बिजनेस स्टैंडर्ड - एमसीएक्स की रीब्रांडिंग पर रहेगा जोर : पी एस रेड्डी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, July 15, 2020 02:38 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

एमसीएक्स की रीब्रांडिंग पर रहेगा जोर : पी एस रेड्डी

राजेश भयानी /  February 28, 2020

कमोडिटीज एक्सचेंज में जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने साक्षात्कार में एमसीएक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी पी एस रेड्डी ने राजेश भयानी को कई नई पहल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आलू और बिजली वायदा जैसे उत्पादों में दिलचस्पी और डेरिवेटिव प्लेटफॉर्मों पर गोल्ड ईटीएफ पर जोर दिए जाने समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

 
कमोडिटी क्षेत्र में एमसीएक्स के लिए किस तरह की संभावना देख रहे हैं?
 
हम देख रहे हैं कि यह एक्सचेंज सभी जिंसों के लिए एक प्रमुख ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर उभर रहा है। हमने एमसीएक्स के लिए रीब्रांडिंग पहल पर भी ध्यान दिया है जिसे एमसीएक्स के लिए नए लोगो के साथ वित्त वर्ष 2021 में पूरा कर लिया जाएगा। हम कृषि जिंसों के कारोबार के लिए अच्छी संभावना देख रहे हैं। हमने एमसीएक्स की स्थिति मौजूदा धातु तथा ऊर्जा एक्सचेंज के साथ साथ कमोडिटीज एक्सचेंज के तौर पर मजबूत बनाए जाने पर जोर दिया है।
 
सरकार ने हाल में सोने के लिए इंडिया गोल्ड डिलिवरी स्टैंडड्र्स जारी किया है। इसका एक्सचेंज पर गोल्ड डेरिवेटिव पर क्या असर पड़ेगा?
 
एक उद्योग-व्यापी समूह (एसीएक्स शामिल) ने बीआईएस को इंडिया गुड डिलिवरी स्टैंडर्ड का मसौदा सौंपा था, जिसके बारे में जनवरी 2020 में आधिकारिक तौर पर घोषणा की गई। इसमें सराफा के लिए उत्पाद और तकनीकी मानक शामिल किए गए हैं। मौजूदा समय में सिर्फ लंदन बुलियन मेटल एसोसिएशन (एलबीएमए) प्रमाणित रिफाइनरियों द्वारा परिष्कृत सोने को ही एमसीएक्स प्लेटफॉर्म पर लाया जा सकता है। हालांकि, हम भारतीय सराफा रिफाइनरियों (भले ही वे एलबीएमए से मान्यताप्राप्त न हों) से गोल्ड डेरिवेटिव की अनुमति के लिए जांच प्रक्रिया पहले ही शुरू कर चुके हैं। यह भी महत्त्वपूर्ण है कि इस तरह की जांच प्रक्रिया में रिफाइनिंग और क्षमताओं की परख के साथ साथ जिम्मेदार खरीदारी एवं आपूर्ति शृंखला के लिए ओईसीडी दिशा-निर्देशों के पालन के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के मानकों वाली बेंचमार्किंग प्रक्रिया शामिल है। हम गुणवत्ता मानकों के साथ सख्त अनुपालन सुनिश्चित कर रहे हैं, क्योंकि हमने उत्पाद डिलिवरी सूची का विस्तार कर इसमें घरेलू रिफाइनरियों को शामिल किया है। हम उन ऑडिटरों के संपर्क में हैं, जो जवाबदेह खरीदारी और आपूर्ति शृंखला के लिए ओईसीडी दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं। 
 
अनिवार्य डिलिवरी पर अमल के बाद बेस मेटल डेरिवेटिव में गिरावट देखी गई है। आपने खोए हुए कारोबार को पुन: पटरी पर लाने के लिए क्या योजना बनाई है?
 
सभी धातु अनुबंधों में डिलिवरी-आधारित निपटान अनिवार्य बनाए जाने के बाद कारोबार में कमी आई है। नियामक की सलाह को ध्यान में रखते हुए हमने सभी धातुओं के लिए डिलिवरी आकार में बदलाव किया है। हालांकि हेजर और बड़ी कंपनियां हेजिंग बढ़ाने के लिए विभिन्न डिलिवरी आकार चाहते हैं। इसलिए, हम जस्ता, सीसा और एल्युमीनियम अनुबंधों के आकार बदल रहे हैं। इन आकार को जून अनुबंधों से 5 टन से 1 टन किया जा रहा है। इससे इन धातुओं में वास्तविक हेजिंग के साथ कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। हमने धातु उत्पादकों, उपभोक्ताओं और रिफाइनरों के साथ उनके हेजिंग व्यवसाय बढ़ाने की संभावना को लेकर चर्चा की है। हमारा जोर इस सेगमेंट में खोया आधार लौटाने पर रहेगा।
 
एक्सचेंज किन नए उत्पादों को पेश करने की योजना बना रहा है?
 
हमारे पास शुरू में आलू वायदा था और हम इसे पुन: पेश किए जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमने आगरा वेरायटी के आलू वायदा की ट्रेडिंग की अनुमति देने की योजना बनाई है। हमारी योजना में अन्य उत्पाद बिजली वायदा है और हम इसके लिए यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस संबंध में बाजार नियामक के तौर पर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) काम करेगा या केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी)। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। 
 
काफी समय पहले म्युचुअल फंडों को अनुमति दी गई थी। क्या आप इन्हें पेश करने की योजना बना रहे हैं?
 
हम म्युचुअल फंडों (एमएफ) को लेकर आशान्वित हैं। हमने एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के साथ संपर्क किया है और उससे अनुरोध किया है कि वह गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) को डेरिवेटिव प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होने को कहे। प्रस्ताव के तहत ईटीएफ अपनी जरूरत के अनुसार एमसीएक्स वायदा पर सोना खरीद सकते हैं और जरूरत के हिसाब से इसे रोलओवर कर सकते हैं। मौजूदा समय में वे पारंपरिक तौर पर सोने की खरीदारी करते हैं। 
Keyword: MCX, exchange, PS reddy,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार क्षेत्र में फिर छिड़ेगी शुल्क दरों को लेकर जंग?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.