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राज्यों ने निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने को कहा

सोहिनी दास, विनय उमरजी और गिरीश बाबू / मंबई/अहमदाबाद/चेन्नई April 03, 2020

देश में कोरोनावायरस से संक्रमित मामलों की संख्या 2,000 से काफी आगे निकल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मामले अगर इसी तरह बढ़ते रहे तो मध्य मई आते-आते देश में ऐसे मरीजों की संख्या 13 लाख तक पहुंच सकती है।

आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2018 तक भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में 7,39,024 बेड उपलब्ध थे। इनके अलावा रक्षा अस्पतालों में करीब 35,000 बेड हैं, साथ ही रेलवे के अस्पतालों में भी करीब 14,000 बेड उपलब्ध हैं। मोटे अनुमान के अनसार देश के निजी अस्पतालों में करीब 30 लाख बेड उपलब्ध हैं। वर्ष 2018 में 3,740 लोगो की मौत सांस की गंभीर बीमामी से हो गई थी जबकि 4,213 लोगों को निमोनिया के कारण अपनी जान गंवानी पडी थी। नैशनल हेल्थ प्रेाफाइल, 2019 के अनुसार संास की गंभीर बीमारी के करीब 4 करोड़ मामले आए थे और करीब 9,28,485 मामले उसी साल निमोनिया के भी दर्ज हुए थेे। कोविड-19 से हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। संक्रमण की गंभीर आशंका वाले क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के इलाज के लिए सरकार के पास पर्याप्त स्वास्थ्य ढाचा उपलब्ध नहीं है, ऐसे में राज्य सरकारें विकराल होती स्थिति से निपटने के लिए हाथ-पांव मार रही हैं और अब वे निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने के लिए कह रही हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में कुछ जिलों में निजी अस्पतालों को भी कोविड-19 से निपटने की मुहिम शामिल करने के आदेष दिए गए हैं। सार्वजनिक-निजी ढांचे पर आधारित अस्पतालों जैसे दिल्ली में इंद्रप्रस्थ अपोलो आदि को कोविड-19 से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के लिए कहा गया है। हालांकि अपोलो से स्वतंत्र रूप इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई।

मुंबई के अंधेरी में 500 बेड वाले सेवन हिल्स हॉस्पिटल को पहले ही कोविड-19 से निपटने वाला अस्पताल करार दे दिया गया है। यहां ऐसे मरीजों के इलाज के लिए इंतजाम किए गए हैं। इस बारे में अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा, 'हम इस अस्पताल में 100 बेड की सुविधा तैयार करने में सरकार की मदद कर रहे हैं।'

रिलायंस ने भी पुणे-मुंबई राजमार्ग पर अपना एक छोटा संयंत्र कोविड-19 के मरीजों के लिए सुरक्षित कर लिया है। जिलों में यह संकट ज्यादा गहरा है जहां घर लौटे प्रवासी कामगारों में इसके लक्षण शुरू होने के बाद स्थिति विकराल हो सकती है। आशंका है कि शहरों से गांवों में लौटे हरेक 10 प्रवासी कामगारों में से तीन अपने साथ यह वायरस ले गए हैं।

महाराष्ट्र में कोविड-19 संक्रमण के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। मुंबई में दुनिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती माने जाने वाली धारावी में कोविड के मरीज सामने आने से स्थानीय प्रशासन इसके सामुदायिक प्रसार को रोकने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। 2 वर्ग किमी में फैली इस बस्ती में करीब 8 लाख लोग रहते हैं। मुंबई के तीन सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी कोविड के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं।

महाराष्ट्र में अब जिला अस्पतालों में भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम ठाणे, वाशी, कल्याण-डोंबीवली में करीब 30 सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के लिए 2,000 से अधिक विशेष बिस्तरों की व्यवस्था करने की योजना बना रहे हैं। इन अस्पतालों में इसके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध किया जा रहा है।'

गुजरात में सरकार ने किसी भी निजी अस्पताल को अपने हाथों में नहीं लिया है लेकिन 131 अस्पतालों के इसके लिए तैयार रहने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम पूरी तरह या आंशिक रूप से इन अस्पतालों को अपने हाथ में ले सकता हैं। फिलहाल सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन वार्ड हैं और अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट जैसे शहरों में और वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में 4,600 आइसोलेशन बिस्तर उपलब्ध हैं जबकि सरकार 2,700 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर रही है। इसके अलावा जरूरत पडऩे पर 131 निजी अस्पतालों में 1,000 विशेष बिस्तरों की पहचान की गई है। सरकारी अस्पतालों में अभी 1,100 वेंटिलेटर हैं और निजी अस्पतालों में अतिरिक्त 1,700 वेंटिलेटर की पहचान की गई है।

अधिकारी ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो और अधिक निजी अस्पतालों को जोड़ा जा सकता है जिससे आइसोलेशन बिस्तरों की संख्या 10 हजार से अधिक पहुंच सकती है।कर्नाटक सरकार भी इसके लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है जिसके तहत हर जिले में एक अस्पताल पूरी तरह कोविड-19 के मरीजों के लिए तैयार किया जाएगा। उस अस्पताल के मरीजों को पास के नजदीक के अस्पताल में भेजा जाएगा ताकि उन्हें किसी तरह के संक्रमण से बचाया जा सके। पश्चिम बंगाल में भी हर जिले में इसके लिए एक विशेष अस्पताल बनाया जाएगा। राजस्थान ने जयपुर में 84 निजी अस्पतालों में 9,000 से अधिक बिस्तर कोविड मरीजों के लिए रखे हैं।

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