बिजनेस स्टैंडर्ड - वोडाफोन ने फिर लगाई गुहार
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वोडाफोन ने फिर लगाई गुहार

संकटग्रस्त कंपनी ने की जीएसटी रिफंड एजीआर बकाये में समायोजित करने की मांग
मेघा मनचंदा / नई दिल्ली 02 26, 2020

दूरसंचार क्षेत्र का संकट

वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग को लिखा पत्र
8,000 करोड़ रुपये का जीएसटी फंड समायोजित करने की मांग
एजीआर भुगतान कार्यक्रम में राहत की गुजारिश
दूरसंचार क्षेत्र पर नियामकीय बोझ को व्यावहारिक बनाने का अनुरोध

बिजनेस स्टैंडर्ड वोडाफोन ने फिर लगाई गुहारवित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने अपने 8,000 करोड़ रुपये के जीएसटी रिफंड को एजीआर बकाये में समायोजित करने की मांग की है। एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने दूरसंचार विभाग को एक पत्र लिखकर यह मांग की है। कंपनी ने साथ ही सरकार से एजीआर बकाये के भुगतान के कार्यक्रम को भी टालने का अनुरोध किया है। कंपनी का कहना है कि उसकी वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है और उसके क्रेडिट को एजीआर बकाये में समायोजित किया जाए। कंपनी ने पत्र में लिखा है कि अगर सरकार करीब 8,000 करोड़ रुपये के जीएसटी क्रेडिट को एजीआर बकाये में समायोजित करने की अनुमति देती है तो वह स्व-आकलन की शेष मूल राशि का निपटान कर सकती है। कंपनी ने साथ ही सरकार से ब्याज, जुर्माने और जुर्माने पर ब्याज की शेष राशि का किस्तों में भुगतान करने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया है। 

सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग एक प्रस्ताव पर काम कर रहा है जिसके तहत कंपनी को स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और लाइसेंस फीस का किस्तों में भुगतान करने की अनुमति देकर राहत दी जा सकती है। वोडाफोन आइडिया को उस समय बड़ा झटका लगा था जब उच्चतम न्यायालय ने उसे बकाये के भुगतान में राहत देने से इनकार कर दिया था। कंपऽी अब तक 3,500 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है और स्व-आकलन के मुताबिक कंपनी को 23,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसमें से 7,000 करोड़ रुपये मूलधन है। कंपनी पर दूरसंचार विभाग का 54,000 करोड़ रुपये बकाया है।

कंपनी ने कहा, 'दूरसंचार उद्योग की वित्तीय मजबूती बेहद जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि इस क्षेत्र पर नियामकीय लागत बोझ को तुरंत व्यावहारिक बनाया जाए।' कंपनी ने अपने बकाये के भुगतान के लिए दूरसंचार विभाग से तीन साल की मोहलत मांगी है और साथ ही लाइसेंस फीस 8 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने का अनुरोध किया है। 

2016 में सरकार ने भविष्य की नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क 3 फीसदी निर्धारित किया था और सभी मौजूदा स्पेक्ट्रम आवंटनों के लिए एक भारांकित औसत फॉर्मूला मंजूर किया था। वोडाफोन आइडिया ने स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क को 3 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी करने की मांग की है। कंपनी ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में वित्तीय संकट की मुख्य वजह यह है कि कड़ी प्रतिस्पद्र्धा के कारण दूरसंचार सेवाओं की कीमत लागत से कम है। 2019 में बाजार कीमतों में कुछ इजाफा हुआ लेकिन यह लागत वसूलने के लिए पर्याप्त नहीं है। आधार मूल्य नियमन के बिना इसमें और बढ़ोतरी संभव नहीं है। फिक्स्ड कनेक्टिविटी चार्ज, आउटगोइंग वॉयस और डेटा प्राइस के साथ आधार मूल्य को तुरंत लागू किया जाना चाहिए।  

पिछले सप्ताह वोडाफोन आइडिया के शीर्ष अधिकारियों ने एजीआर बकाये में राहत के लिए वरिष्ठï सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की।  उच्चतम न्यायालय ने 14 फरवरी को एजीआर बकाये की भुगतान योजना में राहत देने के लिए दायर दूरसंचार कंपनियों की संशोधित याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इससे पहले न्यायालय ने पिछले साल 24 अक्टूबर को अपने फैसले में दूरसंचार विभाग की एजीआर की परिभाषा को सही करार देते हुए दूरसंचार कंपनियों को तीन महीने के भीतर अपने बकाये का भुगतान करने को कहा था।
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