बिजनेस स्टैंडर्ड - मददगार हो सरकार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, May 29, 2020 10:37 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

मददगार हो सरकार

संपादकीय /  April 07, 2020

सरकार ने सांसदों की वेतन कटौती का जो निर्णय लिया है वह इस मायने में बेहतर है कि सरकार कोविड-19 संकट के आकार को पहचान रही है। बहरहाल, यह कदम निजी क्षेत्र से सरकार की अपेक्षाओं के एकदम विरोधाभासी है। सरकार के लिए काम करने वाले श्रम आयुक्तों के कारण निजी कंपनियां श्रमिकों की तादाद कम नहीं कर पा रही हैं या वे कर्मचारियों को बिना भुगतान की छुट्टी पर भेजकर अपने खर्च कम नहीं कर पा रही हैं। उदाहरण के लिए केंद्रीय श्रम आयुक्त ने स्पाइसजेट से कहा है कि वह एक रिपोर्ट पेश करे कि उसने सरकार के मशविरों पर क्या कदम उठाया है। गौरतलब है कि कंपनी ने कुछ दिन पहले वेतन कटौती की घोषणा की थी। निजी क्षेत्र में नौकरियां और वेतन भत्ते बचाना अहम लक्ष्य है लेकिन सरकार को कारोबारों को चालू भी रखना है। श्रम बाजार की शर्तें लचीली रखने का लक्ष्य यही है कि वेतन-भत्तों और लागत को यथासंभव लचीला बनाया जा सके। यह बात अलग है कि आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया में भी इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। जब कारोबार गिरावट पर होते हैं तो ऊंची स्थायी लागत कंपनी की नकदी पर जोरदार चपत लगाती है। गौरतलब है कि वेतन इसका अहम हिस्सा होते हैं।

सरकार शायद यह नहीं समझ रही है कि यदि वेतन कटौती, जबरन छुट्टी जैसे उपाय नहीं अपनाने दिए गए तो कंपनियां पूरी तरह बंद भी हो सकती हैं। यह किसी के हित में नहीं होगा। विमानन उद्योग जैसे कई कारोबारों को सरकार ने ही बंद करने का आदेश दिया है। उनका राजस्व तो सरकार के आदेश की वजह से शून्य हुआ है। हालांकि सरकार ने ऐसा वायरस को थामने के लिए किया है लेकिन कई कंपनियां शायद ऐसी स्थिति में नहीं होंगी कि वे लंबे समय तक बिना राजस्व के नकदी बरकरार रख सकें। हकीकत में विमानन कंपनियों और होटल जैसे कारोबारों के लिए शायद लॉकडाउन के चरणबद्ध रूप से समाप्त होने के बाद भी लंबे समय तक हालात सामान्य न हो सकें। ऐसे में वेतन कैसे देंगे? ट्रकों की बिक्री 80-90 फीसदी तक गिर गई है। विनिर्माण का काम लगभग ठप है। जाहिर है तयशुदा लागत इनके कारोबार को ठप कर देगी। ये ऐसे कारोबार हैं जिन्हें परिचालन में काफी लचीलेपन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा इन्हें सरकार के समर्थन की भी जरूरत पड़ती है। यदि ऐसा न हो तो बड़ी तादाद में कंपनियां दिवालिया होंगी और इससे काफी लोग बेरोजगार तो होंगे ही सुधार प्रक्रिया भी धीमी पड़ेगी। भारत इस अप्रत्याशित झटके से कितनी जल्दी निपटता है यह सरकार की प्रतिक्रिया पर भी निर्भर करता है।

यदि सरकार की प्राथमिकता सारे रोजगारों और श्रमिकों का संरक्षण करना है और वह नियोक्ताओं को अवसर नहीं देती है तो उसे वेतन भत्तों के एक हिस्से का बोझ तब तक उठाना चाहिए जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते। ब्रिटेन में ऐसी घोषणा की जा चुकी है। ब्रिटिश सरकार रोजगार गंवाने वाले अधिकांश कर्मचारियों के वेतन भत्तों की भरपाई कर रही है। सरकार ने आबादी के संवेदनशील तबके के लिए पैकेज की घोषणा भी की है। परंतु कोविड-19 के आर्थिक असर से निपटने की व्यापक नीति अभी भी नदारद है। नीति निर्माताओं को जल्दी ही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का खाका तैयार करना होगा। उदाहरण के लिए कुछ कारोबारों की हालत सुधरने में अधिक वक्त लगेगा। सरकार अगर यह सुनिश्चित करे तो बेहतर होगा कि उनके सामने नकदी प्रवाह और नकदी का संकट नहीं आएगा। निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों को वेतन देते रहने का आदेश देने भर से काम नहीं चलेगा।

Keyword: Economic, Coronavirus, Lockdown, Covid-19, Pandemic, Virus, Flu, लॉकडाउन, कोरोनावायरस, महामारी, सांसद, वेतन कटौती,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या वोडा-आइडिया में गूगल के निवेश से अन्य निवेशक भी होंगे आकर्षित?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.