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श्रमिकों को मिले नकद, उद्योग को प्रोत्साहन

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली March 23, 2020

कोरोनावायरस के बढ़ते संकट और देश भर में कारखानों एवं दफ्तरों के बंद होने से सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को मौद्रिक सहायता बढ़ाने और घरेलू उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन मुहैया कराने की सख्त जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में भारतीय उद्योग जगत ने ये बातें बताईं। देश के 75 जिलों को लॉकडाउन करने के बाद मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये औद्योगिक उत्पादन में तेजी से आ रही गिरावट के लिए संभावित समाधान तलाशने पर उद्योग के साथ आज चर्चा की। बैठक में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की अध्यक्ष संगीता रेड्डी और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर भी शामिल थे। अधिकांश उद्योगपतियों की राय थी कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके को तत्काल नकद प्रत्यक्ष अंतरण करने की जरूरत है।
 
सूत्रों ने कहा कि दोनों उद्योग संगठनों कामगारों और 5 लाख रुपये से कम आय वाले लोगों को 5,000 रुपये नकद देने के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को एकमुश्त 10,000 रुपये देने की मांग की। प्रधानमंत्री ने उद्योग संगठनों की सिफारिशों को गंभीरता से सुना और प्रस्तावित नकद अंतरण की विस्तृत योजना के बारे में जानने की इच्छा जताई ताकि उपभोक्ता मांग में इजाफा हो सके। इसके साथ ही उद्योग ने ऋण प्रावधानों में ढील देने तथा नकदी बढ़ाने के उपाय करने की भी मांग की। किर्लोस्कर ने कहा, 'सभी कर्जदारों को सभी तरह के कर्ज के भुगतान की बाध्यता को पूरा करने के लिए तीन महीने की रियायत देनी चाहिए और मौजूदा अवधि में कर्ज वसूली नहीं करनी चाहिए। सीआईआई ने इस बात पर जोर दिया कि सभी क्षेत्र के उद्योगों के लिए कर्ज की सुविधा बढ़ाने की तत्काल जरूरत है और सरकार को अगले तीन महीने के लिए ब्याज तथा मूलधन के स्थगन के उपाय तलाशने चाहिए।' उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कारोनावायरस के प्रसार को रोकने तथा जल्द से जल्द संक्रमण के नए मामले घटाने की होनी चाहिए। सीआईआई ने डॉलर तरलता स्वैप की भी मांग की।
 
फिक्की का कहना है कि सरकार को राजकोषीय घाटे में 200 आधार अंक इजाफे का बोझ वहन करना चाहिए। फिक्की के अनुसार इसे वित्तीय प्रणाली में 4 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी आएगी। संगीता रेड्डी ने कहा, '16 मार्च 2016 से किसी ऋण को गैर-निष्पादित आस्तियों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही मानक ऋणों का भुगतान कम से कम दो तिमाहियों के लिए टाल दिया जाना चाहिए। बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही वाणिज्यिक पत्रों एवं कॉर्पोरेट  बॉन्ड के लिए भी पर्याप्त नकदी रखी जानी चाहिए।' 
 
फिक्की ने यह भी मांग की है कि कोरोनावयरस से प्रभावित कंपनियों के नए मामले ऋण शोधन एवं दिवालिया संहिता के तहत राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में नहीं लाए जाने चाहिए। फिक्की एवं सीआईआई दोनों प्रमुख औद्योगिक संगठनों ने कहा है कि उन्होंने जितनी भी मांगें रखी हैं, उनसे सरकार की वित्तीय स्थिति पर कोई खास असर नहीं होगा। कर्मचारियों का वेतन नहीं काटने की प्रधानमंत्री की सलाह पर उद्योगपतियों ने कहा कि उन्होंने आवश्वस्त किया है कर्मचारियों की छंटनी नहीं होगी और उनके वित्तीय हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उद्योग जगत ने इस खतरनाक वायरस के साथ लड़ाई में सरकार को सभी तरह का सहयोग देने की भी बात कही है। फिक्की कोरोनावायरस के संदिग्धों एवं मरीजों को एकांतवास में रखने के लिए बेड एवं जीवन रक्षक उपकरण मुहैया कराने पर नीति आयोग के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसी तरह, सीआईआई आपात स्वास्थ्य जरूरतों के लिए आवश्यक वस्तुओं एवं उपकरण के उत्पादन एवं इनकी उपलब्धता के लिए अपने संयंत्रों का इस्तेमाल करने देगा। इस बैठक में हिंदुस्तान यूनिलीवर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव मेहता, भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राजन भारती मित्तल, कोटक महिंद्रा बैंक के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक उदय कोटक, दवा कंपनी पीरामल के अजय पीरामल, टीवीएस के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और कैडिला हेल्थकेयर के चेयरमैन पटेल सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया था।
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