बिजनेस स्टैंडर्ड - बंदी बढ़ेगी, इलाके होंगे सील
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, May 29, 2020 08:53 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

बंदी बढ़ेगी, इलाके होंगे सील

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली/लखनऊ April 08, 2020

कोरोनावायरस के खिलाफ  लड़ाई में सभी राजनीतिक दलों के बीच आम राय बनाने के प्रयास में जुटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि देश में कोरोनावायरस के कारण सामाजिक आपातकाल जैसे हालात हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से आगे बढ़ाई जा सकती है।

मोदी ने विपक्षी दलों और संसद के अन्य दलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में कहा कि वह 11 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में फैसला करेंगे। एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि कई राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों और विशेषज्ञों ने लॉकडाउन बढ़ाने के सुझाव दिए हैं।

पिछले सप्ताह मोदी ने चरणबद्ध तरीकेसे लॉकडाउन हटाने की बात कही थी। पिछले कुछ दिनों में कई राज्य सरकारों ने इस मामले में अपने सुझाव दिए हैं, जिनमें विशेष रेलगाडिय़ां चलाना और कुछ औद्योगिक गतिविधियों की अनुमति देना शामिल हैं।

महाराष्ट्र जैसे ज्यादा प्रभावित राज्यों ने आशंका जताई है कि लॉकडाउन हटने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का कहना है कि

राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही को शुरू नहीं किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ में कोरोनावायरस के कम मामले हैं और उसे आशंका है कि दूसरे राज्यों से लोगों के आने से इनमें इजाफा हो सकता है। करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि करीब 80 प्रतिशत नेताओं ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया कि लॉकडाउन बढऩा चाहिए। आजाद ने कहा कि वह भी इसके पक्ष में हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वह राज्य के 15 जिलों में सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के 14 अप्रैल की रात से सील कर देगी। इन जिलों में दिल्ली से सटे गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर भी शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में आगरा, लखनऊ, वाराणसी, शामली, मेरठ, बरेली, बुलंदशहर, कानपुर, बस्ती, फिरोजाबाद, सहारनपुर, महाराजगंज और सीतापुर शामिल हैं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि इन जिलों में 81 थाना क्षेत्रों के तहत कुल 101 इलाके चिह्नित किए गए हैं। सख्ती से लॉकडाउन लागू कराने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और लोगों को घर पर जरूरी चीजों की आपूर्ति की जाएगी। राज्य में कोविड-19 के मामले बढ़कर 343 हो गए हैं, जिनमें 187 मामले तबलीगी जमात के जलसे से जुड़े हैं।     

आगरा में कोरोनावायरस के सबस अधिक 22 हॉटस्पॉट हैं, जबकि गाजियाबाद में 13 और गौतम बुद्ध नगर तथा कानपुर में 12-12 इलाके हॉटस्पॉट केरूप में चिह्नित किए हैं। पूरे जिले के बाजय इन्हीं इलाकों में सख्ती से कफ्र्यू लागू किया जाएगा, पूरे जिले में नहीं। राज्य सरकार ने स्थानीय निवासियों और पेशेवरों को जारी किए गए सभी पास रद्द कर दिए हैं। इन इलाकों को सैनिटाइज किया जाएगा और सभी प्रभावित लोगों और कोरोना मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जाएगी।

विपक्षी दलों और संसद के अन्य दलों के साथ बैठक में मोदी ने कहा कि देश को कठिन फैसले लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हरेक जिंदगी को बचाना है। बीजू जनता दल के नेता पिनाकी मिश्रा ने कहा, प्रधानमंत्री ने साफ  कर दिया है कि लॉकडाउन हटाया नहीं जा रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि कोरोना के प्रकोप के बाद अब जिंदगी पहले जैसी नहीं रह जाएगी।' प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह की परिस्थिति उबर रही है, उससे संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। मोदी ने कहा कि भारत उन चंद देशों में शामिल है, जो अब तक वायरस के प्रसार को थामने में सफल रहे हैं। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि परिस्थिति लगातार बदल रही है और हमें हर समय सतर्क रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और सरकार इनसे निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।

शीर्ष अधिकारियों ने उपायों के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। विपक्षी नेताओं ने स्वास्थकर्मियों के लिए पीपीई की कमी का मामला उठाया। कुछ नेताओं ने कहा कि सरकार को सेंट्रल विस्ता पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना से बचना चाहिए। इस बैठक में कई सुझाव आए। आजाद ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को मुफ्त में किसानों की फसल काटने के काम में लगाया जाना चाहिएए कीटनाशकोंए उर्वरक और दूसरे कृषि उपकरणों को जीएसटी में छूट मिलनी चाहिए और लॉकडाउन हटाने या लगाने के बारे में क्षेत्रवार योजना बननी चाहिए।

Keyword: Economic, Coronavirus, Lockdown, Covid-19, Pandemic, Virus, Flu, लॉकडाउन, कोरोनावायरस, महामारी, सील,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या वोडा-आइडिया में गूगल के निवेश से अन्य निवेशक भी होंगे आकर्षित?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.