बिजनेस स्टैंडर्ड - भारतीय शेयरों में चीनी निवेश पर सेबी की नजर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, August 14, 2020 05:29 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

भारतीय शेयरों में चीनी निवेश पर सेबी की नजर

श्रीमी चौधरी और समी मोडक / नई दिल्ली/मुंबई 04 14, 2020

बाजार नियामक सेबी के आला अधिकारियों ने इस हफ्ते बैठक की, जिसमें दो अहम मसलों (बाजार में गिरावट के बीच चीन की निवेश फर्मों की तरफ से शेयरों का अधिग्रहण और म्युचुअल फंडों की नकदी की समस्या) पर चर्चा की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

चीन की फर्मों की तरफ से अधिग्रहण का मसला तब सामने आया जब एचडीएफसी ने शेयरधारिता पैटर्न का खुलासा किया, जिससे पता चला कि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने मार्च तिमाही में एचडीेफसी में अपनी हिस्सेदारी में इजाफा किया है। हालांकि ऐसे अधिग्रहण आम तौर पर सामान्य होते हैं, लेकिन इससे कुछ चिंता पैदा हुई है कि चीन भारतीय बाजारों पर अपनी पकड़ मजबूत करने पर विचार कर सकता है और शेयर कीमतों में गिरावट का फायदा उठा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि इस बैठक में सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी, पूर्णकालिक सदस्यों और चुनिंदा कार्यकारी निदेशक शामिल हुए। बैठक में डेट म्युचअल फंडों की नकदी की समस्या पर भी चर्चा हुई। कई फंड हाउस निवेश निकासी के दबाव के बीच बाजार से उधार लेने पर मजबूर हुए हैं। साथ ही बॉन्डों और वाणिज्यिक प्रतिभूतियों के पुनर्भुगतान को लेकर भी चिंता है, जो अगले कुछ हफ्तों में परिपक्व होने वाले हैं। चिंता इस वजह से है कि लॉकडाउन के कारण कारोबारी गतिविधियां थम गई हैं।

एक सूत्र ने कहा, सेबी के आला अधिकारियों ने चीन के एफपीआई की तरफ से हुई इक्विटी खरीद और डेट म्युचुअल फंडों की समस्या पर सोमवार को चर्चा की। चीन की फर्मों की तरफ से खरीद हालांकि सामान्य है और काफी कम खरीद हुई है। यह किसी तरह के खतरे की हालांकि बात नहीं करता। पर म्युचुअल फंडों का मसला अहम है और उसके लिए अंतर-नियामकीय सहयोग की दरकार होगी।

सूत्रों ने कहा कि चीन के अधिग्रहण के मसले पर तब चर्चा हुई जब केंद्र सरकार ने सेबी से निगरानी बढ़ाने को कहा और ऐसे निवेश पर सख्त नजर रखने की हिदायत दी। यह कदम ऐसे समय मे देखने को मिला है जब विदेशी निवेशकों के निवेश की गुंजाइश भारत सरकार के उस फैसले से बढ़ी है जिसमें किसी क्षेत्र विशेष की सीमा को एफपीआई सीमा मानने की बात कही गई है।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि एफपीआई किस क्षेत्र का है उसका मतलब तब तक नहीं है जबतक कि वे निवेश के ढांचे का पालन करते हों।

मुंबई के ब्रोकर आलोक चूड़ीवाला ने कहा, भारत का पूंजी बाजार मुक्त है और सभी विदेशी निवेशकों के नियम एकसमान हैं, चाहे वह चीन का हो या फिर किसी अन्य देश का। विदेशी निवेशक तभी आएंगे जब उन्हें मूल्यांकन आकर्षक दिखेगा।

हालांकि कस्टोडियन ने कहा है कि नियामक ने पड़ोसी देशों के नए निवेशकों की मंजूरी देने में विशेष रूप से ध्यान देने को कहा है। इस बीच, सेबी के अधिकारियों ने डेट म्युचुअल फंड योजनाओं की नकदी की समस्या से संबंधित विभिन्न इनपुट पर चर्चा की।

नियामक का मानना है कि नकदी समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। साथ ही अगर संकट बरकरार रहता है तो फंड हाउस को अपने निवेशको संग दोबारा बातचीत करनी चाहिए। नियामक ने यह भी कहा है कि आरबीआई तब अलग क्रेडिट लाइन उपलब्ध कराए जब स्थिति और खराब होती हो। आरबीआई ने कम से कम दो मौकों साल 2008 और 2013 में म्युचअल फंडों को उधारी के लिए विशेष खिड़की खोली थी ताकि वे बैंंकों के जरिये अपनी नकदी की जरूरतें पूरी कर सके।

निवेश निकासी के बढ़ते दबाव, बॉन्ड बाजार में थमी हुई गतिविधियां और कारोबार बंद होने के कारण कॉरपोरेट घरानों की तरफ से बकाए का भुगतान न किए जाने की आशंका से यह मसला सामने आया है। कुछ कंपनियों ने कहा है कि निवेश निकासी के दबाव के कारण उन्हें उधार लेना पड़ा या फिर अच्छी गुणवत्ता वाली प्रतिभूतियां बेचनी पड़ी।

सेबी का मानना है कि डिफॉल्ट की पहचान में आसानी से फंड हाउस को मदद मिली है। 30 मार्च को बाजार नियामक ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को विकल्प दिया था कि वे किसी कंपनी की तरफ से भुगतान न होने पर उसे डिफॉल्ट की श्रेणी में न डाले, अगरयह लॉकडाउन या सावधि कर्ज पर मिली मोहलत के कारण हुआ हो।

Keyword: MF, Sensex, Share Market, China, Investment, Investor, निवेश, निफ्टी, सेंसेक्स, चीनी निवेश, सेबी,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

इस्पात कंपनियों की बढ़ रही चमक

Investmentsअपने मार्च-अप्रैल के निचले स्तरों से लगातार तेजी दर्ज करने वाले इस्पात

उतार-चढ़ाव के साथ शेयर बाजार का प्रदर्शन बेहतर बना रहेगा

हंसिनी कार्तिक

बाजार हलचल

सोना नई ऊंचाई पर, स्वर्ण ऋणदाताओं और खनिकों के चेहरों पर आई चमक

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.