बिजनेस स्टैंडर्ड - सूचकांकों में देसी भारांक बढ़ाने पर विचार कर रहा एफटीएसई
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, August 15, 2020 11:45 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सूचकांकों में देसी भारांक बढ़ाने पर विचार कर रहा एफटीएसई

समी मोडक / मुंबई 04 14, 2020

वैश्विक सूचकांक प्रदाताओं ने सूचीबद्ध कंपनियों में विदेशी स्वामित्व में इजाफे के सरकारी फैसले पर नजर डाल ली है। एमएससीआई के बाद अब एक अन्य दिग्गज एफटीएसई रसेल ने अपने वैश्विक सूचकांकों में भारत का भारांक बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इस सूचकांक पर अरबों डॉलर वाले फंडों की नजर रहती है।

मंगलवार को ब्रिटेन की फर्म ने अपने सूचकांकों में किसी देश या वैयक्तिक शेयरों के भारांक की गणना करने की नई पद्धति जारी की। इस कदम से उभरते बाजार के सूचकांकों में भारत का भारांक 156 आधार अंक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से भारतीय बाजारों में करीब 2 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आ सकता है।

1 अप्रैल से देश मेंं सूचीबद्ध कई कंपनियों में विदेशी स्वामित्व की सीमा बढ़ी है क्योंकि केंद्र सरकार ने किसी क्षेत्र की सीमा को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक की निवेश सीमा मान लिया है।

एफटीएसई ने कहा है कि भारत का भारांक बढ़ाने पर फैसला जून तिमाही की समीक्षा के दौरान लिया जाएगा। सूचकांक प्रदाता ने भारत के भारांक की गणना के लिए नई पद्धति सामने रखी है औ्र इस पर 1 मई तक आम लोगों से प्रतिक्रिया मांगी है।

एफटीएसई ने अपने प्रस्ताव मेंं कहा है, भारतीय कंपनियों में विदेशी स्वामित्व की सीमा स्वत: मार्ग से संबंधित क्षेत्रीय सीमा के आधार पर बढ़ाई जाएगी, जैसा कि एनएसडीएल और सीडीएसएल ने प्रकाशित सूचना में कहा है।

सरकार ने हालांकि कहा है कि क्षेत्रीय सीमा एफपीआई की सीमा के तौर पर काम कर सकती है लेकिन उसने कंपनियों को अपनी बोर्ड की मंजूरी के जरिये इस सीमा से नीचे सीमा तय कर उसे नीचे रखने का विकल्प दिया है।

एनएसडीएल और सीडीएसएल ने भारतीय कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा से संबंधित सूचना प्रकाशित की है। कुछ कंपनियों को छोड़कर ज्यादातर में एफपीआई की सीमा को सीमित नहीं रखने का फैसला लिया गया है। एफटीएसई ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि भारांक का फैसला निवेश की बची गुंजाइश पर निर्भर कर सकता है।

इस महीने एएमएससीआई ने कहा था कि वह अगस्त में होने वाली तिमाही समीक्षा में भारत का भारांक बढ़ाने पर फैसला लेगा।

6 अप्रैल को मॉर्गन स्टैनली ने एक नोट में कहा था कि एफपीआई निवेश की सीमा के आकलन में बदलाव के कारण भारत में सार्वजनिक बाजार पूंजीकरण 356 अरब डॉलर से बढ़कर 385 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि उसमें 7 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी निवेश आकर्षित करने की क्षमता है। मॉर्गन स्टैनली ने एलऐंडटी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनैंस, नेस्ले इंडिया और डिवीज लैब में सबसे ज्यादा विदेशी स्वामित्व बढ़ाए जाने की गुंजाइश की बात भी कही है।

Keyword: MSCI, FTSE, Sensex, Nifty, Share Market, Investor, निवेश, निफ्टी, सेंसेक्स, भारांक,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

इस्पात कंपनियों की बढ़ रही चमक

Investmentsअपने मार्च-अप्रैल के निचले स्तरों से लगातार तेजी दर्ज करने वाले इस्पात

उतार-चढ़ाव के साथ शेयर बाजार का प्रदर्शन बेहतर बना रहेगा

हंसिनी कार्तिक

बाजार हलचल

सोना नई ऊंचाई पर, स्वर्ण ऋणदाताओं और खनिकों के चेहरों पर आई चमक

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.