बिजनेस स्टैंडर्ड - ई-कॉमर्स पर पड़ा लॉकडाउन का असर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, April 10, 2020 04:10 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

ई-कॉमर्स पर पड़ा लॉकडाउन का असर

पीरजादा अबरार और नेहा अलावधी /  March 25, 2020

फ्लिपकार्ट आज फिर शुरू करेगी किराना और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति। एमेजॉन उन उत्पादों की आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, जिनकी ग्राहकों को कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरत है

पुलिस के सख्ती से पेश आने के आरोपों के बीच फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और बिगबास्केट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने नए ऑर्डर लेना अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसे देखते हुए दिल्ली, हरियाणा और कर्नाटक समेत बहुत सी राज्य सरकारों ने उनके प्रतिनिधियों से संपर्क साधकर उनके डिलिवरी एजेंटों के बचाव एवं सुरक्षा का भरोसा दिया है।

इन राज्यों ने घोषणा की है कि वे पुलिस को बताएंगे कि राज्यों की सीमाओं पर ई-कॉमर्स कंपनियों का सामान ले जाने वाले वाहनों को न रोकें और उनके डिलिवरी एजेंटों के लिए कफ्र्यू पास की व्यवस्था करें ताकि वे आसानी से आïवाजाही कर सकें। फ्लिपकार्ट, एमेजॉन, ग्रोफर्स और एमेजॉन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियो ने बुधवार को या तो नए ऑर्डर लेना बंद कर दिया या उन्होंने केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने की घोषणा की है। ये कंपनियां लॉकडाउन की अवधि में परिचालन की संभावनाओं का आकलन कर रही हैं। ये कंपनियां अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने के लिए स्थानीय सरकारों और पुलिस प्रशासन का सहयोग मांग रही हैं।

फ्लिपकार्ट के चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार ने कहा, 'हम अपने डिलिवरी कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। हमने स्थानीय सरकारों और पुलिस प्रशासन का सहयोग मांगा है ताकि अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी कर सकें क्योंकि वे लॉकडाउन के दौरान घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।'

इससे पहले एमेजॉन इंडिया ने कहा था कि वह फिलहाल ऑर्डर लेना बंद कर रही है और कम प्राथमिकता के उत्पादों की डिलिवरी रोक रही है। वह उन उत्पादों की डिलिवरी को प्राथमिकता दे रही है, जिनकी ग्राहकों को कोविड-19 के दौरान सबसे अधिक जरूरत है।' एमेजॉन इंडिया के एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया, 'हम अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके साथ ही अपने ग्राहकों की अत्यंत महत्त्वपूर्ण जरूरतें पूरी करने के लिए हम अपनी उपलब्ध फुलफिलमेंट और लॉजिस्टिक क्षमता का इस्तेमाल उन उत्पादों की आपूर्ति में कर रहे हैं, जो हमारे ग्राहकों के लिए इस समय जरूरी हैं।'

गृह मंत्रालय के 21 दिन के लॉकडाउन के दिशानिर्देशों के मुताबिक खाद्य, दवा और चिकित्सा उपकरण सहित अहम वस्तुओं की डिलिवरी करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियां आवश्यक सेवाओं का हिस्सा हैं। उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इसमें सही संवाद न होने का भी मसला है। प्रशासन नए-नए परिपत्र ला रहा है, जो पिछले परिपत्रों से बिल्कुल उलट हैं। इससे जमीनी स्तर के स्थानीय अधिकारियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।' अधिकारी ने कहा, 'बहुत सी ई-कॉमर्स कंपनियां परिचालन बंद करने का फैसला ले रही हैं क्योंकि प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है और डिलिवरी कर्मचारियों को पीटा जा रहा है।'

केवल ई-कॉमर्स कंपनियां ही नहीं बल्कि ऑनलाइन दवा कंपनियों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। देश में 25,000 से अधिक पिन कोड पर दवाओं की डिलिवरी करने वाली मेडलाइफ ने कहा कि उसके बहुत से डिलिवरी एजेंटों की पुलिस ने पिटाई की है। मेडलाइफ के सीईओ और सह-संस्थापक अनंत नारायण ने कहा, 'दिल्ली के टोडापुर क्षेत्र में मेडलाइफ का डिलिवरी कर्मचारी प्रकाश कफ्र्यू पास लेकर लौट रहा था। फुलफिलमेंट सेंटर लौटते समय रास्ते में पुलिस ने उसकी पिटाई की। वह घायल है और उसके चेहरे एवं शरीर पर खरोंच आई हैं। हमें बेंगलूरु में भी ऐसी ही घटनाओं की खबर मिली हैं।'

एक अग्रणी ऑनलाइन दवा डिलिवरी कंपनी नेडमेड्स ने भी अपने ग्राहकों से कहा है कि उसे ऑर्डरों की डिलिवरी में देरी हो रही है क्योंकि कोविड-19 के लॉकडाउन के बाद स्थानीय और क्षेत्रीय यात्रा प्रतिबंधों से कूरियर कंपनियों को अस्थायी रूप से अपना परिचालन रोकना पड़ रहा है।

