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कोरोना के प्रसार के बाद हमारे ऑर्डर में दोगुना इजाफा

विभु रंजन मिश्रा /  March 24, 2020

जब ज्यादातर किराना स्टोर और सुपर मार्केट बंद हैं तो ज्यादातर लोग कोरोनावायरस का प्रसार न्यूनतम करने के लिए अपने-अपने घरों में रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं। देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ग्रॉसरी फर्म बिगबास्केट मांग में भारी बढ़ोतरी देख रही है। इससे कंपनी पर काफी दबाव पड़ा है। कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ हरि मेनन ने विभु रंजन मिश्रा को दिए साक्षात्कार में बताया कि बेंगलूरु की कंपनी कैसे भारी मांग का प्रबंधन कर रही है और मुश्किल वक्त में आपूर्ति बनाए रखना सुनिश्चित भी कर रही है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...
 
कोरोनावायरस से जुड़े मौजूदा संकट के कारण क्या आपका आपूर्ति नेटवर्क और परिचालन प्रभावित हुआ है?
 
इस पर असर पड़ा है। क्योंकि हम ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी देख रहे हैं। वास्तव में रोजाना के ऑर्डरों की संख्या सामान्य अवधि के मुकाबले दोगुनी हो गई है। ऐसे ऑर्डर का प्रबंधन बेहतर तरीके से कर रहे हैं लेकिन यह वास्तव में हमारे सिस्टम व लोगों पर भारी दबाव डाल रहा है। मुश्किल समय में जो लोग हमारे साथ खड़े हैं उन्हें मैं सलाम करता हूं। डिलिवरी सहायक समेत उनमें से कई लोग समझते हैं कि सेवा जारी रखना अभी राष्ट्र की जरूरत है। वास्तव में उनमें से कई खुश थे जब वे एक दिन पहले शाम को सामान की डिलिवरी के लिए निकले।
 
क्या यह आपके आपूर्ति पक्ष पर दबाव डाल रहा है?
 
हमारा आपूर्ति पक्ष ठीक तरह से परिचालित हो रहा है। कुल मिलाकर आपूर्ति पक्ष को लेकर कोई समस्या नहीं है, लेकिन समस्या यह है कि हमें काफी ऑर्डर मिल रहे हैं जिसका प्रबंधन हम अपनी मौजूदा क्षमता में कर सकते हैं, जिनमें मूल रूप से कर्मचारी, वैन और स्टोरेज शामिल है। चूंकि ऑर्डर में भारी इजाफा हो रहा है, ऐसे में डिलिवरी स्लॉट तेजी से बंद हो रहे हैं। इसका मतलब यह है कि जो ऑर्डर पहले उसी दिन या अगले दिन डिलिवर हो जाते थे उसमें अब 2 या तीन दिन लग रहे हैं। इसके अलावा हमारे ज्यादातर सप्लायर हमारे साथ काम कर रहे हैं। उन्हें अहसास हो रहा है कि कारोबार ऑनलाइन की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में वे हमें काफी ज्यादा सहयोग दे रहे हैं। 
 
क्या यह आपके कर्मियों पर काफी दबाव डाल रहा है?
 
वास्तव में हमें उतने लोग नहीं मिल रहे हैं, जितने की दरकार इतने ऑर्डर को पूरा करने के लिए जरूरी है। लेकिन अच्छी बात यह है कि क्षमता पर हमारा पूरा नियंत्रण है। ऐसे में हमारे पास रोजाना उपलब्ध कर्मियों व डिलिवरी वैन की संख्या के आधार पर हम उस दिन के लिए क्षमता तय करते हैं। उसके बाद आने वाले ऑर्डर की डिलिवरी अगले दिन या उसके एक दिन बाद हो रही है। ऐसे में हम क्षमता को वास्तव में नियंत्रित करने में सक्षम हैं। ग्राहक भी हमारे प्रशंसक हैं। 
 
राज्यों की बंदी आपको कैसे प्रभावित कर रहा है, खास तौर से रविवार के जनता कफ्र्यू और उसके बाद?
 
केंद्र ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए थे, लेकिन राज्य के स्तर पर उसका क्रियान्वयन रविवार को वास्तव में खराब था। हमारे कई वैन और लोगों को पुलिस ने रोका और कुछ को पीटा भी। यह उत्तर प्रदेश, मुंबई, चेन्नई और कर्नाटक के कुछ इलाकों में हुआ। केंद्र और राज्यों के बीच सामंजस्य का अभाव है। हम उनसे बातचीत कर रहे हैं और वे बेहतरी का भरोसा दे रहे हैं। उन्हें भी इसका अहसास हो रहा है। हमें सरकार का सहयोग मिल रहा है।
 
अब इन्वेंट्री का प्रबंधन आप कैसे कर रहे हैं?
 
आम तौर पर हमारे पास 12 दिन की इन्वेट्री होती है। लेकिन उसमें कमी आ रही है। साथ ही हमारे कई बड़े सप्लायर वास्तव में रोजाना आपूर्ति कर रहे हैं जबकि पहले वे दो या तीन दिन में ऐसा करते थे। 
 
कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आप क्या कर रहे हैं?
 
चूंकि हमें पता है कि मुश्किल वक्त में हमें काम जारी रखना है, लिहाजा यह हमारे ऊपर कई जवाबदेही भी डालता है। इसमें यह सुनिश्चित करना होता है कि कर्मचारी समेत हर कोई सुरक्षित रहें। हमने हाल में संपर्कविहीन डिलिवरी पेश की है, जो डिलिवरी एजेंट व ग्राहक दोनों की सुरक्षा के लिए सही है। इसके अलावा हम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हर काम कर रहे हैं। 
 
क्या आप सभी घर से काम कर रहे हैं?
 
हां, हम सभी घर से काम कर रहे हैं। वास्तव में, हमारे मुख्यालय पर अभी पूरी तरह से ताला नहीं लगा है (जहां 500 लोग काम करते हैं), लेकिन करीब-करीब हम सभी अपने घर से काम कर रहे हैं। हालांकि वेयरहाउस व गोदाम खुले हैं, जो फिजिकल टच पॉइंट है। 
Keyword: Corona virus, china, india, market,,
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