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फरवरी में जारी रही वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में गिरावट

टी ई नरसिम्हन / चेन्नई March 02, 2020

वाणिज्यिक वाहन उद्योग में उदासी बनी हुई है और कंपनियां बिक्री में गिरावट का सामना कर रही हैं। अग्रणी वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं की संचयी बिक्री फरवरी 2020 में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले करीब 35 फीसदी घट गई। उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थिति में जल्द सुधार शायद ही गोगा क्योंकि कारोबारी गतिविधियों में नरमी और उपभोक्ताओं के कम खर्च के कारण भारत की आर्थिक गतिविधियां अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। ऐक्सल लोड के नियमों, नकदी संकट, जीएसटी, बीएस-4 की इन्वेंट्री और आर्थिक मंदी आदि से कंपनियों की बिक्री पर दबाव है।

टाटा मोटर्स की देसी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री फरवरी 2020 में एक साल पहले के 39,11 वाहनों के मुकाबले घटकर 25,572 वाहन रह गई। यह गिरावट मध्यम व भारी वाणिज्यिक वाहनों की अगुआई में हुई, जहां बिक्री पिछले साल के 12,437 वाहनों के मुकाबले 46 फीसदी घटकर 6,739 वाहन रह गई। इस दौरान निर्यात पर भी चोट पड़ी।

टाटा मोटर्स के अध्यक्ष (वाणिज्यिक वाहन कारोबार) गिरीश वाघ ने कहा, फरवरी में खुदरा बिक्री थोक से 37 फीसदी ज्यादा रही और इससे कंपनी को स्टॉक अब तक के निचले स्तर पर लाने में मदद मिली। मध्यम व भारी वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री पिछले महीने 23 फीसदी बढ़ी क्योंकि वाहनों के बेड़ा खरीदने वालों ने खरीदारी में इजाफा किया।

अशोक लीलैंड ने मध्यम व भारी वाणिज्यिक वाहनों की देसी बिक्री में 47 फीसदी की गिरावट दर्ज की और यह एक साल पहले के 12,621 वाहन के मुकाबले 6,745 वाहन रह गई। ट्रकों की बिक्री 58 फीसदी घटकर 4,706 रह गई, वहीं देसी बसों की बिक्री 36 फीसदी बढ़कर 2,039 रही। कुल देसी बिक्री फरवरी में 39 फीसदी घटकर 10,612 वाहन रह गई।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 25 फीसदी घटकर फरवरी में 15,856 वाहन रह गई। मध्यम व भारी वाणिज्यिक वाहन के क्षेत्र में महिंद्रा ने फरवरी में 436 वाहन बेचे। फरवरी में निर्यात 1,839 वाहनों का रहा। महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा, फरवरी में वाहनों का थोक वॉल्यूम आपूर्ति शृंखला में अवरोध और बीएस-6 उत्सर्जन नियमों की ओर बढऩे के कारण काफी कम रहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, मैं ट्रैक्टरों की बिक्री को ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संभावित सुधार के उत्साहजनक संकेत के तौर पर देखता हूं।

बजाज की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 38 फीसदी घटकर 21,871 वाहन रह गई, वहीं निर्यात 24 फीसदी घटकर 22,820 रह गया। कुल वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 31 फीसदी घटकर इस अवधि में 44,691 वाहन रही, जो पहले 65,104 रही थी। आयशर ट्रकों व बसों की बिक्री फरवरी में एक साल पहले के 5,337 वाहनों के मुकाबले घटकर 3,875 रह गई। निर्यात 39.4 फीसदी घट गया। उधर, वोल्वो ट्रकों की बिक्री 8 फीसदी घटकर 147 रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 160 रही थी।

परिदृश्य

वाघ ने कहा, बीएस-6 की ओर बढऩे के लिहाज से हम पटरी पर हैं और बीएस-4 स्टॉक की निकासी योजना के मुताबिक हो रही है और बीएस-6 वाहनों का उत्पादन हो रहा है। चीन में कोरोनावायरस के प्रसार से आपूर्ति में अवरोध के कारण बीएस-6 की ओर बढऩे में कुछ असर पड़ सकता है।

उधर, अशोक लीलैंड के मुख्य परिचालन अधिकाकरी अनुज कथूरिया ने हाल में कहा था, मुझे नहीं लगता कि अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही तक सुधार होगा। मांग बहाल होने में कुछ वक्त लगेगा। हालांकि अभी आंकड़ों का अनुमान लगाना मुश्किल होगा। 

ट्रैक्टर की बिक्री बढ़ी

महिंद्रा समूह का हिस्सा महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फार्म इक्विपमेंट सेक्टर ने फरवरी में देसी ट्रैक्टरों की बिक्री में 21 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 18,105 के मुकाबले 21,877 पर पहुंच गई। देसी ट्रैक्टर एस्कॉट्र्स की बिक्री फरवरी में 16.3 फीसदी बढ़कर 8,049 रही। निर्यात 71.4 फीसदी बढ़कर 522 रहा। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के अध्यक्ष (फार्म इक्विपमेंट सेक्टर) राजेश जेजुरिकर ने कहा, रबी के अच्छे उïत्पादन और फसल की अच्छी कीमतों की पृष्ठभूमि में ट्रैक्टरों की मांग बढऩे की उम्मीद है। आगे सरकार की तरफ से ग्रामीण व कृषि की मुख्य योजनाओं पर खर्च में बढ़ोतरी उद्योग के लिए बेहतर रहेगी।
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