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अंकेक्षण के नए नियम फर्मों को धोखाधड़ी से बचाएंगे

रुचिका चित्रवंशी / नई दिल्ली February 26, 2020

अंकेक्षक समुदाय के बीच वित्तीय अनुशासन लाने के लिए सरकार ने अंकेक्षकों से कहा है कि वे कंपनी की तरफ से दिए गए हर तरह के कर्ज की विस्तृत जानकारी मुहैया कराए, चाहे वह व्हिसलब्लोअर की शिकायतों पर आधारित हो या अंकेक्षण की आंतरिक व्यवस्था के आधार पर। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने कंपनीज अडिटर्स रिपोर्ट ऑर्डर 2020 अधिसूचित कर दिया है, जो अंकेक्षकों की तरफ से जांच-परख (ड्यू डिलिजेंस) और डिस्क्लोजर में इजाफे के लिए है। साथ ही कंपनी की पारदर्शी वित्तीय स्थिति ऐसे समय में सामने रखने की बात है जब अंकेक्षक नियामकीय कोप का सामना कर रहे हैं।
 
यह नियम 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद के वित्त वर्ष के ऑडिट रिपोर्ट पर लागू होगा। इस संशोधन में सूचना साझा करने की ज्यादा जिम्मेदारी कंपनियों पर डाली गई है। चूंकि अंकेक्षण का प्रोफेशन जांच के घेरे में है और चार बड़ी कंपनियों से दो ऑडिट क्लाइंटों के लिए गैर-ऑडिट सेवाएं बंद कर रही है। अंकेक्षकों को अब रिपोर्टिंग के सख्त मानकों का इस्तेमाल करना होगा। अंकेक्षण की गुंजाइश अपनी मौजूदा सीमा से बाहर करने के लिए अंकेक्षकों को अब यह खास तौर से पुनर्भुगतान की किसी शर्तों के बिना लिए गए कर्ज, कुल कर्ज का प्रतिशत और प्रवर्तकों व संबंधित पक्षकारों को दिए गए कर्ज के बारे में जानकारी देनी होगी।
 
कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स के पार्टनर अंकित सिंघी ने कहा, सरकार ने कंपनियों की तरफ से निवेशकों व नियामकों को भ्रमित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली खामियों को रोकरने के लिए धोखाधड़ी वाले घटनाक्रम से सबक लिया है। कंपनीज अडिटर्स रिपोर्ट ऑर्डर 2016 के उपबंधों को दोबारा तैयार किया गया है ताकि वैसी अचल परिसंपत्तियों की जानकारी मिल जाए, जो कंपनी के नाम पर नहीं है, लेकिन वित्तीय विवरण में उसका खुलासा किया गया है। बेनामी परिसंपत्ति वाली कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही का खुलासा और क्या कंपनी ने वित्तीय विवरण में इसका खुलासा किया है, उसकी जानकारी भी अंकेक्षक को देनी होगी।
 
आईएलऐंडएफएस जैसे मामलों से संकेत लेते हुए सरकार ने अंकेक्षकों से कहा है कि वे कंपनियों के संबंधित अंकेक्षकों की तरफ से एकीकृत वित्तीय विवरण में शामिल टिप्पणी (प्रतिकूल टिप्पणी) का जिक्र करे। हालांकि पहले के नियम के तहत अंकेक्षकों को कंपनी के प्रवर्तक या अधिकारियों की तरफ से की गई किसी तरह की धोखाधड़ी की रिपोर्ट देनी जरूरी थी, लेकिन अंकेक्षक रिपोर्ट में अब इसकी जानकारी देनी होगी।
Keyword: audit, company, PWC,,
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