बिजनेस स्टैंडर्ड - एसआईपी निवेश पर हुआ नुकसान तो न हों परेशान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, August 09, 2020 06:05 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

एसआईपी निवेश पर हुआ नुकसान तो न हों परेशान

संजय कुमार सिंह /  March 22, 2020

आम तौर पर माना जाता है कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये किए गए निवेश पर नुकसान (नेगेटिव रिटर्न) नहीं होता है, लेकिन बिगड़ते हालात कुछ दूसरी कहानी ही बयां कर रहे हैं। विभिन्न बाजार पूंजीकरण और निवेश अवधि वाले डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंडों में निवेश फिलहाल नुकसान में चल रहे हैं। इस समय एसीआईपी योजनाओं पर प्रतिफल भी पिछले आंकड़ों के मुकाबले कमजोर दिख रहे हैं।

बाजार में मचा हाहाकार इन दोनों बातों की मुख्य वजह है। प्राइमइन्वेस्टर के सह-संस्थापक विद्या बाला कहती हैं, 'एसआईपी उस समय अधिक कारगर होता है जब बाजार नीचे जाकर दोबारा वापसी करता है। हरेक किस्त में निवेशक सस्ती दरों पर म्युचुअल फंड यूनिट खरीदते हैं। जब बाजार ऊपर भागता है तो इसका लाभ निवेशकों को मिलता है। जब उल्टी बयार बहती है (जब यूनिट महंगे दाम में खरीदी जाती है और अचानक बाजार फिसल जाता है) तो एसआईपी निवेश नुकसान में चला जाता है।' इससे पहले भी एसआईपी पर नुकसान हुआ है, लेकिन ऐसा वाकया कभी-कभार देखने को ही मिलता है। कई निवेशकों को इस बात को लेकर हताशा हो सकती है कि पांच वर्षों तक निवेश बनाए रखने के बाद भी उन्हें मुनाफा हाथ नहीं लगा है। बाला कहती हैं,'जोखिम से सुरक्षा के लिए ही निवेशकों को दीर्घ अवधि के लिए निवेश करने पर भी कुछ रकम डेट योजनाओं में लगाने की सलाह दी जाती है।'

पिछले एक वर्ष के दौरान मझोले एवं छोटे फंडों के मुकाबले बड़े फंडों में तेज गिरावट आई है। अमूमन निवेशक बड़े फंडों को स्थिरता एवं मजबूती से जोड़कर देखते हैं। प्लटस कैपिटल के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अंकुर कपूर कहते हैं, '2019 में बड़े शेयरों में तेजी रही है। 2018 के शुरू से अब तक मझोले एवं छोटे शेयरों का प्रदर्शन शायद ही अच्छा रहा है। सितंबर 2019 से उनके प्रदर्शन में थोड़ा सुधार हुआ है। चूंकि, बड़े शेयरों में अधिक तेजी आई है, इसलिए उनमें गिरावट भी अधिक रही है।' तेज गिरावट से मोटे तौर पर यह सबक मिला है कि छोटी अवधि के किए गए निवेश शेयरों से निकाल लिए जाएं तो बेहतर रहेगा। 

पर्सनलफाइनैंसप्लान डॉट इन के संस्थापक दीपेश राघव कहते हैं,'लक्ष्य के नजदीक पहुंचते ही शेयरों में निवेश कम करना शुरू कर दें। लक्ष्य के लिए आवश्यक रकम दो से तीन वर्ष पहले से फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रमेंट में रखना चाहिए।'

अपना एसीआईपी बंद करने के लिए मौजूदा आंकड़ों पर निर्भर नहीं रहें। मौजूदा समय ऐसा है जब एसीआईपी की रकम सस्ते भाव में यूनिट खरीदेगी और बाजार में तेजी आने पर यह निवेशकों के लिए फायदेमंद रहेगा। अक्सर ऐसा होता भी है। अपने दिमाग में यह बात हमेशा रखें कि 2008 में सेंसेक्स में 52 प्रतिशत गिरावट आई थी, लेकिन 2009 में इसमें 81 प्रतिशत की उछाल आई। जिस फंड में आपने निवेश किया है, उसमें उसके श्रेणी औसत से अधिक गिरावट आई है तो जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें। कुछ फंडों को कम नुकसान होता है, क्योंकि वे नकदी या इसके समतूल्य योजनाओं में निवेश करने लगते हैं।

बाजार में जब तक गिरावट रहती है तब तक यह अच्छा लगता है, लेकिन बाजार में जबरदस्त तेजी आने पर यह नीति उल्टी साबित हो सकती है। जिस फंड में आपने निवेश किया है अगर उसका दीर्घ अवधि के प्रदर्शन का रिकॉर्ड अच्छा रहा है तो इसे सुधरने का मौका जरूर दें। कुछ फंडों में मंदी के समय अधिक गिरावट आती है, लेकिन हालात तेजी होने पर उसी रफ्तार से वे वापसी भी करते हैं। हालांकि अगर फंड लंबे समय से, मिसाल के तौर पर छह महीने से पीछे चल रहा है तो आप इसे निकलकर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड में रकम लगा सकते हैं।

Keyword: BSE, Bombay Stock Exchange Ltd., NSE, National Stock Exchange of India Ltd., Share Market, Sensex, Closing Values, Opening, SIP, Negative Return, Investment,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

उतार-चढ़ाव के साथ शेयर बाजार का प्रदर्शन बेहतर बना रहेगा

Investmentsबीएस बातचीत हालांकि अगली कुछ तिमाहियों के बारे में बाजार को लेकर कोई

हंसिनी कार्तिक

बाजार हलचल

सोना नई ऊंचाई पर, स्वर्ण ऋणदाताओं और खनिकों के चेहरों पर आई चमक

माइंडस्पेस रीट: मजबूत लाभांश की वजह से अच्छा दीर्घावधि दांव

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.