बिजनेस स्टैंडर्ड - लवासा, 49 सहायक फर्मों के लिए फिर लगेगी बोली
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, July 09, 2020 03:17 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

लवासा, 49 सहायक फर्मों के लिए फिर लगेगी बोली

देव चटर्जी और रघु मोहन / मुंबई February 28, 2020

नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की तरफ से मूल कंपनी व सहायक कंपनियों की समाधान योजना के एकीकरण के फैसले के बाद लवासा कॉरपोरेशन लिमिटेड के लेनदारों ने इस कंपनी और 49 सहायक फर्मों के लिए दोबारा बोली मंगाने का निर्णय लिया है। लवासा पुणे के पास निर्माणाधीन पर्वतीय शहर है। लवासा और उसकी सहायक फर्मों पर संयुक्त रूप से करीब 7,700 करोड़ रुपये का कर्ज है, ऐसे में बैंकों ने कर्ज समाधान के लिए अगस्त 2018 में कंपनी को एनसीएलटी में घसीट लिया। एक सूत्र ने कहा, लवासा के पिछले बोलीदाताओं के पास लवासा और उसकी सहायक फर्मों को एक साथ खरीदने की वित्तीय क्षमता शायद नहीं होगी, ऐसे में लेनदारों ने बुनियादी ढांचे के साथ पूरे पर्वतीय शहर में दिलचस्पी रखने वालों से नई बोली मंगाने का फैसला लिया है। कई कंपनियों ने लवासा के लिए एकल इकाई के तौर पर अपनी-अपनी पेशकश जमा कराई है। इनमें दिल्ली की हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड, पुणे के बिल्डर अनिरुद्ध देशपांडे और यूवी ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (यूवी एआरसी) शामिल है। बाद में ओबेरॉय रियल्टी व अमेरिका की फंड इंटरप्स इंक भी इस दौड़ में शामिल हो गई।
 
मूल रूप से एचसीसी ने लवासा कॉरपोरेशन की स्थापना पुणे में साल 2000 में की थी, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से साल 2010 में परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करने पर रोक के बाद उसने बैंक के कर्ज भुगतान में चूक की। तब से यह भुतहा शहर बन गया है और सप्ताहांत में कुछ पर्यटक इस जगह को देखने आते हैं। घर खरीदने वाले कई लोग या तो अपने मकान के पजेशन की प्रतीक्षा कर रहे हैं और जिन्हें पजेशन मिल गया है वे वहां से बाहर निकल गए हैं। एनसीएलटी में सुनवाई के दौरान लवासा के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने कहा कि कुछ बोलीदाताओं ने लवासा कॉरपोरेशन के 6,200 करोड़ रुपये के एकल कर्ज के समाधान के बजाय लवासा की सभी कंपनियोंं के कर्ज समाधान का प्रस्ताव रखा था। हालांकि रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने अदालत को सूचित किया कि इन शर्तों पर फैसला लेने का अधिकार लवासा के पास नहीं है क्योंंकि अलग-अलग बैंकरों के साथ कई अन्य कानूनी इकाइयां हैं।
 
अदालत को यह भी बताया गया कि मूल कंपनी लवासा के साथ सहजीवी संबंध है, ऐसे में इन सहायक कंपनियों में से कई अपने राजस्व का स्रोत खो देंगे, इसलिए इन सभी के लिए समाधान योजना केएकीकरण का मतलब बनता है। ये कंपनियां लवासा को कैप्टिव पावर देने के अलावा आधारभूत परिवहन का परिचालन कर रही हैं, कन्वेंशन सेंटर का परिचालन व रखरखाव कर रही हैं और लवासा कॉरपोरेशन की इमारतों के भीतर खुदरा परिचालन भी कर रही हैं। एक अलग कंपनी लक्जरी होटल का परिचालन कर रही है।
 
ऐसे में अदालत का मानना था कि इन कंपनियों के जुड़ाव को देखते हुए लवासा कॉरपोरेशन को परिचालन में बनाए रखना अहम है ताकि सभी कंपनियों के लिए अधिकतम कीमत हासिल हो सके। ऐसे में सभी बोलीदाताओं के लिए इन कंपनियों के लिए एक पेशकश के जरिए बोली लगाना अहम होगा। अदालत ने कहा, दिलचस्प रूप से पिछले तीन बोलीदाताओं ने समाधान योजना के पूर्व शर्त के तौर पर एकीकरण की बात कही थी। इसलिए एकल आधार पर इन कंपनियों के लिए समाधान योजना की खोज मुश्किल होगी। हालांकि अगर लवासा कॉरपोरेशन की सभी कंपनियों का समाधान एकीकृत आधार पर किया जाए तो समाधान के जरिए अधिकतम कीमत हासिल की जा सकती है।
Keyword: NCLT, lavasa, pune,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

मूल्यांकन या कोष? निजी बैंकों के लिए बड़ा सवाल

Investmentsऐक्सिस बैंक के इतिहास में शायद ही कभी लगातार दो वर्षों के लिए पूंजी उगाही की

निजी बैंकों से दूरी बना रहे फंड प्रबंधक

अस्पताल कंपनियों की सेहत पर रहेगा दबाव

एफपीआई ने जून में किया 17,985 करोड़ रुपये निवेश

बाजार में सुधार से भी पीएसयू शेयरों में नहीं उत्साह

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.