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कृत्रिम मेधा के पूर्वग्रह से नडेला चिंतित

पीरजादा अबरार / बेंगलूरु February 25, 2020

कृत्रिम मेधा (एआई) प्रयोग कभी कभी पूर्वाग्रह से ग्रसित हो सकते हैं, यह अब कोई नई बात नहीं है और जब ऐसा हुआ है तो एआई की सबसे बड़ी समर्थकों में से एक माइक्रोसॉफ्ट इसे लेकर काफी चिंतित है। लेकिन रेडमंड में मुख्यालय वाली इस कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी सत्य नडेला के पास ऐसे पूर्वाग्रह को दूर करने के लिए सामान्य सॉल्युशन है। मौजूदा समय में भारत की तीन-दिवसीय यात्रा पर आए नडेला का कहना है कि यह एआई इंजन नहीं, बल्कि टीमें हैं जो इसका निर्माण करती हैं और साथ ही इंटेलीजेंट को विविध बनाने के लिए एल्गोरिदम तैयार करती हैं, जिससे कि उनके द्वारा तैयार सॉल्युशन किसी तरह के गैर-जरूरी पूर्वग्रह को प्रदर्शित न करें। 
 
हैदराबाद में जन्मे नडेला ने मंगलवार को बेंगलूरु में कंपनी के 'फ्यूचर डिकोडेड' टेक समिट में बोल रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर कहा, 'एआई को पूर्वग्रह से बचाने के लिए आपके पास विविध अनुभव वाली टीमें होना जरूरी है।'  माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि डेवलपरों को मानवाधिकार के तौर पर निजता के बारे में सोचना होगा, और इन प्रौद्योगिकियों का निर्माण करने वाली टीमों में  लिंग और जातीय विविधता होना जरूरी है। डेवलपर समुदाय और आईटी उद्योग के दिग्गजों की उपस्थिति वाले इस सम्मेलन में बोलते हुए नडेला ने कहा कि भारत जैसी अर्थव्यवस्था को अगले 10 साल में रिटेल, हेल्थकेयर और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों में डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाए जाने की जरूरत है। नए दशक के शुरू में भारत की अपनी यात्रा पर नडेला ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी का असर पिछले 10 वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से देखा गया है।
 
नडेला का बुधवार को नई दिल्ली में छात्रों के एक वर्ग, डेवलपरों और उद्यमियों से मुलाकात का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य हरेक संगठन को नई प्रौद्योगिकी अपनाकर सॉफ्टवेयर कंपनी बनने और इसके बाद उन्हें अपनी स्वयं की डिजिटल नवीनताओं के निर्माण में मदद करना है। उन्होंने कहा, 'किसी के द्वारा की गई गलती उसके लिए सीख प्रदान कर उसके भविष्य को मजबूत बना सकती है।' उन्होंने कहा कि जैसे जैसे प्रौद्योगिकी का दायरा बढ़ा है, डेवलपरों और कंपनियों के लिए समाज पर इसके असर के बारे में सोचने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। ऐसी एक जिम्मेदारी उस हरेक बैंक की तरह प्रौद्योगिकी में विश्वास पैदा करना है, जो मोबाइल ऐप बनाता है और ट्रांजेक्शन करता है। इसके लिए निजता को बढ़ावा देने और परिसंपत्तियों तथा ग्राहक डेटा के लिए साइबर सुरक्षा मुहैया कराने की भी जरूरत होगी। 
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