इसने कहा, 'हालांकि यह देरी पूरी तरह उनके नियंत्रण से बाहर है, लेकिन हम सभी सरकारी एजेंसियों और कूरियर कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि आवश्यक दवाएं और हेल्थकेयर उत्पाद आप तक जल्द से जल्द पहुंचें।' उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा सामान पहुंचाने के तीन प्रमुख स्तर/केंद्र हैं, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स तथा डिलिवरी। पुलिस अधिकारियों ने कई वेयरहाउसों को दुकान या भंडारगृह के अंतर्गत वर्गीकृत करके बंद करा दिया है। एक व्यक्ति ने कहा, 'सीमाएं सील हो जाने से बसें तथा ट्रकों की आवाजाही बंद है। साथ ही, अगर ये कंपनियां अपना सामान रेलवे के जरिये भी भेजना चाहें तो ट्रेन की कम आवाजाही तथा क्षमता में कमी से सामान पहुंचने में काफी समय लग जाएगा।'

सामुदायिक प्लेटफॉर्म लोकल सर्किल द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 79 प्रतिशत लोग आवश्यक वस्तुओं को समय पर प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही, 32 प्रतिशत लोगों को खुदरा स्टोर पर आवश्यक सामान भी नहीं मिल रहा है। लोकल सर्किल ने कहा, 'कई ग्राहकों ले लोकर सर्किल पर बताया कि ग्रोफर्स, बिगबास्केट, एमेजॉन तथा फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स तथा ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म से उनके घर तक सामान नहीं पहुंच रहा है और अब बहुत से सामान उपलब्ध भी नहीं हैं।' बुधवार को कई राज्यों ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने के उपाय कर रहे हैं कि ई-कॉमर्स कंपिनयों द्वारा दी जा रही आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि उसके सभी अधिकारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, मार्केटप्लेस, फूड एग्रीगेटर्स तथा रिटेल दुकानों द्वारा होम डिलीवरी की अनुमति देने के लिए कहा गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घोषणा की है कि राज्य 21 दिनों के बंद के दौरान लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय कर रहा है। राज्य सब्जी-विक्रेताओं, ग्रॉसरी तथा ई-कॉमर्स डिलीवरी कर्मियों को आवश्यक सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पास उपलब्ध करा रहा है।  बेंगलूरु के पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने ई-कॉमर्स, खाद्य, मेडिसिन फर्मों एवं किराना एग्रीगेटर्स के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की थी। उन्होंने बताया कि विभाग 'ड्यूटी पास' जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

इस बीच, फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्याधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा है कि कंपनी किराना तथा आवश्यक सेवाओं की डिलीवरी फिर से शुरू कर रही है क्योंकि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आपूर्ति श्रंखला के निर्बाध आने-जाने तथा डिलिवरी एग्जीक्यूटिव्स को सुरक्षित माहौल देने का आश्वासन दिया है। कृष्णमूर्ति ने कहा, 'हम अपने कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं के लिए एक सुरक्षित तथा कारगर तरीके से अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना जारी रखेंगे। हम संकट की इस घड़ी में अपने कुशल तथा मजबूत वितरण नेटवर्क का लाभ देश भर के ग्राहकों को देने के लिए तैयार हैं।'

ई-कॉमर्स को एक आवश्यक सेवा के रूप में मान्यता देने के लिए एमेजॉन इंडिया के वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा प्रमुख (भारत) अमित अग्रवाल ने बुधवार को ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने ट्वीट किया, 'हम इस अहम समय में नागरिकों की सेवा के लिए अपने सभी संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार तथा प्रतिबद्ध हैं। हम स्थानीय अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे हमारे साथ मिलकर काम करें और हमें मदद करें।' 



सरकार से मिले कैट प्रतिनिधि

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के साथ ही ई-कॉमर्स तथा रिटेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार सचिव गुरु प्रसाद महापात्रा और गृह, वाणिज्य एवं अन्य मंत्रालयों के दूसरे अधिकारियों से भी मुलाकात की और सभी प्रतिनिधियों ने उपने उद्योगों के सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा की।

व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की नियमित आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति, निर्माता से थोक व्यापारी, थोक विक्रेताओं से खुदरा विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं से उपभोक्ताओं तक सामान आपूर्ति के जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे व्यापारियों की सुरक्षा तथा किसी बी तरह के संभावित उत्पीडऩ को रोकने के विषयों को भी उठाया। परिवहन के साधनों का अनउपलब्धता तथा लॉजिस्टिक से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी बात की गई।

कैट ने एक बयान में कहा, 'हमने इस बातचीत में परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने का अनुरोध किया और पूरे में सामान की आपूर्ति बनाए रखने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। बातचीत में आवश्यक वस्तुओं की संपूर्ण भारत में निर्बाध आपूर्ति के साथ ही अन्य अहम मुद्दों पर बात की गई।' सरकार के प्रतिनिधियों ने देश भर में चल रहे लॉकडाउन के बीच व्यापारियों को शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का आश्वासन दिया।

Keyword: Flipkart, Amazon, E-Commerce, Online Business, Coronavirus, Lockdown, कोरोनावायरस, कोविड-19, ई-कॉमर्स,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या कोविड-19 संकट के बाद जल्द उबर पाएगी देश की अर्थव्यवस्था?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.