बिजनेस स्टैंडर्ड - ठप पड़ रहे देश के विनिर्माण संयंत्र
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ठप पड़ रहे देश के विनिर्माण संयंत्र

ईशिता आयान दत्त और अभिषेक रक्षित / कोलकाता/मुंबई March 25, 2020

भारत का विनिर्माण क्षेत्र धीरे-धीरे ठंडा पड़ता जा रहा है। कोरोनावायरस से देश में आए भूचाल के बीच कंपनियां श्रमिकों, कच्चे माल और अन्य सुविधाओं के अभाव में अपने उत्पादन संयंत्र बंद कर रही हैं। देश ही नहीं कोरोना के कहर से दुनिया के दूसरे देशों में भी उनके संयंत्रों में परिचालन ठप हो रहा है। आदित्य बिड़ला समूह नियंत्रित हिंडाल्को ने कहा है कि राज्य सरकारों के निर्देशों के बाद इसने एल्युमीनियम और तांबा विनिर्माण संयंत्रों में अस्थायी तौर पर उत्पादन रोक दिया है। कंपनी ने कहा कि लोगों के बीच सामाजिक संपर्क कम करने की सरकार की अपील के बाद कम से कम कर्मचारियों के साथ परिचालन हो रहा है। अमेरिका में हिंडाल्कों की सहायक कंपनी नोवेलिस ने भी आंशिक रूप से परिचालन रोक दिया है। वहां अमेरिकी वाहन कंपनियों ने कोविड-19 के संक्रमण के मद्देनजर काम रोक दिया है। आदित्य बिड़ला समूह की दूसरी कंपनियों ग्रासिम और अल्ट्राटेक के कुछ संयंत्रों में भी सरकारी आदेश के बाद काम-काज रोक दिया गया है।

दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर ने इंडोनेशिया में वहां की सरकार के आदेश के बाद अपने संयंत्र में उत्पादन बंद कर दिया है। इसी तरह, जिंदल स्टेनलेस ने कहा है कि ओडिशा के जाजपुर में उसके संयंत्रों में तत्काल प्रभाव से परिचालन बंद कर दिया गया है। यूनिवर्सल केबल्स ने भी सतना विनिर्माण संयंत्र में काम रोकने की बात कही है। कंपनी की गोवा इकाई में 22 मार्च के सुबह से ही परिचालन बंद है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों में पीऐंडजी हेल्थ ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों की तरफ से बंद के आदेश के बाद भारत में विभिन्न जगहों, संयंत्रों और वितरण केंद्रों में परिचालन प्रभावित हुआ है।

कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा है कि लॉकडाउन के कारण एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं का परिवहन प्रभावित हो रहा है। उदाहरण के लिए इमामी समूह की कंपनी इमामी एग्रोटेक के राजस्थान, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में संयंत्र है और वहां से उत्तर एवं दक्षिण भारत के तमाम बड़े बाजारों में खाद्य तेल की आपूर्ति करते हैं। देश के दूसरे हिस्सों में भी इसकी कुछ उपस्थिति है। सीमाएं बंद होने के कारण राजस्थान और आंध्र प्रदेश सरकारों ने इमामी को संयंत्र बंद करने के आदेश दिए हैं।

इस तरह, कुछ समय पहले तक केवल पश्चिम बंागल में ही इसका परिचालन हो रहा था। इमामी समूह के आदित्य वी अग्रवाल ने कहा,'पश्चिम बंगाल में कुछ समय पहले तक परिचालन हो रहा था, लेकिन श्रमिकां एवं परिवहन साधनों के अभाव में यहां भी परिचालन बंद करने की नौबत आ गई है।' लॉकडाउन के कारण ट्रक राज्य की सीमाएं नहीं लांघ पा रहे हैं और चालकों के अभाव में राज्य के भीतर भी ट्रकों की आवाजाही सीमित है। इससे स्टॉकिस्ट और वितरकों तक सामान की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। एक उपभोक्ता उत्पाद कंपनी के प्रवर्तक ने कहा,'अगर वितरकों से उत्पाद की मांग होने पर भी परिवहन साधनों के अभाव में हम कुछ नहीं कर पाएंगे। इन सभी चीजों से हमारे हाथ नकदी भी नहीं आ पा रही है।'देश के प्रमुख उद्योगों की हालत भी ठीक नहीं है। एक अग्रणी इस्पात उत्पादक ने कहा कि औसतन उनकी कंपनी को 500 ट्रकों की जरूरत पड़ती है, लेकिन यह कम होकर 20 रह गई है। इस कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रक चालक लंबी दूरी यत नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि सड़कों के किनारे सभी ढांबे बंद है।' कमजोर मांग और परिवहन साधनों के अभाव से कंपनी के संयंत्र में उत्पादन 40-50 प्रतिशत तक कम हो चुका है। संयंत्र में कर्मचारियों की संख्या में भी 60-70 प्रतिशत तक कमी आई है।

मंगलवार को इस्पात सचिव बिनॉय कुमार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि देश में कई इस्पात संयंत्र कामगारों की कमी, कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़ीं दिक्कतों और तैयार इस्पात का परिहवन नहीं होने के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मुख्य सचिवों से इस्पात संयंत्रों पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाने का आग्रह किया है। सीमेंट कंपनियों में उत्पादन थमने की नौबत आ गई है। इन कंपनियों के संयंत्रों में मजदूरों की कमी और सीमेंट की ढुलाई नहीं होने से दिक्कतें पेश आ रही हैं।

Keyword: Manufacturing Plant, Coronavirus, Lockdown, Food, Death, कोरोनावायरस, कोविड-19, विनिर्माण संयंत्र,
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