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औपचारिक क्षेत्र के कर्मियों के लिए छूट की घोषणा

सोमेश झा / नई दिल्ली March 26, 2020

कोरोनावायरस के कारण देशव्यापी लॉकडाउन को देखते हुए केंद्र सरकार ने आज औपचारिक क्षेत्र के कामगारों को राहत पहुंचाने के कदमों की घोषणा की। सरकार अगले 3 महीने तक 100 कर्मचारियों की क्षमता तक वाली कंपनियों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के बिल का बोझ उठाएगी और औपचारिक क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को ईपीएफओ में से 3 महीने का पीएफ अंशदान वैश्विक आपदा कोरोनावायरस के दौरान निकालने की अनुमति होगी।

नियोक्ता और कर्मचारी अपने वेतन का 12 प्रतिशत बराबर बराबर भविष्य निधि खाते में जमा करते हैं, जिसका प्रबंधन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) करता है। पीएफ अंशदान के वित्तपोषण से बहरहाल बड़े पैमाने पर कर्मचारी वंचित रहेंगे, जो इसके बाहर हैं। दरअसल भारत के कुल 47.1 करोड़ कर्मचारियों में से महज 1.6 प्रतिशत ही इस योजना में हैं।

ईपीएफओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह धन रीइंबर्समेंट के रूप में होगा, जिससे संकेत मिलता है कि नियोक्ता अगले 3 महीने तक कर्मचारियों को वेतन देना जारी रखेगा, जिसके एवज में कर्मचारी पीएफ बिल देगी। अधिकारी ने कहा कि नियोक्ता को यह साक्ष्य दिखाना होगा कि उन्होंने अपने कर्मचारियों को 3 महीने तक वेतन का भुगतान किया है और पीएफ का भुगतान नहीं किया है, तभी वह इस लाभ का दावा कर सकेंगे।

आज वित्त मंत्रालय की ओर से  जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, 'जिन उद्योगोंं में 15,000 रुपये से कम वेतन मिलता है, उन कर्मचारियों का रोजगार जाने का खतरा ज्यादा है। इस कदम से उनके रोजगार में व्यवधान रोका जा सकेगा।सरकार पीएफ रीइंबर्समेंट स्कीम के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन करेगी, जो 1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण (पीएमजीके) पैकेज का हिस्सा है। इस पैकेज की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज की है।  सरकार के इस कदम का फायदा 3,77,000 प्रतिष्ठानों में काम करने वाले 79 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। बहरहाल ईपीएफओ में कुल 5,63,000 प्रतिष्ठान हैं, जिनके कुल कर्मचारियों की संख्या 480 लाख है, जो भविष्य निधि में नियमित रूप से अंशदान देते हैं। इस हिसाब से कुल प्रतिष्ठानों में से एक तिहाई और ईपीएफओ में पंजीकृत करीब 84 प्रतिशत कर्मचारियों को पीएमजीके योजना का लाभ नहीं मिलेगा।  सिरिल अमरचंद मंगलदास में पार्टनर ऋचा मोहंती ने कहा, 'इस पहल से व्यापक रूप से एमएसएमई क्षेतत्र को फायदा होगा क्योंकि यह योजना सिर्फ उन्ही प्रतिष्ठानों के लिए है, जहां 100 से ज्यादा कर्मचारी काम नहीं करते हैं। इस पर स्थिति साफ करनी होगी कि क्या इसका लाभ 15,000 रुपये महीने तक वेतन पाने वालों के लिए सीमित है और क्या थर्ड पार्टी कर्मचारियों को भी इसमें शामिल करेगी।

लेकिन 4.8 करोड़ ईपीएफओ खाताधारक कर्मचारियों को यह लाभ मिलने जा रहा है कि सरकार ने यह अनुमति दे दी है कि वे आपदा के दौरान अपने 3 महीने का अंशदान निकाल सकते हैं। जिन कर्मचारियों को 3 महीने तक वेतन नहीं मिलता है, वे अपने पीएफ अंशदान का 75 प्रतिशत निकाल सकते हैं।

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