बिजनेस स्टैंडर्ड - वैश्विक पैसिव फंडों और एल्गो रणनीतियों से बाजार में गिरावट
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, April 03, 2020 04:14 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

वैश्विक पैसिव फंडों और एल्गो रणनीतियों से बाजार में गिरावट

ऐश्ली कुटिन्हो / मुंबई March 16, 2020

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में आई बड़ी गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक पैसिव फंडों द्वारा बिकवाली और एल्गो-आधारित रणनीतियां हो सकती हैं। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज द्वारा जारी रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 19 फरवरी से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारतीय इक्विटी में 4.6 अरब डॉलर की कुल बिकवाली में लगभग दो-तिहाई का योगदान पैसिव फंडों का रहा। 

यह अनुमान 1.5 लाख करोड़ डॉलर की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) वाले लगभग 200 एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) के अध्ययन पर आधारित है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि इस अवधि के दौरान इन ईटीएफ ने 25 अरब डॉलर की निकासी दर्ज की।

इंडेक्स फंडों और ईटीएफ ने पिछले पांच वर्षों के दौरान विकसित बाजारों में बड़ा पूंजी प्रवाह दर्ज किया है। इसलिए इन फंडों का ताजा बिकवाली में बड़ा योगदान रहा। विश्लेषकों का मानना है कि ब्लैकरॉक, टेम्पलटन और फिडेलिटी जैसे वैश्विक फंड अपने कुल निवेश का 10-30 प्रतिशत हिस्सा पैसिव रणनीतियों के जरिये निर्धारित कर सकते हैं।

डाल्टन कैपिटल एडवाइजर्स के निदेशक यूआर भट ने कहा, 'बिकवाली दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि ईटीएफ संबंधित निवेशकों द्वारा बिक्री ऑर्डरों को पूरा करते हैं। वे मूल्यांकन आकर्षक होने की स्थिति में निचले स्तरों पर शेयरों की पुन: खरीद या अन्य शेयर खरीदने के लिए मौजूदा शेयर बेचने या नकदी का इस्तेमाल करने का निर्णय नहीं ले सकते, जैसा कि ऐक्टिव फंडों के साथ संभव है। कीमत या मूल्यांकन के संबंध में निवेश से निकलने की होड़ और खरीदारों के अभाव की वजह से कीमतों में और गिरावट आ सकती है।'

भट का कहना है कि एल्गो-आधारित स्टॉप लॉस के साथ हेज फंडों द्वारा बिकवाली से इस बाजार में भी बदलाव दिखा है। भट कहते हैं, 'स्टॉप लॉस पूरा होने पर ये फंड बिकवाली बढ़ा देते हैं।' एल्गोरिदम ट्रेडिंग को भारत में 2009 में शुरू किया गया था और इसमें कंप्यूटर स्वत: ही पहले से निर्देशित सौदों को पूरा कर देता है। एक्सचेंज कारोबार में इस ट्रेडिंग का लगभग 40 प्रतिशत योगदान है। अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में कुल कारोबार का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा एलगोरिदम ट्रेडिंग से जुड़ा हुआ है।

यूट्रेड सॉल्युशंस के संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी कुणाल नंदवानी के अनुसार, भारत में एल्गो कारोबारियों ने बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से पिछले एक या दो सप्ताह में कमाई की है। उन्होंने स्पष्टï किया कि कुछ मामलों में एल्गो से अतीत में बाजार गिरावट को भी बढ़ावा मिला है जिसकी मुख्य वजह एल्गोरिदम का कमजोर क्रियान्वयन रहा है।

Keyword: BSE, Bombay Stock Exchange Ltd., NSE, National Stock Exchange of India Ltd., Share Market, Sensex, Closing Values, Opening, FPI, AUM, ETF, Brokerage, ivestor,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

कोविड-19 के बीच दूरसंचार क्षेत्र सुरक्षित दांव

Investmentsभारती एयरटेल समेत दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों के शेयर पिछले

वित्त क्षेत्र के शेयर अभी आकर्षक दांव नहीं

होटल कंपनियों की आय में कमी के आसार

वित्त वर्ष 2020 में एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक निवेशकों की पहली पसंद

बाजार पूंजीकरण-जीडीपी अनुपात दीर्घावधि औसत से नीचे

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.