बिजनेस स्टैंडर्ड - पी2पी: कमाई का अच्छा मौका
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पी2पी: कमाई का अच्छा मौका

नम्रता आचार्य /  03 03, 2020

कॉलेज में पढऩे वाले नितिन ने हर महीने मिलने वाले जेबखर्च के पैसे पर पिछले महीने 22 फीसदी ब्याज कमाया। नितिन पीयर-टु-पीयर (पी2पी) ऋण प्लेटफॉर्मों पर नियमित निवेश करते हैं। उन्हें इसके बारे में पहली बार एक विज्ञापन से पता चला और उसके बाद वह इसकी तरफ खिंचते चले गए। विज्ञापन में कुछ इस तरह कहा गया था, 'अब बेकार पड़ी रकम असली लोगों को उधार देकर कमाइए 24 फीसदी ब्याज।'
पी2पी में कमाई को इस तरह समझा जा सकता है कि देश में पिछले एक साल के दौरान कोई भी क्षेत्र मंदी और वित्तीय संकट का मुकाबला उस तरह नहीं कर पाया, जिस तरह पी2पी ऋण या लेंडिंग ने किया है। पी2पी प्लेटफॉर्म ऐसे लोगों को कर्ज देते हैं, जिन्हें कर्ज देने से बैंक इनकार कर चुके होते हैं। पी2पी ऋण भारत के वित्तीय उद्योग में नया पनपता क्षेत्र है, जिसमें पिछले एक साल के दौरान 10 गुना बढ़ोतरी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मान्यता मिलने के बाद इसने खास तौर पर रफ्तार पकड़ी है। बैंक ने दिसंबर 2019 में पी2पी ऋण के नियम आसान बनाए और सभी प्लेटफॉर्मों पर व्यक्तिगत ऋण सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी।
इसमें अधिकतम ब्याज दर की कोई सीमा नहीं है, इसलिए कर्ज देने वाला कमजोर रेटिंग वालों को छोटी राशि के कर्ज देकर सालाना 15 से 25 फीसदी ब्याज कमा सकता है। यह बात अलग है कि बेलगाम ब्याज दरों के कारण क्षेत्र से जुड़े लोग चिंतित होने लगे हैं।
रंग दे के सह-संस्थापक रामकृष्ण एनके ने कहा, 'यह ऊंचा ब्याज कमाने का अड्डïा नहीं है। हम उन लोगों के लिए कर्ज का इंतजाम करते हैं, जो वित्तीय तंत्र से बाहर हैं। इसलिए यहां 30 से 40 फीसदी ब्याज कमाना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। मैंने आरबीआई से ब्याज दरों की अधिकतम सीमा तय करने की गुजारिश की थी।'
माइक्रोग्राम के सह-संस्थापक रंगन वरदान ने कहा, 'ब्याज दरों पर अंकुश लगाने की जरूरत है...हर पी2पी कंपनी का अपना मॉडल है। उनमें से ज्यादातर खुद को निवेश के वैकल्पिक मंच के रूप में पेश कर रही हैं।' गांवों पर केंद्रित पी2पी मॉडल में वेबसाइट कर्ज मांग रहे उन लोगों की सूची प्रकाशित करती है, जिन्हें बैंकों से कर्ज नहीं मिलता और साहूकारों के पास जाना पड़ता है। कर्ज देने वाला अपनी पसंद का कर्जदार चुनता है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये भुगतान करता है। कर्ज की किस्त हर महीने या तिमाही चुकाई जाती है। इस पर औसतन 16 से 18 फीसदी ब्याज होता है, जो 25 फीसदी तक पहुंच सकता है।
कभीकभार पी2पी कंपनी कर्ज चाहने वालों को प्लेटफॉर्म पर लाने और कर्ज पर नजर रखने के लिए सूक्ष्म वित्त कंपनी या गैर सरकारी संगठनों से भी हाथ मिला लेती हैं। कई बार वे खुद ही कर्जदार जुटाती हैं और कर्ज की निगरानी करती हैं। पी2पी प्लेटफॉर्म 2 से 5 फीसदी रकम बतौर शुल्क रख लेते हैं। कर्जदार को उसकी साख के मुताबिक 12 से 36 फीसदी तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
यह क्षेत्र तेज दौड़ा है तो जोखिम भी बढ़ा है। रंगन को लगता है कि कर्ज वसूली सबसे बड़ी चिंता है। इस तरह के कर्ज का बीमा भी नहीं होता। कुछ मामलों में जीवन बीमा होता है और कर्जदार की मौत पर बीमा कंपनी से रकम मिल जाती है। मगर यहां कर्ज चुकाने से मुकरने यानी डिफॉल्ट की दर 2 फीसदी से भी कम है। सबसे बड़ी पी2पी एनबीएफसी में शुमार रुपीसर्कल हर महीने करीब 3 करोड़ रुपये के कर्ज बांटती है और साल भर में इसका आकार 10 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। रुपीसर्कल के सह-संस्थापक अभिषेक गांधी के मुताबिक यहां कर्ज देने वालों को औसतन 16 से 18 फीसदी प्रतिफल मिल रहा है। कंपनी वित्तीय तंत्र से बाहर और 25,000 से 30,000 रुपये महीने से कम कमाने वालों को ही ज्यादा कर्ज देती है और बकाया राशि पर हर महीने 12 से 36 फीसदी ब्याज लिया जाता है। इन ग्राहकों में से ज्यादातर साहूकारों से और भी मोटे ब्याज पर कर्ज ले रहे थे।
पी2पी एनबीएफसी और त्वरित पर्सनल लोन प्लेटफॉर्म फिंजी का आकार साल भर में 10 गुना बढ़ा है। फिंजी के संस्थापक अमित मोरे के मुताबिक नियम स्पष्टï होने से इसमें वृद्घि तेज हुई है। मोरे ने कहा, 'हम समझाते हैं कि पी2पी ऐसी जगह है, जहां ईएमआई चुकाने के बजाय आप ईएमआई कमाते हैं।' कंपनी खुद कर्ज वसूलती है और उसके कर्ज की डिफॉल्ट दर बमुश्किल 1.02 फीसदी है।
इसी तरह पी2पी एनबीएफसी इंडिया मनीमार्ट साल भर में करीब 300 फीसदी बढ़ी है। कंपनी के सह-संस्थापक महेंद्र अग्रवाल ने कहा, 'पिछले साल भर में ऋणदाताओं की रुचि बढ़ी है। निवेशक 16 से 25 फीसदी प्रतिफल मिलने की उम्मीद कर सकता है।' पी2पी प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ रहे हैं और कम जोखिम में ज्यादा प्रतिफल दे रहे हैं, इसलिए उन्होंने नए और पुराने निवेशकों को लुभाया है। लेकिन लगातार वृद्घि के लिए लालच से दूर रहना जरूरी है।
बिजनेस स्टैंडर्ड पी2पी: कमाई का अच्छा मौका

 

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