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दीर्घावधि पूंजीगत लाभ, शेयर पुनर्खरीद पर नहीं लगेगा कर!

श्रीमी चौधरी / नई दिल्ली March 26, 2020

बाजार में निवेश धारणा बेहतर करने के लिए सरकार और पूंजी बाजार नियामक सेबी निवेशकों पर कर बोझ घटाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसी क्रम में वे शेयरों की पुनर्खरीद और दीर्घावधि पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर को तात्कालिक तौर पर हटाने पर विचार कर रहे हैं। यह पहल आर्थिक गतिविधियों में उथल-पुथल के कारण शेयर बाजार में गिरावट के बीच भारतीय उद्योग जगत और निवेशकों को राहत देने के उद्देश्य से किए जा रहे उपायों का हिस्सा हो सकती है।

इस मामले से अवगत लोगों ने कहा कि इन उपायों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जा रहा है और विभिन्न हितधारकों के बीच विचार-विमर्श के बाद जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है। निवेशक सरकार और सेबी को पहले ही ऐसी मांग कर चुके हैं क्योंकि कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। बाजार प्रतिभागियों का मानना है कि शेयर पुनर्खरीद कर को हटाए जाने से तमाम कंपनियों को पुनर्खरीद की घोषणा करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे शेयर कीमतों को थामने में मदद मिलेगी। इसके अलावा एलटीसीजी टैक्स को हटाए जाने से निवेश धारणा को बेहतर करने में मदद मिलेगी क्योंकि ज्यादातर कंपनियों के शेयर 31 जनवरी 2018 के स्तर से नीचे लुढ़क चुके हैं।

फिलहाल निवेशकों को एक वित्त वर्ष के दौरान 1 लाख रुपये अथवा इससे अधिक के इक्विटी लाभ पर 10 फीसदी एलटीसीजी का भुगतान करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि सरकार ने नियामक से कर ढांचे में बदलाव की जांच करने और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। सरकार यह भी देख रही है कि अगर शेयर पुनर्खरीद कर को हटा दिया गया तो उसे राजस्व में कितनी कमी आएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सेबी और वित्त मंत्रालय दिन में तीन बार शेयर बाजार की निगरानी कर रहे हैं। जुलाई 2019 के केंद्रीय बजट में सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा पुनर्खरीद पर कर लगाया गया था। उसका उद्देश्य पुनर्खरीद और लाभांश भुगतान के बीच संतुलन स्थापित करना था।  एक बाजार विशेषज्ञ ने कहा, 'शेयर पुनर्खरीद कर के ढांचे में किसी भी तरह का बदलाव नकदी संपन्न कंपनियों को निवेशकों से अधिक शेयर खरीदने का अवसर देगा। इससे निश्चित तौर पर बाकी शेयरधारकों को बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

सन फार्मास्युटिकल, डालमिया भारत, मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज और रामकृष्ण फोर्जिंग जैसी कुछ कंपनियों ने हाल में शेयर पुनर्खरीद की घोषणा की है। इससे पहले थॉमस कुल इंडिया और ग्रेन्यूल्स इंडिया ने अपनी पुनर्खरीद योजनाओं की घोषणा की थी।  इसके अलावा कई प्रवर्तकों ने निवेशकों में भरोसा बहाल करने और अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से खुले बाजार से शेयरों की खरीदारी की है। उन्होंने ऐसे समय में शेयर खरीदे हैं जब कीमत कई वर्षों के निचले स्तर पर लुढ़क चुकी है। इस बीच, बाजार नियामक ने कहा है कि म्युचुअल फंड सहित बाजार के बिचौलियों को अपने ग्राहक को जानो यानी केवाईसी, सबस्क्रिप्शन ट्रेडिंग और भुनाने जैसे मोर्चे पर पूरी तरह डिजिटल होने का निर्देश दिया है।

Keyword: LTCG Tax, Sebi, Investor, दीर्घावधि पूंजीगत लाभ, शेयर पुनर्खरीद, कर, निवेश धारणा, एलटीसीजी,
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