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ऑर्किड फार्मा की समाधान योजना पर एनसीएलएटी का आदेश खारिज

गिरीश बाबू / चेन्नई March 03, 2020

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल में ऑर्किड फार्मा के लिए धानुका लैबोरेटरीज की समाधान योजना के खिलाफ दिए गए नैशनल कंपनी लॉ अपील ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के आदेश को खारिज कर दिया। धानुका लैबोरेटरीज ने एक्सचेंज को भेजी सूचना में ये बातें कही। भारतीय स्टेट बैंक की अपील पर दिया गया आदेश एनसीएलटी में जून 2019 में मंजूरी की गई धानुका लैबोरेटरीज की समाधान योजना के लिए हरी झंडी है। कानूनी सूत्रों ने यह जानकारी दी। नवंबर 2019 में एनसीएलएटी ने यह कहते हुए एनसीएलटी के आदेश को खारिज कर दिया था कि उसकी समाधान योजना परिसमापन कीमत से कम है और यह दिवालिया संहिता के प्रावधानों के खिलाफ है। इसके अलावा यह कॉरपोरेट कर्जदाता की परिसंपत्तियों से मिलने वाली रकम को अधिकतम करने के सिद्धांत के खिलाफ भी है। एनसीएलएटी ने एकॉर्ड लाइफ की याचिका पर आदेश देते हुए ये बातें कही थी। एकॉर्ड लाइफ, ऑर्किड फार्मा के लिए नाकाम बोलीदाता थी।
 
सर्वोच्च्च न्यायालय के खंडपीठ ने कहा कि एनसीएलएटी के आदेश को हालिया फैसले के आलोक में खारिज किया गया, जहां विशेष तौर पर कहा गया था कि दिवालिया संहिता का ऐसा कोई प्रावधान अदालत की जानकारी में नहीं लाया गया, जिसके तहत समाधान आवेदक को परिसमापन कीमत के बराबर बोली लगानी जरूरी हो। इसके  मुताबिक अपील की अनुमति दी गई और एनसीएलएटी के फैसले को खारिज किया गया। लेनदारों की समिति में शामिल एसबीआई ने यह आरोप लगाते हुए एनसीएलएटी के खिलाफ अपील की कि ट्रिब्यूल ने सीओसी की वाणिज्यिक समझ से ऊपर फैसला दिया। यह ऑर्किड फार्मा के निवेशकों को बचाने की दूसरी कोशिश है। इससे पहले एनसीएलटी ने अमेरिकी कंपनी इंजेन कैपिटल की समाधान योजना को अमान्य घोषित कर दिया था क्योंकि निवेशक कथित तौर पर नियम के मुताबिक रकम नहीं ला पाए।
 
ऑर्किड फार्मा पर 24 बैंकों का करीब 3,200 करोड़ रुपये बकाया है। एकॉर्ड का आरोप था कि धानुका की वास्तविक समाधान योजना 570 करोड़ रुये की थी जबकि परिसमापन कीमत 1,309 करोड़ रुपये थी। एनसीएलटी ने कहा कि रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल के मुताबिक, एक और जहां धानुका की 570 करोड़ रुपये की समाधान योजना परिसमापन कीमत से कम थी, वहीं ऑर्किड फार्मा का नकद व बैंक शेष 321.98 करोड़ रुपये का था।
Keyword: pharma, medicine, health, orchid court,,
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