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इस वित्त वर्ष में सरकार की बाजार से पहली उधारी

अनूप रॉय / मुंबई 04 09, 2020

वित्त वर्ष के लिए पहली उधारी में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चल रहे बाजार भाव की तुलना में ज्यादा कूपन का भुगतान किया है, क्योंकि ट्रेडर्स ने आने वाले दिनों में आपूर्ति ज्यादा होने के हिसाब से कदम उठाए हैं।

सरकार ने बाजारों से 19,000 करोड़ रुपये उधारी ली है। इस पूरी राशि को सब्सक्राइब कर लिया गया है। प्रभावी रूप से 10 साल के बेंचमार्क प्रतिभूति का कट आफ यील्ड 6.53 प्रतिशत आया है, जिसका इस्तेमाल 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए किया गया। प्रचलित यील्ड की तुलना में कट आफ 6 आधार अंक ज्यादा रहा और मंगलवार को राज्य सरकार की बॉन्ड नीलामी की तुलना में यह करीब 22 आधार अंक ज्यादा है। बहरहाल ब्लूमबर्ग के मुताबिक 10 साल के लिए कट आफ आम सहमति से बनी धारणा की तुलना में सिर्फ 2 आधार अंक ज्यादा है। 10 साल का बॉन्ड यील्ड 6.49 प्रतिशत पर बंद हुआ, जो नीतिगत रीपो दर की तुलना में 200 आधार अंक ज्यादा है। बॉन्ड बाजार में इस तरह की स्थिति बहुत ही दुर्लभ है और अब उम्मीद है कि रिजर्व बैंक सीधे द्वितीयक बाजार बॉन्ड खरीद की घोषणा करेगा।

सरकार ने 40 साल के परिवक्वता पत्र के माध्यम से भी 6,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं और दो साल के परिपक्वता पत्र के माध्यम से 3,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बोली पर्याप्त संख्या में आई। 10 साल के बॉन्डों के लिए 290 बोलियां मिलीं।

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के फिक्स्ड इनकम के प्रमुख बद्रीश कुलहल्ली ने कहा- 'कट-ऑफ उम्मीद के मुताबिक ही रहा। जब तक लॉकडाउन जारी रहता है, बाजार की दिलचस्पी भी सीमित होगी। लेकिन इस अवधि के दौरान अगर यील्ड ऊपर जाता है, बाजार की धारणा नकारात्मक हो जाएगी।'

फस्र्ट रैंड बैंक में ट्रेजरी के प्रमुख हरिहर कृष्णमूर्ति ने कहा, 'निश्चित रूप से बाजार कमजोर है और राज्य सकार की नीलामी में ज्यादा यील्ड अपेक्षित था। उधारी की मात्रा को लेकर बाजारों में चिंता बनी हुई है, खासकर अगर अर्थव्यवस्था को बड़े आर्थिक पैकेज की जरूरत होती है।'

लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे राजकोषीय कदमों पर बाजार नजर बनाए हुए है। जन स्माल फाइनैंस बैंक के कोषागार के प्रमुख गोपाल त्रिपाठी ने कहा, 'बाजार में तनाव नजर आ रहा है। हालांकि कट ऑफ बाजार की उम्मीदों के आसपास ही है, लेकिन कोरोना के कारण सरकार की ओर से होने वाली राजकोषीय घोषणाओं पर बाजार निर्भर है।'

बाजार से धन जुटाने के लिए राज्य सरकारों ने जी-सेक से 150 से 200 आधार अंक ज्यादा या नीतिगत रीपो दर की तुलना में 450 आधार अंक ज्यादा पर उधारी ली है। केरल ने मंगलवार को 15 साल के बॉन्ड पर 8.96 प्रतिशत भुगतान किया है, जबकि इसी के बराबर परिपक्वता की सरकार की प्रतिभूति 6.92 प्रतिशत पर बंद हुई। सरकार को इस माहौल में पहली छमाही में 4.88 लाख करोड़ रुपये उधार लेने होंगे। बैंक नकदी का समर्थन चाहते हैं ऐसे में रिजर्व बैंक के लक्षित दीर्घावधि रीपो परिचालन (टीएलटीआरओ) को भारी प्रतिक्रिया मिली है। केंद्रीय बैंक 3 साल के लिए धन 25,000 करोड़ रुपये की नीलामी कर रहा था। लेकिन इसके लिए 1,13,470 करोड़ रुपये की बोलियां हासिल हुईं। यह धन टीएलटीआरओ के माध्यम से लिया गया, जिसका इस्तेमाल खासकर कॉर्पोरेट पेपर खरीदने में होगा।

एक बैंक के कोषागार के प्रमुख ने कहा, 'इससे पता चलता है कि बैंक इन पेपर्स में अपने पैसे का निवेश करने को इच्छुक नहीं हैं और इसलिए वे रिजर्व बैंक पर जोखिम डालरहे हैं।' शेयर बाजार से तालमेल बिठाते हुए रुपये में कुछ तेजी आई है। आंशिक रूप से परिवर्तनीय मुद्रा इस समय 76.28 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई, जो इसके पहले 76.34 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी।

Keyword: उधारी, भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई, कूपन, भुगतान,
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