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ओटीटी पर अभी नहीं होगा एचडी प्रसारण

सुरजीत दास गुप्ता /  03 23, 2020

कुछ समय के लिए आपको हाई डेफिनिशन पर फिल्म न देखने के लिए तैयार रहना होगा अथवा आपको अपने पसंदीदा ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड या स्ट्रीमिंग करते समय कम स्पीड जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।  सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने 11 वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनियों से बैंडविड्थ की उपयोगिता घटाने का आह्वान किया था ताकि दूरसंचार नेटवर्क पर अधिक दबाव न आए। इसी क्रम में डिज्नी के हॉटस्टार, ज़ी5 एवं वायकॉम18 द्वारा परिचालित वूट ओटीटी ने बिट दरों को पहले ही कम करने का निर्णय लिया है।

 
दूरसंचार कंपनियों के इस संगठन ने कुछ दिनों पहले अपने पत्र में ओटीटी सेवा प्रदाताओं को विज्ञापन और पॉप अप को हटाने के लिए कहा था जो आमतौर पर उच्च बैंडविड्थ की खपत करते हैं। साथ ही उन्हें अस्थायी तौर पर एचडी स्ट्रीमिंग के बजाय एसडी के लिए पहल करने का आग्रह किया था। सीओएआई ने 11 से अधिक स्ट्रीमिंग सेवा कंपनियों को पत्र इस संबंध में पत्र लिखा है जिनमें हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स, एमेजॉन प्राइम, ज़ी5, वूट, ऑल्ट बालाजी, सोनी लाइव आदि शामिल हैं। साथ ही सीओएआई ने दूरसंचार विभाग से भी अनुरोध किया है कि इसके लिए ओटीटी कंपनियों को निर्देश दिया जाए। 
 
दूरसंचार कंपनियों ने कहा है उनके नेटवर्क पर मांग में अचानक 10 फीसदी से अधिक की तेजी आई है क्योंकि अधिक से अधिक लोग घर से काम कर रहे हैं अथवा शहरों को लॉकडाउन किए जाने के कारण वे घर पर हैं। सबसे बड़ी ओटीटी कंपनी हॉटस्टार के प्रवक्ता ने कहा, 'हम इस असाधारण परिस्थिति के प्रति सचेत हैं और उस पर करीबी नजर रख रहे हैं। ग्राहक और देश के व्यापक हित में हम लगातार बदलाव करने और एचडी स्ट्रीमिंग की बिट दरों में कमी करने के लिए तैयार हैं।' हॉटस्टार के ग्राहकों की संख्या 30 करोड़ से अधिक है। 
 
कंपनी ने यह भी कहा है कि उसकी वीडियो स्ट्रीमिंग बिट दरों को स्वत: अनुकूलित करती है जिससे इंटरनेट की कम खपत सुनिश्चित होती है, इसलिए वह सामग्री की जटिलता- जैसे मनोरंजन बनाम लाइव स्पोट्र्स के आधार पर एन्कोडिंग का अनुकूलन करते हैं। डिज्नी ओटीटी ने यह भी बताया कि एचडी विकल्प केवल भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जबकि उसके 30 करोड़ उपयोगकर्ताओं में से अधिकतर एसडी देखते हैं। यहां तक कि ज़ी5 भी इस चुनौती से निपट रही है। ज़ी5 के सीईओ तरुण कात्याल ने कहा, 'हम भारतीय दर्शकों के डेटा खपत पैटर्न को समझते हैं। हम किसी भी डिवाइस पर स्ट्रीमिंग को डिलिवर करने पर पाबंदी लगाने के लिए उपाय कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मौजूदा बैंडविड्थ खत्म नहीं हुआ है।'  उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में सीओएआई के साथ करीबी से काम कर रहे हैं। 
 
प्रतिस्पर्धी कंपनी वायकॉम18 डिजिटल वेंचर्स के सीओओ गौरव रक्षित ने कहा कि वूट एकसमान स्ट्रीमिंग करती है। उन्होंने कहा, 'वूट सिलेक्ट प्लेटफॉर्म (सब्सक्रिप्शन) पर हमारे उपयोगकर्ताओं की संख्या काफी कम है और वे अपनी बढ़ी हुई खपत के मद्देनजर एसडी के लिए भी तैयार हैं।' वूट के ग्राहकों की संख्या 10 करोड़ से अधिक है। हालांकि इस क्षेत्र की बड़ी कंपनी नेटफ्लिक्स ने अपनी योजना के बारे में कोई भी टिप्पणी या खंडन करने से इनकार करते हुए केवल इतना कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर कोई विज्ञापन नहीं है। कंपनी अपने ग्राहकों को एसडी और एचडी दोनों विकल्प उपलब्ध कराती है। 
 
हालांकि वह यूरोप में बैंडविड्थ के उपयोग पहले ही 25 घटा चुकी है। साथ ही उसके पास ऐसी प्रौद्योगिकी है जिससे इस कमी के बावजूद एचडी उपयोगकर्ताओं के लिए सेवा की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ता। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा, 'हमारी नेटवर्क क्षमता में वीडियो स्ट्रीमिंग की हिस्सेदारी 30 से 35 फीसदी है। अगर हम एचडी से एसडी की ओर रुख कर लें तो बैंडविड्थ की उपयोगिता में 20 से 30 फीसदी की कमी लाई जा सकती है क्योंकि कई ग्राहकों इसके जरिये टीवी प्रसारण चैनलों की स्ट्रीमिंग भी करते हैं। यदि विज्ञापन को भी बंद कर दिया जाता है तो इससे राजस्व का नुकसान हो सकता है लेकिन इससे टीएसपी को डेटा में बढ़ते उछाल से निपटने में मदद मिलेगी।' 
Keyword: india, OTT, HD, download,,
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