गिरीश बाबू की रिपोर्ट)

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