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संसद में दिल्ली हिंसा पर भारी हंगामा

अर्चिस मोहन /  March 02, 2020

बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान सोमवार को संसद के दोनों सदनों में दिल्ली में हुई हिंसा का मुद्दा गूंजा जहां विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया। लोकसभा में विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई। राज्यसभा में विपक्षी दलों के सांसदों ने दिल्ली हिंसा को लेकर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया और मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह सदन में बयान दें। संसद में सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्षी दलों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने वर्तमान सदस्य जदयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो के पिछले दिनों हुए निधन के कारण दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तब हंगामे की वजह से तीसरी बार 4.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दिन में करीब 2 बजे विपक्षी दलों विशेषतौर पर कांग्रेस के कुछ सदस्य काले रंग का एक बैनर ले कर सदन के आसन के करीब आ गए जिस पर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई थी। 

जब कांग्रेस के गौरव गोगोई और रवनीत सिंह बिट्टू काले रंग का बैनर लेकर सत्ता पक्ष की सीटों की तरफ बढ़ रहे थे उस वक्त भाजपा के संजय जायसवाल प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक, पर चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। जायसवाल को इस तरह से बाधित किए जाने का भाजपा सदस्यों ने विरोध किया। 

भाजपा के निशिकांत दुबे और रमेश बिधूड़ी सहित कुछ सदस्यों को कांग्रेस सदस्यों से वहां से जाने को कहते हुए देखा गया। कुछ कांग्रेस सदस्यों को कागज के पन्ने फाड़कर हवा में लहराते हुए देखा गया। भाजपा के कई सदस्य कांग्रेस सदस्यों की तरफ तेजी से आते दिखे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच धक्का-मुक्की शुरू होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए टाल दी। 

इस दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और स्मृति इरानी को आपस में उलझे विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच बचाव करते देखा गया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी सदन में इस हंगामे के दौरान मौजूद थे। इरानी ने बाद में आरोप लगाया कि लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों ने भाजपा की महिला सदस्यों के साथ दुव्र्यवहार किया जिन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी शिकायत की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अराजक तत्व संसद की कार्यवाही को पिछले कुछ सत्र से बाधित कर रहे हैं और वह उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती हैं।  

पीठासीन अध्यक्ष रमादेवी ने तीन बजे सदन की बैठक एक घंटे के लिए स्थगित कर दी और उन्होंने कांग्रेस सदस्यों से नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने बहुत गलत किया है। हालांकि इसके बाद भी हंगामा जारी रही। भाजपा के सदस्य भी 'महात्मा गांधी अमर रहें, नकली गांधी जेल में रहें' का नारा लगा रहे थे। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने शाह के इस्तीफे से जुड़े बैनर अध्यक्ष के आसन पर रख दिए लेकिन उसे तुरंत हटा दिया गया। हंगामे के बीच लोकसभा में सरकार की ओर से गर्भ का चिकित्सकीय समापन संशोधन विधेयक 2020 और खनिज विधि संशोधन विधेयक 2020 पेश किए गए। इसके अलावा अध्यक्ष ने प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक, 2020 पर चर्चा शुरू कराने का निर्देश दिया। 

राज्यसभा में सभापति एम वेंकैया नायडू ने बैठक शुरू होने पर सूचीबद्ध दस्तावेज सदन पटल पर प्रस्तुत कराने के बाद बताया कि उन्हें विभिन्न दलों के सदस्यों की ओर से दिल्ली और देश के अन्य इलाकों में कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर चर्चा कराने की मांग कराने संबंधी नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह विषय महत्त्वपूर्ण है इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन दिल्ली में अब सामान्य हालात बहाल हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपने स्थान पर खड़े होकर इसका विरोध करते हुए इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।
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