बिजनेस स्टैंडर्ड - येस बैंक को उबारने की कवायद
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येस बैंक को उबारने की कवायद

बैंक का बोर्ड भंग, ग्राहक नहीं निकाल सकेंगे 50 हजार रुपये से अधिक रकम
हंसिनी कार्तिक / मुंबई 03 05, 2020

एक और बैंक बचाने को आगे आई सरकार

एसबीआई के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार बनाए गए येस बैंक के प्रशासक
एसबीआई और एलआईसी कर सकते हैं येस बैंक की मदद
कॉल ऑप्शन के इस्तेमाल की समयसीमा 5 मार्च को समाप्त
येस बैंक को हो चुका है 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान

बिजनेस स्टैंडर्ड येस बैंक को उबारने की कवायदसंकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के येस बैंक के जमाकर्ताओं और बॉन्डधारकों के हितों के संरक्षण के लिए एक योजना पर काम चल रहा है। बैंक के पूंजी जुटाने के सभी प्रयासों के नाकाम होने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक येस बैंक के पुनर्गठन या विलय के लिए रिजर्व बैंक (आरबीआई) सरकार और सरकारी वित्तीय संस्थानों की मदद ले सकता है। शुरुआती योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) येस बैंक को संकट से उबार सकते हैं। एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक को संकट से उबारने के लिए 2018 में उसकी 51 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। सूत्रों के मुताबिक येस बैंक के मामले में आरबीआई जमाकर्ताओं और बॉन्डधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाना चाहता है। 

हालांकि येस बैंक को उबारने की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इक्विटी की कीमत को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। इसमें बैलेंस शीट के पुनर्गठन को प्राथमिकता दी जाएगी। एक बैंकिंग सलाहकार ने कहा, 'आस्तियों को वास्तविक मूल्य पर लाने की जरूरत है और फिर पता चलेगा कि बैंक को कितनी पूंजी की जरूरत है।' एलआईसी ने इस बारे में बिज़नेस स्टैंडर्ड के सवालों का जवाब नहीं दिया लेकिन एसबीआई ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया कि वह इसका खुलासा करने में सूचीबद्धता के नियमों में निर्धारित समयसीमा का पालन करेगा। 

सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि येस बैंक को 5 मार्च तक 80 करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड पर कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल करना था। एक सूत्र ने कहा कि बैंक ने कॉल ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया है। बॉन्ड के भुगतान का दायित्व निभाने में नाकामी के कारण आरबीआई को आगे आना पड़ा है। हाल ही में केयर रेटिंग्स ने येस बैंक के 21,016 करोड़ रुपये के बॉन्ड की रेटिंग घटाकर क्रेडिट वॉच के साथ नकारात्मक प्रभाव कर दिया था। इन बॉन्डों को नकारात्मक रेटिंग के साथ पहले ही जारी किया जा चुका है। 

देसाई हरिभक्ति कंसल्टेंट्स के चेयरमैन शैलेश हरिभक्ति ने कहा, 'सरकसर एक और बड़े वित्तीय संस्थान को विफल होने देना नहीं चाहेगी।' येस बैंक की जमा 30 सितंबर, 2019 तक 2.09 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं उसने कुल 2.24 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ है। वित्त वर्ष 2020 में बैंक को अब तक 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं इसने 30,000 करोड़ रुपये का कर्ज वॉच श्रेणी वाली संपत्तियों को दिया है। हरिभक्ति की बात पर सहमति जताते हुए अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख ने कहा कि जमा खाताधारकों के श्रेष्ठ हित में नियामकीय हस्तक्षेप बेहद आवश्यक है। हालांकि उनका मानना है कि येस बैंक को उबारने के लिए दिए जाने वाले पैकेज को समायोजित करने के लिए कई नियामकीय व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा, 'ग्लोबल ट्रस्ट बैंक के बाद से नियामकीय मोर्चे पर कई सारे बदलाव हो चुके हैं और योजना को एकसाथ पेश करना उतना आसान नहीं होगा।' येस बैंक दिसंबर तिमाही के नतीजे करीब एक महीने की देरी के बाद 14 मार्च को जारी कर सकता है।
Keyword: yes bank, bond, RBI, SBI,,
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