बिजनेस स्टैंडर्ड - भारत में गरीबों और विस्थापितों पर पड़ सकती है कोरोनावायरस की बड़ी मार : विश्व बैंक
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, May 29, 2020 11:37 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

भारत में गरीबों और विस्थापितों पर पड़ सकती है कोरोनावायरस की बड़ी मार : विश्व बैंक

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली April 12, 2020

विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 1.5 से 2.8 प्रतिशत कर दिया है। कोविड-19 ने भारत की आर्थिक गतिविधियां पहले ही सुस्त कर दी हैं, ऐसे में आर्थिक विस्तार 1991-92 के भुगतान संतुलन संकट के बाद से सबसे कम रहने के आसार हैं। बैंक ने इसके पहले 2020-21 में भारत की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

बैंक ने अपने साउथ एशिया इकोनॉमिक अपडेट में यह भी चेताया है कि विस्थापित मजदूरों और झुग्गी बस्तियों की स्थिति देखकर उन क्षेत्रों में शारीरिक दूरी बनाए रखने के मानकों का पालन करना चुनौतीपूर्ण है, जो कोरोनावायरस के प्रसार के लिए बनाए गए हैं। बैंक ने कहा है कि आर्थिक स्थिति खराब होने का प्रतिकूल असर सरकार की गरीबी कम करने के कार्यक्रम पर भी होगा।

विश्व बैंक ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि औद्योगिक सकल मूल्यवर्धन 2020-21 में स्थिर रहेगा, जो 2019-20 में 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। चालू वित्त वर्ष में सेवा की वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले 6.9 प्रतिशत थी। वहीं कृषि की वृद्धि दर 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले 3.5 प्रतिशत थी। आईएमएफ भी जल्द ही वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर अपनी रिपोर्ट पेश कर सकता है।

विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि देशबंदी लंबी नहीं खिंचती है तो भातर की आर्थिक वृद्धि 2.8 प्रतिशत रह सकती है। अगर बंदी लंबी चलती है तो वृद्धि गिरकर 1.5 प्रतिशत पर पहुंच सकती है। यह दोनों ही वृद्धि दरें 1991-92 के बाद से सबसे कम होंगी, जब आर्थिक विस्तार गिरकर 1.1 प्रतिशत रह गया था।

कुछ और एजेंसियों ने भी भारत की स्थिति खराब रहने का अनुमान लगाया है। उदाहरण के लिए नोमुरा ने अनुमान लगाया है कि भारत की अर्थव्यवस्था कैलेंडर वर्ष 2020 में 0.5 प्रतिशत सिकुड़ेगी। बहरहाल कुछ अन्य ने इससे बेहतर परिदृश्य भी दिखाया है। उदाहरण के लिए एशियाई विकास बैंक ने उम्मीद की है कि भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2020-21 में 4 प्रतिशत रहेगी।

बहरहाल विश्वबैंक ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 4 से 5 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 2019-20 के करीब बराबर या इससे खराब स्थिति होगी।

बैंक ने अनुमान लगाया है कि 2019-20 में  जीडीपी वृद्धि 4.8 से 5 प्रतिशत रहने की संभावना है, जबकि दूरसे अग्रिम अनुमान में वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। बैंक ने कहा है, 'ढांचागत और वित्तीय क्षेत्र की कमजोरियों के साथ कोविड-19 के कारण आए आर्थिक अवरोधों के कारण वित्त वर्ष 20 में वृद्धि दर 5 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है।' बैंक ने सामान्य राजकोषीय घाटा (केंद्र व राज्यों का मिलाकर) चालू वित्त वर्ष में 9 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान लगाया है क्योंकि सरकारें ज्यादा खर्च करेंगी और राजस्व की आवक कम रहेगी। अगर बंदी लंबी चलती है तो घाटा और ज्यादा हो सकता है। इस संकट से देश की गरीबी घटाने की कवायद पर भी असर पड़ सकता है। बैंक ने कहा है, '2015 में गरीबी में अनुमानित रूप से 13.4 प्रतिशत गिरावट आई थी। वृद्धि सुस्त रहने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था खराब रहने से गरीबी कम करने की कवायद पर विपरीत असर पड़ सकता है।' रिपोर्ट में कहा गया है, 'इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि बहुत ज्यादा संक्रामक बीमारी गरीब लोगों के समूहों में बहुत तेजी से फैल सकती है।'

Keyword: World Bank, Poor Class, Migrant Worker, Coronavirus, Lockdown, देशबंदी, कोरोनावायरस, महामारी, विस्थापित, विश्व बैंक,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या जीडीपी में लगातार गिरावट मंदी का संकेत है?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.