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लक्ष्य की तुलना में रेलवे के विद्युतीकरण की रफ्तार सुस्त

शाइन जैकब / नई दिल्ली March 15, 2020

भारतीय रेलवे को दिसंबर 2023 तक 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 4 साल तक हर सालाना 9,700 किलोमीटर से ज्यादा विद्युतीकरण करना होगा। बहरहाल इस वित्त वर्ष में लक्ष्य हासिल होने की संभावना नहीं है। 2019-10 के लिए बजट में निर्धारित लक्ष्य का करीब 41 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल हुआ और इस दौरान महज 2,881 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण हो पाया है। 

बहरहाल अब तक भारतीय रेल के महज 58 प्रतिशत ट्रैक का विद्युतीकरण हो सका है। रेलवे ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भी सिर्फ 6,000 किलोमीटर विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा है, जिसका मतलब यह है कि लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले वर्षों का लक्ष्य बढ़ाना होगा। 

जनवरी 2020 तक के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय रेल के 93,902 किलोमीटर लंबे ट्रैक में से सिर्फ 58 प्रतिशत का विद्युतीकरण हो सका है। रेलवे की संसद की स्थायी समिति को जवाब देते हुए रेल मंत्रालय कहा है, '2018-19 और 2019-20 में हुए विद्युतीकरण की गति बरकरार रखी जाएगी और आने वाले ïवर्षों में शेष मार्गों का विद्युतीकरण कर दिसंबर 2023 तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।'

वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान रेलवे ने सबसे ज्यादा 5,276 किलोमीटर विद्युतीकरण किया था, जो इसके पहले के 4,087 किलोमीटर विद्युतीकरण की तुलना में 29 प्रतिशत ज्यादा था, लेकिन चालू वित्त वर्ष में रफ्तार बहुत घट गई है। रेल बोर्ड ने संसद की समिति को आश्वस्त किया है कि लक्ष्य पूरा करने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं, जिनमें कांट्रैक्ट प्रबंधन के लिए जोनल रेलवे को ज्यादा अधिकार दिया जाना शामिल है। इससे वे किसी भी मूल्य के ठेके के बारे में फैसला कर सकेंगे। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के ठेकों के लिए ईपीसी मॉडल लाया गया है, जिससे तेजी से काम किया जा सके। विद्युतीकरण के क्षेत्र में भले ही प्रदर्शन खराब रहा है, ट्रैक के नवीकरण का काम अब तक के सबसे तेज रफ्तार से हो रहा है। जनवरी 2020 तक रेलवे ने 3,872 नवीकरण कर लिया है, जबकि पिछले साल 4,181 किलोमीटर पटरियों का नवीकरण किया गया था।  

समिति को दिए गए अपने जवाब में भारतीय रेल ने कहा है, '2018-19 के लिए 4,400 किलोमीटर ट्रैक नवीकरण का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 4,181 ट्रैक किलोमीटर का लक्ष्य हासिल किया गया, जो लक्ष्य से 4.98 किलोमीटर कम है। यह कमी मुख्य रूप से इसलिए आई कि सेल पटरियों की आपूर्ति का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई।' 2019-20 के दौरान 3,250 किलोमीटर ट्रैक किलोमीटर के नवीकरण का लक्ष्य रखा गया था, जबकि जनवरी 2020 तक 3,872 किलोमीटर का नवीकरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य से 19 प्रतिशत ज्यादा है।

Keyword: Indian railway, electrification, train,
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